Sunday, July 05, 2020 07:18 AM

11 साल बाद भी तर नहीं हुए 14 गांवों के खेत

मझियार-सेरा, पखरोल सिंचाई योजना से केवल टेस्टिंग के समय ही मिला पानी, खेतों में डाली पाइपें भी हुइर्ं गायब

नादौन -नादौन के निकट कोहला गांव में स्थित मझियार, सेरा, पखरोल सिंचाई योजना के स्थापित होने के 11 वर्ष बाद भी किसानों को आज तक इसका लाभ नहीं मिला है। करीब अढ़ाई करोड़ की लागत से बनी इस योजना के तहत मात्र इसके टेस्टिंग के समय ही किसानों को पानी मिल पाया था। उसके बाद अब तो कई स्थलों पर खेतों में डाली गई सप्लाई पाइपें या तो गायब हो गए हो चुकी हैं या वह पूरी तरह ब्लॉक हो चुकी हैं। क्षेत्रवासियों अमन, अंकित, रवि, विपन, दिनेश, सुधीर आदि ने बताया कि 2006-07 में तत्कालीन भाजपा सरकार के समय यह योजना स्वीकृत हुई थी और 2009 में तैयार हो गई थी। इस योजना के तहत क्षेत्र के 14 गांव मंझियार, पखरोल, बटरान, सेरा, गौना, भदरोल, कुठारली, गुजरेड़ा, डोडण, गंडियाणा, मलांकड़, चौकी, कलैहण व कुहैर गावों को इसका लाभ मिलना था। ग्रामीणों ने बताया कि इस योजना बारे वह कई बार अधिकारियों को सरकार से इसे चालू करने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें केवल यह जवाब दिया जाता है कि सप्लाई टैंक डेढ़ मीटर चौड़े हैं, परंतु मशीन की क्षमता प्रति सेकंड 65 लीटर पानी लिफ्ट करने की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यदि टैंक छोटे थे तो मशीन भी छोटी चाहिए और यदि मशीन बड़ी क्षमता की लगनी थी तो टैंक छोटे क्यों बनाए गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि ये मशीनें चली ही नहीं तो 2017.18 में करीब 88.450 तथा 2018-19 में 3,47,000 इनके रखरखाव पर खर्च कैसे आ गया। उन्होंने बताया कि सूचना के अधिकार के तहत उन्होंने यह जानकारी हासिल की है। उन्होंने बताया कि वह अपनी शिकायत संख्या 94132 के तहत भी कई बार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के नंबर पर भी शिकायत कर चुके हैं, परंतु उन्हें कोई उचित जवाब नहीं दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार यह 14 गांव मौसमी फसलों सहित सब्जी आदि का उत्पादन भी करते हैं, परंतु योजना का लाभ न मिलने के कारण उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। उन्होंने बताया कि उन्हें सिर्फ यह कहा जाता है कि किसान पानी की मांग नहीं करते, परंतु यह नहीं बताया जाता कि  मांग की प्रक्रिया क्या है और कहां इस बारे मांग की जा सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस योजना की शीघ्र आरंभ करवाने की मांग की है। इस संबंध में विभाग के एसडीओ रामरतन शर्मा ने बताया कि उन्हें यहां आए कुछ समय हुआ है, परंतु इस योजना के लिए बड़े टैंक बनाने का कार्य प्रगति पर है यह पूरा होते ही इसे चालू कर दिया जाएगा।