Monday, September 16, 2019 07:55 AM

108 में न लगे फार्मासिस्ट की ड्यूटी

संघ ने कहा, जब निजी कंपनी को सौंपा काम, तो खुद रखे कर्मी

टांडा - हिमाचल प्रदेश अस्पताल फार्मासिस्ट संघ ने फार्मासिस्ट वर्ग की विशेष की ड्यूटी 108 एंबुलेंस में लगाए जाने का कड़ा विरोध व्यक्त किया है। संघ का कहना है कि एंबुलेंस सेवा के संचालन का जिम्मा प्राइवेट कंपनी को सौंपा गया है तथा इसके लिए सरकार द्वारा कंपनी को धनराशि भी प्रदान की जाती है। बावजूद इसके अस्पतालों में तैनात फार्मासिस्टों की ड्यूटियां 108 एंबुलेंस में कैसी लगाई जा सकती हैं। प्रदेश फार्मासिस्ट संघ के प्रधान अनिल सोनी, कार्यकारी प्रधान विनोद भारद्वाज, वरिष्ठ उपप्रधान भारत भूषण चौहान, महासचिव  हेम सिंह गुलेरिया, उपप्रधान अनिता राणा, सन्नी डोगरा, अनिल, प्रणव सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा जनसाधारण को उचित स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा चलाई गई है, जिससे कि बीमारी के दौरान आम आदमी अस्पताल तक पहुंच सके। इसलिए यह काम टेंडर के तहत प्राइवेट कंपनी को सौंपा गया और इसके लिए उन्हें सरकार उचित धन राशि देती है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट कंपनी द्वारा संचालित की जा रही इस सुविधा में सरकारी कर्मचारी की तैनाती कैसे की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस सेवा के बेहतर संचालन के लिए कंपनी को कर्मचारियों की तैनाती तथा व्यवस्था की जानी चाहिए। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अस्पतालों में तैनात फार्मासिस्टों के पास पहले ही अधिक काम है और व्यस्त रहते हैं। फार्मासिस्टों द्वारा दवाई देना, इंजेक्शन लगाना, टांके लगाने, दवाइयां ऑनलाइन कम्प्यूटर पर चढ़ाने तथा अब आरएनटीसीपी के अंतर्गत डॉट्स की दवाएं बांटना व उन्हें भी कम्प्यूटर पर चढ़ाने के अलावा एनएचएम के कार्य भी फार्मासिस्टों से लिए जा रहे हैं। हिमाचल फार्मासिस्ट संघ ने प्रदेश मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री से मांग उठाई है कि 108 एंबुलेंस सेवा में फार्मासिस्टों की तैनाती को लेकर जारी किए गए आदेशों को वापस लिया जाए।