Thursday, July 16, 2020 10:43 PM

हिमाचल में 30 जून तक कर्फ्यू के आसार

मंत्रिमंडल ने बढ़ाई जिला उपायुक्तों की शक्तियां, पहली जून से पूरे प्रदेश में दौड़ेंगी बसें

शिमला -हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने जिला उपायुक्तों की कर्फ्यू की शक्तियां 30 जून तक बढ़ा दी है। कैबिनेट के इस फैसले से हिमाचल प्रदेश में कर्फ्यू 30 जून तक बढ़ने के आसार बन गए हैं। इसके अलावा कैबिनेट में पहली जून से ट्रांसपोर्ट शुरू करने और स्कूल फीस पर बड़े फैसले लिए हैं। इसी बीच कैबिनेट ने यह फैसला पारित किया गया कि जिला उपायुक्त डीएम सीआरपीसी की धारा 144 की शक्तियों का प्रयोग 30 जून कर सकते हैं। बतौर जिला मजिस्ट्रेट इस धारा के तहत राज्य में कर्फ्यू लगा है। लिहाजा इसकी शक्तियां 30 जून तक बढ़ाए जाने से भविष्य के साफ संकेत मिले हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में और भी कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट के निर्णयों पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि राज्य में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को चलाने के लिए फैसला  लिया गया है। पहली जून से प्रदेश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू कर दिया जाएगा। इसमें सामाजिक दूरी के नियम को सुनिश्चित बनाया जाएगा और सरकारी के साथ प्राइवेट बसें भी चल सकेंगी। बस किराए में बढ़ोतरी से उन्होंने साफ इनकार किया। उन्होंने बताया कि टैक्सी व ऑटो को प्रदेश में चलने की इजाजत दे दी गई है, जिनको दूसरे जिला में जाने पर परमिट की जरूरत नहीं होगी, लेकिन सामाजिक दूरी सुनिश्चित रखनी होगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में 15वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत आयोग से अभी तक प्राप्त अनुदानों में से 70 प्रतिशत ग्राम पंचायतों, 15 प्रतिशत पंचायत समितियों और 15 प्रतिशत जिला  परिषदों को आबंटित किया जाएगा, ताकि वे विभिन्न विकास गतिविधियां चला सकें। कोविड-19 के वजह से देश व प्रदेश में जारी लॉकडाउन के कारण निजी शिक्षण संस्थानों को केवल ट्यूशन फीस लेने की ही अनुमति दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला में पशु औषधालय नगरोटा बगवां को आंचलिक पशु औषधालय के रूप में स्तरोन्नत करने और विभिन्न श्रेणियों के सात पद सृजित करने व भरने का निर्णय लिया। बैठक में बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान, लोगों व संस्थाओं को इन्हें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने और राज्य में गौ-अभयारण्य व गौ-सदनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से बेसहारा पशुओं का पुनर्वास योजना आरंभ करने को स्वीकृति प्रदान की गई। प्रारंभिक चरण में गौ-सदनों, गौशालाओं और गौ-अभ्यारण्य में रखी गई प्रत्येक गाय के लिए पांच सौ रुपए देने का फैसला किया गया है। पशुपालन विभाग को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गउओं की टैगिंग का कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए कहा गया है। दुष्कर्म व यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोस्को) के मामलों की सुनवाई के लिए एक वर्ष की अवधि के लिए शिमला, किन्नौर जिला के लिए रामपुर और सिरमौर जिला के लिए नाहन में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। कार्य लेन-देन के लिए भुगतान और लेखा प्रक्रिया में पारदर्शिता, सटीकता और दक्षता प्राप्त करने तथा भुगतान व रसीद उपकरणों की पेयरिंग में विलंब को दूर करने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के कार्यों को पूर्णतयः ट्रेजरी मोड में स्थानांतरित करने और पहली जुलाई, 2020 से एलओसी प्रणाली को समाप्त करने का निर्णय लिया। बैठक में चार विशेष भू-अधिग्रहण इकाइयों को पहली मार्च, 2020 से 28 फरवरी, 2021 तक एक वर्ष के लिए विस्तार देने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही पहले से ही उपलब्ध स्टाफ के साथ कार्य करने की भी अनुमति प्रदान की गई है। इन इकाइयों में बिलासपुर, पंडोह-1, पंडोह-2 और शाहपुर शामिल हैं, जहां कीरतपुर-बिलासपुर-नेरचैक-पंडोह, पंडोह-टकोली, टकोली-कुल्लू-मनाली और पठानकोट-चक्की-मंडी फोर लेन परियोजनाओं के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण होना है। मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग 21-ए बद्दी-नालागढ़-स्वारघाट की फोर लेनिंग के लिए भूमि अधिग्रहण के उद्देश्य से विशेष भू-अधिग्रहण इकाई नालागढ़ को पहली जनवरी, 2020 से 31 दिसंबर, 2020 तक आगामी एक और वर्ष का विस्तार मंजूर किया है। वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य मंत्रिमंडल ने शिमला जिले के ठियोग विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राकेश वर्मा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।