Monday, August 26, 2019 08:08 AM

हिमाचल विधानसभा का मानसूत्र 19 अगस्त से

जयराम कैबिनेट ने लिया फैसला, 31 अगस्त तक रिकार्ड 11 बैठकों का चलेगा दौर

शिमला -हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र 19 से 31 अगस्त तक आयोजित होगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक ने इस पर मुहर लगाई। इसके तहत इस बार मानसून सत्र में रिकार्ड 11 बैठकों का कीर्तिमान स्थापित होगा। इससे पहले मानसून सत्र में औसतन पांच से छह बैठकें आयोजित होती रही हैं। लोकसभा चुनावों के कारण अल्पावधि के बजट सत्र के कारण मानसून सत्र की बैठकों का दायरा बढ़ाया गया है। इसके तहत कैबिनेट ने 19 से 31 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र बुलाने का सुझाव राज्यपाल को दिया है। इसके अलावा बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल द्वारा 14 जुलाई को जिला सोलन के कुम्हारहट्टी के समीप एक भवन के गिरने से भारतीय सेना के 13 जवानों और एक आम नागरिक की मौत पर शोक व्यक्त किया। मंत्रिमंडल ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की तथा दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए परमपिता परमात्मा से प्रार्थना की। मंत्रिमंडल ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत जल रक्षकों के मानदेय को 2100 रुपए से बढ़ाकर 3000 रुपए किया गया है। पैरा फिटर और पैरा पंप ऑपरेटर्स के मानदेय को 3000 रुपए से बढ़ाकर 4000 रुपए किया गया है। इस निर्णय से 6220 जल रक्षक और लगभग 500 पैरा फिटर व पैरा पंप ऑपरेटर लाभान्वित होंगे। मंत्रिमंडल ने वर्तमान सेब सीजन के दौरान बागबानों को सेब के उचित दाम दिलवाने के लिए मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) जारी रखने का निर्णय लिया। मंडी मध्यस्थता योजना के तहत खरीद मूल्य को 7.50 रुपए से बढ़ाकर 8.00 रुपए प्रति किलोग्राम करने का निर्णय लिया गया। बागबानों की सुविधा के लिए राज्य के विभिन्न भागों में 279 खरीद केंद्र खोले जाएंगे। मंत्रिमंडल ने डा. यशवंत सिंह परमार जयंती का राज्य स्तरीय समारोह चार अगस्त को शिमला में आयोजित किया जाएगा। सौर ऊर्जा का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए राज्य मंत्रिमण्डल ने प्रदेश के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को राज्य उपदान के तहत लागत का 30 प्रतिशत उपदान देने का निर्णय लिया। इसमें 100 एलपीडी और 200 एलपीडी की क्षमता वाले सौर सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम भी शामिल है। बैठक में डिजाइन तथा निर्माण प्रबंधन के माध्यम से निर्माण तथा गिराए गए भवनों के मलबे को पुनः उपयोग करने तथा निष्पादन के लिए हिमाचल प्रदेश स्टेट कंस्ट्रक्शन एण्ड डेमोलिशन वेस्ट पालिसी बनाने का निर्णय लिया। इससे खुले में इस प्रकार के मलबे को फेंकने से उत्पन्न होने वाली पर्यावरणीय समस्याओं को रोकने में सहायता मिलेगी। नीति के तहत निर्माण तथा गिराए गए भवनों के मलबे के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी तथा निजी ऑपरेटरों/एजेंसियों अथवा शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से आगे की कार्रवाई की जाएगी। मंत्रिमंडल ने तीन ऊर्जा परियोजनाओं के पक्ष में इक्विटी में बदलाव लाने को स्वीकृति प्रदान की तथा यह भी निर्णय लिया गया कि सरकार की स्वीकृति के बिना हिस्से और नाम को न बदला जाए, ऐसा करने की स्थिति में जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया। परियोजना डिवेल्पर को सरकार से स्वीकृति लेने के लिए 60 दिनों की अवधि देने का भी निर्णय लिया गया, जिसमें उन्हें कोई जुर्माना नहीं लगेगा।  बैठक में सीधी बिक्री तथा बहु-स्तरीय विपणन के व्यापार को नियंत्रित करने तथा उपभोक्ताओं के हितों एवं कानूनी अधिकारों की रक्षा तथा धोखाधड़ी को रोकने के लिए सीधी बिक्री तथा बहु-स्तरीय विपणन पर वर्तमान नियंत्रण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हिमाचल प्रदेश स्टेट डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन्ज-2019 को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में पांवटा साहिब कालेज में शैक्षणिक सत्र 2019-20 से स्नातकोत्तर कक्षाएं आरंभ करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा रिकांगपियो स्थित टीएस नेगी राजकीय महाविद्यालय में भी अगले सत्र से राजनीतिक विज्ञान व इतिहास विषयों में स्नातकोत्तर कक्षाएं आरंभ की जाएंगी। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सलोट और सिरमौर जिला के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जामना में विज्ञान की कक्षाएं आरंभ करने तथा कांगड़ा की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं मलाहरी, ठाकुरद्वारा और मकरोली और मंडी केवरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सलोट में वाणिज्य कक्षाएं आरंभ करने का निर्णय लिया। मंडी जिला की थुनाग तहसील के अंतर्गत लंबाथाच नलवाड़ मेले को जिला स्तर का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया। मंडी के बड़ा गांव में नया पशु औषधालय खोलने और इसके लिए पांच पद सृजित करने, शिमला की अढ़ाल पंचायत के कंडा गांव में आवश्यक पदों के सृजन के साथ पशु औषधालय खोलने को स्वीकृति दी गई है। बैठक में कांगड़ा की त्याबल पंचायत के पटवार वृत्त बड्डलठोर, डोडरा पंचायत के डोडरा, डाडासिब्बा पंचायत के जंबल व डिडासिब्बा, गुर्नवाड पंचायत के डाडासिब्बा, पांजल, जखधार, शामनगर, चनौर और जंबल को औद्योगिक गलियारे के अंतर्गत संभावित औद्योगिक जोन में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। मंत्रिमंडल ने प्रदेश उच्च न्यायालय में सीधी भर्ती के माध्यम से सिविल जजों के पांच पद भरने का निर्णय लिया, ताकि विभिन्न मामलों की सुनवाई में तेजी लाई जा सके। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के सात पद और सांख्यिकी सहायक के 10 पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इन पदों को हि.प्र. कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर के माध्यम से अनुबंध आधार पर भरा जाएगा। बैठक में मंडी जिला की ग्राम पंचायत कुकलाह के काशिंबलीधार, तहसील बालीचौकी के अंतर्गत कशौड़ पंचायत के चुनानी और चच्योट तहसील की तांदी तहसील में आवश्यक पदों के सृजन सहित स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, मंडी जिला के शिल्हाणु में दो पदों के सृजन के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने का भी निर्णय लिया गया है।