Tuesday, April 13, 2021 11:09 AM

शिवा प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 100 मिलियन डॉलर

परियोजना के डिजाइन-प्लानिंग पर काम शुरू, सात जिलों में कवर होंगे 4200 हेक्टेयर

अश्वनी पंडित—बिलासपुर

एचपी शिवा (हिमाचल प्रदेश उपोषण बागबानी सिंचाई एवं मूल्य संवर्धन) परियोजना के तहत चिन्हित सात जिलों में 100 मिलियन डॉलर खर्च किए जाएंगे। एडीबी द्वारा वित्त पोषित परियोजना के तहत इस वित्त वर्ष में 4200 हेक्टेयर एरिया कवर कर प्लांटेशन करने का लक्ष्य तय किया गया है। प्रोजेक्ट की डिजाइनिंग और प्लानिंग का कार्य भी शुरू हो गया है। बागबानी व जलशक्ति विभागों की संयुक्त टीमों ने सात जिलों में 350 क्लस्टर चिन्हित किए हैं। एडीबी की ओर से डिजाइन व प्लानिंग की अप्रूवल के बाद अगली कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। बागबानी निदेशालय शिमला में कार्यरत परियोजना के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर डा. देवेंद्र ठाकुर ने खबर की पुष्टि की है।

उन्होंने बताया कि पायलटबेस पर यह परियोजना सबसे पहले प्रदेश के चार जिलों बिलासपुर, मंडी, कांगड़ा व हमीरपुर के दस ब्लॉकों में शुरू की गई और इन चार जिलों में 17 क्लस्टर बनाए गए तथा 170 हेक्टेयर एरिया कवर करने का लक्ष्य तय किया गया, जिसके तहत अभी तक 110 हेक्टेयर एरिया कवर किया जा चुका है, जबकि शेष 60 हेक्टेयर एरिया को कवर करने के लिए अभी प्लांटेशन का कार्य चल रहा है। मार्च माह के अंत तक प्लांटेशन का यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तीन जिले और इस परियोजना में शामिल किए गए हैं जिनमें ऊना, सिरमौर व सोलन शुमार हैं। इन तीन जिलों के पांच ब्लॉक कवर किए जाएंगे। इनमें ऊना का एक, जबकि सिरमौर व सोलन के दो-दो ब्लॉक कवर होंगे। परियोजना के तहत संतरा, लीची, मौसम्मी, अमरूद व अनार का रोपण किया जा रहा है। जहां फल उत्पादन कम होता है, ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अतिरिक्त ऐसे स्थान भी चयनित किए गए हैं, जहां जंगली जानवरों के बढ़ते प्रभाव से किसान बागबानों ने खेतीबाड़ी व बागबानी से किनारा कर लिया है।

छह फुट ऊंची कटीली तार लगेगी

प्रोजेक्ट के तहत पशुओं से फसलों को बचाने के लिए धरातल से छह फुट ऊंची कंटीली तारें लगाने के साथ ही इनके ऊपर सोलर फैंसिंग की जाएगी। बागबानों को सिंचाई सुविधा के लिए चैकडैम इत्यादि तैयार करवाए जाएंगे। जहां-जहां जलशक्ति विभाग की स्कीमें हैं, उनका भी प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।