Saturday, January 25, 2020 11:23 PM

हैवानियत की पराकाष्ठा

-पूजा चोपड़ा, पुराना मटौर

सच कहा है कि कलियुग है कुछ भी हो सकता है। सरकाघाट में तीन युवकों द्वारा मानसिक रूप से कमजोर एक युवक के साथ कुकर्म मामले की खबर पढ़ते ही हम गुस्से से लाल हो जाते हैं तो जिन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया क्या उनके पास दिल ही नहीं था, इतनी हैवानियत। लड़कियों का रेप होता है, तो रेप हो जाने के बाद भी उसके चरित्र पर अंगुली उठाई जाती है, लेकिन जब लड़कों के साथ ही कुकर्म होने लग जाए तो क्या कहा जाएगा। जितने गुनहगार कुकर्म करने वाले हैं उतने ही ज्यादा वह पुलिस कर्मी हैं जिन्होंने केस को दबाने की कोशिश की, इसलिए वह भी सजा के हकदार है।