Monday, June 01, 2020 02:35 AM

होटल… बिजली के डिमांड चार्ज रद्द

डलहौजी  - फेडरेशन आफ होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन डलहौजी की विशेष कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को संपन्न हुई। बैठक के दौरान होटल्स रेस्टोरेंट्स संचालकों को वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न हुई स्थिति में आने वाली समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस मौके पर एसोसिएशन के संरक्षक  मनोज चड्डा ने कहा कि होटलों के बिजली के डिमांड चार्ज को छह माह तक रद्द करने पर होटल इंडस्ट्री प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करती है, लेकिन होटल इंडस्ट्री को इस बात का रोष है कि पर्यटन इंडस्ट्री को केंद्र सरकार द्धारा घोषित 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज में राहत नहीं दी गई। केंद्र सरकार ने जिन माध्यमों से पर्यटन उद्योग को अन्य माध्यमों से थोड़ी बहुत राहत दी भी है तो उसका कोई लाभ पर्यटन उद्योग को न मिलने के बराबर है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का असर केवल होटल व्यवसाय पर ही नहीं बल्कि पर्यटन उद्योग से प्रत्यक्ष व् अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े करीब 38 करोड़ लोगों पर पडा है, जिससे उबरने के लिए लंबा समय लग सकता है। इसके लिए लोगों ने प्रदेश व् केंद्र सरकारों से राहत देने की मांग की है। इसमें बिजली, पानी व सीवरेज की दरों को व्यावसायिक से घरेलू दरों में तब्दील करना बैंकों की ऋण की किश्तों को ब्याज मुक्त कर कम से कम एक साल के लिए स्थगित करना मुख्य हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग को एमएसएमई के तहत लाना सहित विभिन्न मुद्दों का एक मांग पत्र बनाकर प्रदेश व केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा। एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार गौरव खन्ना ने कहा कि होटल उद्योग चलाने में जरूरी विभिन्न विभागों के लाइसेंस बिना फीस के कम से कम एक साल के लिए बढ़ा दिए जाएं और साथ ही पर्यटन नगरी डलहौजी के विकास के लिए जो भी जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना बनाकर उन कार्यों को गति दी जाए ताकि कोरोना के बाद फिर से पर्यटन उद्योग को सामान्य होने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पर्यटन की दृष्टि से पिछड़ रहे डलहौजी को फिर से पटरी पर लाने के लिए और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डलहौजी को रेलवे लाइन से जोड़ा जाए ताकि यहाँ घरेलू पर्यटन में नवसंचार हो सके। वरिष्ठ उपायक्ष अशोक महाजन ने मांग की कि होटल की जीएसटी की दरों को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए और होटल इंडस्ट्री को सबसिडी के माध्यम से साफ्ट ऋण उपलब्ध करवाकर राहत दी जाए, ताकि देश की जीडीपी में अपना दस प्रतिशत योगदान देने वाली पर्यटन उद्योग फिर से पटरी पर आ सके। बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र पुरी नीटा व महासचिव हरप्रीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।