Friday, December 06, 2019 09:50 PM

हे भगवान! मुझे ऐसी जिंदगी क्यों दी

न बिजली-पानी, न रहने के लिए सुरक्षित घर। दोनों बेटे दिव्यांग और पत्नी मानसिक रोगी। आखिर हीरा सिंह करे भी तो क्या। यह हाल है गिरिपार की भवाई पंचायत के जोगीबाग निवासी का। मजदूरी करके हीरा सिंह अपने असहाय परिवार का पालन पोषण कर रहा है, पर अब मजदूरी करने लायक भी नही हैं, क्योंकि बिमारी ने शरीर को जकड़ लिया है। तूफान से उनके कच्चे मकान की छत उड़ चुकी है। हैरानी बात यह है कि यह परिवार बीपीएल सूची से भी बाहर है। बेचारा हीरा सिंह एक तो अपने अपंग परिवार से परेशान है, ऊपर से घर मे असुविधाओं का आलम।  हीरा सिंह दिन-रात इसी सोच में गुजार रहा है कि काश कोई फरिश्ता आए और इस तकलीफ भरी जिंदगी से निकालकर, सुकून की सांसें दे।