हिमाचल में बनी दवाइयां घटिया

प्रदेश के 13 उद्योगों की मेडिसिन जांच में पाई गई सब-स्टैंडर्ड

बीबीएन— केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की जांच में हिमाचल के 13 दवा उद्योगों में निर्मित दवाएं सब-स्टैंडर्ड पाई गई हंै,जो दवाएं गुणवत्ता के पैमाने पर बेअसर साबित हुई हंै, उनमें गैस्ट्रिक, हाईपर टेंशन, दर्द निवारक, घुटनों के दर्द, डायबिटिज, आयरन की कमी को दूर करने की दवा सहित किडनी ट्रांसप्लांट के मरीजों को दी जाने वाली दवा ,मल्टी विटामिन, कालेस्ट्राल ,एनिमिया, हाई बीपी के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हंै। इसके अलावा अल्सर के उपचार का इंजेक्शन, स्किन क्रीम व खांसी की सिरप के सैंपल भी फेल हो गए हैं।  राज्य दवा नियंत्रक ने सबंधित दवा उद्योगों को नोटिस जारी करते हुए सबंधित दवाओं का बैच बाजार से तत्काल उठाने के निर्देंश जारी किए है,  इसके अलावा प्राधिकरण का एनएसक्यू सैल भी अलग से इन उद्योगों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपेगा। जानकारी के मुताबिक सीडीएससीओ के अगस्त माह के ड्रग अलर्ट में देश के विभिन्न राज्यों के 29 दवा उद्योगों में निर्मित 34 तरह की दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर सकी है। इस अलर्ट में हिमाचल के कालाअंब, झाड़माजरी, पावंटा साहिब, नालागढ़ ,मैहतपुर, संसारपुर टैरेस स्थित उद्योगों में निर्मित दवाओं के सैंपल फेल होने का खुलासा हुआ है। हिमाचल के ड्रग कं ट्रोलर नवनीत मारवाहा ने बताया कि कंपनियों को सब-स्टैंडर्ड दवाइयों को पूरा बैच बाजार से उठाने के निर्देश दे दिए गए हैं।

 

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