Saturday, October 24, 2020 10:49 PM

12 घंटे काम नहीं करेंगे

कुल्लू में केंद्र-राज्य सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने किया प्रदर्शन

 कुल्लू-जिला मुख्यालय कुल्लू में केंद्र सरकार और राज्य सरकार  पर ट्रेड यूनियनें खूब बरसीं। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर पूरे देश में मजदूरों द्वारा विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिला कुल्लू में भी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की संयुक्त समन्वय समिति जिला कुल्लू द्वारा सीटू कार्यालय कुल्लू से सैकड़ों मजदूरों द्वारा रैली निकाली गई व जिलाधीश कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया गया। समिति के संयोजक राजेश ठाकुर ने बताया कि आज केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधन किए जा रहे हैं। श्रम कानूनों में किए गए बदलाव पूर्णतः मजदूर विरोधी हैं। इन बदलावों से भारत व हिमाचल प्रदेश के करोड़ों मजदूरों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

इससे देश के लगभग 73 प्रतिशत मजदूर श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगे। ठेका मजदूर कानून बदलाव से करोड़ों मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा बिलकुल नष्ट हो जाएगी तथा औद्यौगिक मजदूरों की स्थिति बंधुआ मजदूरों की तरह हो जाएगी। काम के घंटे आठ से बारह होने से मजदूरों का शोषण और बढ़ेगा और एक तिहाई मजदूर रोजगार से वंचित हो जाएंगे। श्रम कानूनों में बदलाव उद्योगपतियों, पूंजीपतियों व ठेकेदारों के हित में है व इससे मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। बैंक, बीमा, रेलवे, बीएसएनएल, रक्षा क्षेत्र, कोयला, एयरपोर्ट सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्रों को एक एक करके बेचा जा रहा है, जो कि बेहद चिंतनीय विषय है। सरकार ने पचास साल की आयु पूर्ण करने अथवा 30 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने पर नियमित सरकारी कर्मचारियों की छंटनी व जबरन रिटायरमेंट का फरमान जारी कर दिया है, जो चिंतनीय है। नवउदारवादी नीतियों के चलते पहले ही नियमित सरकारी कर्मचारियों की जगह ठेके, अनुबंध, पार्टटाइम, टैंपरेरी तरीकों से भर्तियां की जा रही हैं व नियमित रोजगार पर अघोषित प्रतिबंध है, उस पर सरकार जबरन रिटायमेंट का फरमान जारी कर रही है।

इसलिए   सरकार से मांग की गई है कि श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधनों पर रोक लगाई जाए। 44 श्रम कानूनों के बदले चार लेबर कोडों की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। 50 वर्ष की आयु अथवा 30 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने वाले नियमित्त सरकारी कर्मचारियों की छंटनी व जबरन रिटायरमेंट के आदेशों पर रोक लगाई जाए। इस अवसर पर सीटू के जिलाध्यक्ष सर चंद ठाकुर, सीटू के जिलाध्यक्ष भूप सिंह भंडारी, खेतीहर मजदूर यूनियन इंटक अध्यक्ष चंद्र वल्लभ नेगी ने भी प्रदर्शन में मजदूरों को संबोधित किया। प्रदर्शन में इंटक के राजेंद्र, संगत राम, सीटू के चमन लाल, उत्तम ठाकुर, पवन कुमार, प्रवीण कुमार, चुनी लाल, रामेंद्र शर्मा, अमित कुमार सहित काफी संख्या में संयुक्त समन्वय समिति के पदाधिकारी व मजदूर, किसान मौजूद रहे।

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