Tuesday, March 31, 2020 01:58 PM

120 करोड़ आबादी ‘कैद’

कोरोना का कहर, सारा कामधाम छोड़कर घरों में दुबकने को मजबूर हुए लोग

नई दिल्ली - 21वीं सदी में दुनिया एक बेहद भयावह दौर से गुजर रही है। मानव सभ्यता पर संकट के ऐसे बादल मंडरा रहे हैं कि लोगों को अपना सारा कामधाम छोड़कर घरों में दुबकने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्कूल, आफिस, मॉल, कम्युनिटी हॉल, सांस्कृति केंद्र, रेस्तरां और दुकानों पर ताला लगा हुआ है, तो न लोगों को लग्जरी प्लेन की उड़ानें भा रही हैं न साइकिल की। जीवन पर ऐसा ब्रेक चीन से फैले कोरोना वायरस ने लगा दी है। दुनिया के 192 देश कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। 15,337 लोगों की मौत हो चुकी है। तीन लाख 51 हजार 084 संक्रमित हैं। हालांकि, इसी दौरान करीब एक लाख मरीज स्वस्थ भी हुए हैं।  कई देशों में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लॉकडाउन की स्थिति है और एक अनुमान के मुताबिक एक अरब से अधिक लोगों को घरों में रहने को कहा गया है, जब धरती पर मानव आबादी 7.7 अरब है तो एक अरब का घर के अंदर बंद हो जाना बड़ी बात है। खबर के मुताबिक दुनिया के 50 से अधिक देश और क्षेत्रों ने अपने 120 करोड़ लोगों को घरों के अंदर रहने को कहा है। कुछ देशों में पूरी तरह लॉकडाउन है तो कुछ देशों ने सीमित इलाके को लॉकडाउन किया है। चीन, डेनमार्क, अल-सल्वाडोर, फ्रांस, आयरलैंड, इटली, जर्मनी, ब्रिटेन, पोलैंड, स्पेन, बेल्जियम, अर्जेंटीना, वेटिकन सिटी, नार्वे, ईरान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और इंडोनेशिया सहित 20 देशों ने लॉकडाउन लागू किया हुआ है। इसके अलावा भारत, पाकिस्तान, अमरीका जैसे देशों ने किसी शहर या एक सीमित इलाके में लॉकडाउन लागू किया है। अमरीका में लॉकडाउन नहीं है, लेकिन यहां कुछ राज्यों ने अपने यहां अपने स्तर पर कड़े फैसले लिए हैं। केनटकी, लुजियाना, ओहायो, डेलावेयर, नेवाडा, कैलिफोर्निया जैसे कुछ राज्यों ने लोगों को घरों के अंदर रहने के आदेश दिए हैं तो कई ऐसे शहर भी हैं, जिसने लॉकडॉउन घोषित कर कर रखा है। इनमें फिलाडेलफिया, सेंट लुईस, कंसास, न्यू ऑरलिंस, सैन मिगुल काउंटी, एथेंस-क्लार्क काउंटी, ब्लेन काउंटी में भी ऐसी व्यवस्था की गई है। यूरोप में इटली के बाद सबसे अधिक कोरोना का वार स्पेन पर पड़ा है। वहां 33 हजार से अधिक संक्रमित हैं, तो मरने वालों की संख्या दो हजार को पार कर गई है। सोमवार को 410 लोगों की मौत हो गई है और 4,321 नए मामले दर्ज किए गए हैं। स्पेन की कुल आबादी 4.7 करोड़ है और वह बंदी का सामना कर रही है। यहां 15 मार्च से अगले 15 दिन तक लॉकडाउन लागू किया गया है। स्पेन के बाद जर्मनी और फ्रांस सबसे अधिक संक्रमित हैं। जर्मनी में कोरोना के भय से चांसलर एंजेला मर्केल क्वारनटाइन में चली गई हैं तो फ्रांस में 15 दिन के लिए लॉकडाउन घोषित कर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि जो इसे तोड़ता पाया जाएगा उसे सजा दी जाएगी। इटली के सिविल प्रोटेक्शन डिपार्टमेंट के मुताबिक, यहां रविवार तक संक्रमण का आंकड़ा 59,138 पहुंच गया, जबकि 5476 लोगों ने जान गंवाई है। 7024 लोग अब तक ठीक हो चुके हैं। इटली में 21 फरवरी को पहला मामला सामने आया था। इसके एक महीने बाद महामारी को रोकने के लिए देश के भीतर सभी यात्राएं पर रोक लगा दी गई है। इटली में चीन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से ही फैला माना जाता है। यहां रविवार को 651 लोगों की मौत दर्ज की गई।

यूएस में मृतकों की संख्या 500 के करीब

अमरीका दुनिया का तीसरा सबसे संक्रमित देश बन चुका है। यह स्पेन, जर्मनी, ईरान को भी पीछे छोड़ दिया है। कुल 35 हजार लोग कोरोना की चपेट में हैं, जबकि मृतकों की संख्या पांच सौ के करीब पहुंच चुकी है। देश के सबसे बड़े हैल्थ अफसर ने कहा कि यूएस में संक्रमण से जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 53 फीसदी की उम्र 18 से 49 साल के बीच है। यह दुनिया में देखे गए ट्रेंड से उलट है।

नेपाल में एक और कोरोना पॉजिटिव

काठमांडू - नेपाल में सोमवार को कोरोना पॉजिटिव दूसरा केस पाया गया। 19 साल की स्टूडेंट कतर के रास्ते फ्रांस से लौटी थी। उसे अब आइसोलेशन में रखा गया है। नेपाल ने पहले ही कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए थे। यहां तक कि भारत और चीन से लगी सीमाएं भी सील कर दी गईर्ं। नेपाल में अब तक सिर्फ एक पॉजिटिव केस आया था।