Thursday, August 06, 2020 07:42 PM

11 पार्षदों के दम पर कुर्सी की आस में कांग्रेस

शिमला - नगर निगम में 11 पार्षदों के दम पर कांग्रेस अब कुर्सी की आस में है। हालांकि जून 2017 में हुए नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस को बहुमत न मिलने से महापौर और उपमहापौर की कुर्सी से हाथ धोना पड़ा था, लेकिन अब अढ़ाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अगले अढ़ाई साल के लिए कांग्रेस दावेदारी जताने लगी है। नगर निगम के 34 में से 11 पार्षद कांग्रेस के पास हैं, जबकि भाजपा के पास 22 और एक माकपा समर्थित है। ऐसे में कांग्रेस का दावा है कि उनके 11, माकपा से एक और भाजपा के कुछ पार्षदों से भी संपर्क बनाए रखी है। गौरतलब है कि नगर निगम शिमला में महापौर का पद अगले अढ़ाई साल सामान्य वर्ग के लिए होगा। जिसमें महिला या पुरूष कोई भी महापौर बन सकता है। निगम शिमला में अंतिम अढ़ाई साल के कार्यकाल की सरदारी के लिए भाजपा पार्षदों में सियासी जंग शुरू हो चुकी है। इसके मद्देनजर गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई।  इस बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर निगम शिमला के महापौर और उपमहापौर के चुनाव में कांग्रेस  समर्थित पार्षद भी इन दोनों पदों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने बैठक के बाद सभी कांग्रेस समर्थित पार्षदों से अलग अलग बैठक कर इन दोनों पदों पर उपयुक्त उम्मीदवार बारे भी उनकी राय जानी। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने इन दोनों पदों पर उम्मीदवार चयन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया। कमेटी में कुसम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह, शिमला ग्रामीण के विधायक विक्त्रमादित्य सिंह व पार्टी पदाधिका रजनीश किमटा को शामिल किया गया है। कमेटी कांग्रेस के इन पार्षदों से बैठक कर उनकी इन पदों पर राय जानकर कांग्रेस अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट 16 दिसंबर तक प्रस्तुत करेगी। इसी आधार पर कांग्रेस अध्यक्ष इन दोनों पदों पर उम्मीदवार बारे अंतिम फैसला लेंगे। पार्षदों ने एकमत से कहा कि जो भी फैसला प्रदेश अध्यक्ष लेंगे वह उन्हें मान्य होगा। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव हरि कृष्ण हिमराल भी उपस्थित थे।

ये हैं कांग्रेस समर्थित असली पार्षद

नगर निगम के 34 वार्ड में से 11 वार्डों में कांग्रेस पार्षद हैं। दिवाकर दत्त शर्मा, कुलदीप कुमार, राकेश चौहान, इंद्रजीत सिंह, तनुजा चौधरी, सिमी नंदा, आनंद कौशल, सुषमा कुठियाला, कुसुम ठाकुर, रीटा ठाकुर और शारदा चौहान नगर निगम में कांग्रेस पार्षद हैं। जबकि माकपा की शैली शर्मा कांग्रेस का समर्थन कर सकती है। ऐसे में अब कांग्रेस को महापौर और उपमहापौर की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए छह पार्षद और चाहिएं।

भाजपा के 17 पार्षदों में छिड़ी जंग

महापौर पद के लिए उपमहापौर राकेश शर्मा के साथ चार भाजपा महिला पार्षदों ने दावेदारी ठोंक दी है। हालांकि महापौर और उपमहापौर का फैसला सरकार और संगठन की सहमति के बाद ही होना है, लेकिन कुर्सी की आस में कई पार्षद सरकार के द्वार दस्तक दे चुके हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक शहरी विकास विभाग ने नगर निगम की आपात बैठक 17 दिसंबर को बुलाई है। यह पहली बैठक होगी, जिसमें कोरम पूरा होने के बाद ही महापौर और उपमहापौर की नियुक्ति होगी। मगर किसी कारणवश कोरम पूरा नहीं हाता है तो दूसरी बैठक 18 दिसंबर को होगी, जिसमें कोरम पूरा होना या न होना कोई शर्त नहीं रहेगी। यानी 18 दिसंबर को वोटिंग के माध्यम से भी दोनों पदों को चुना लिया जाएगा। भाजपा सूत्रों के मुताबिक महापौर पद के लिए वर्तमान महापौर कुसुम सदरेट, पार्षद संजीव ठाकुर, शैलेंद्र चौहान, उपमहापौर राकेश शर्मा, पार्षद मीरा शर्मा, सत्या कौंडल सहित एक अन्य महिला पार्षद दौड़ में हैं।