Tuesday, June 15, 2021 12:48 PM

केंद्र से मिले 150 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, 212 बाइपैप और जिलों में भेजे गये 15 हजार रेमडेसिविर

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने शनिवार को कोविड-19 मरीजों के इलाज को लेकर कई अहम बदलाव किए हैं। इनके मुताबिक अब कोविड हैल्थ फैसिलिटी में भर्ती के लिए कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट अनिवार्य नहीं होगी। केंद्र सरकार ने बताया कि मरीजों को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया गया है। इससे कोरोना से संक्रमित लोगों का तुरंत इलाज शुरू हो सकेगा। पहले अस्पतालों में भर्ती करवाने के लिए कोविड की पॉजिटिव रिपोर्ट या फिर सीटी-स्कैन की जरूरत होती थी। कोरोना मरीजों को कोविड सुविधाओं में भर्ती करवाने के लिए राष्ट्रीय नीति में संशोधन किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोरोना का  कांग, तमिलनाडु में क्रिश्चियन मेडिकल कालेज के ही डायरेक्टर डा. जेवी पीटर शामिल हैं। इनके अलावा मेदांता हॉस्पिटल के चेयरपर्सन और एमडी डा. नरेश त्रेहन, फोर्टिस अस्पताल में क्रिटिकल केयर मेडिसीन के डायरेक्टर डा. राहुल पंडित, सर गंगाराम अस्पताल की डिपार्टमेंट ऑफ सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और लिवर ट्रांसप्लांट की डायरेक्टर डा. सौमित्र रावत, आईएलबीएस के सीनियर प्रोफेसर डा. शिव कुमार सरीन और हिंदुजा हॉस्पिटल के डा. जरीर एफ उडवाडिया शामिल हैं। इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि भारत एक ऑक्सीजन सरप्लस वाला देश है। भारत की क्षमता सात हजार मीट्रिक टन की है, लेकिन अभी भारत में 10 हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है।

दो लाख से ज्यादा कैश पेमेंट को भी मंजूरी

कोरोना से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजन को राहत देने के लिए सरकार ने एक और फैसला लिया था। कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे अस्पताल, डिस्पेंसरी और कोविड केयर सेंटर्स अब दो लाख रुपए से ज्यादा का पेमेंट भी कैश ले सकेंगे। यह छूट 31 मई तक रहेगी। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि इस तरह के इंस्टीच्यूट को मरीज और पेमेंट करने वाले का पैन या आधार कार्ड लेना होगा। साथ ही मरीज और पेमेंट करने वाले के बीच रिश्ते की जानकारी भी लेनी होगी।

पटना- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने आज कहा कि राज्य में कोरोना महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार का अपेक्षित सहयोग मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री पांडेय ने रविवार को कहा कि कोरोना संक्रमण के बढते मामले को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार बिहार को आवश्यक सामग्री और जीवन रक्षक दवाओं के अलावा ऑक्सीजन की आपूर्ति भी कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों बिहार को केंद्र सरकार से 150 ऑक्सीजन कांसेंट्रेटर, तीन लाख 90 हजार एंटीजन किट, 90 डी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर, 212 बाइपैप मशीन एसिसरिज के साथ और 7409 रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त हुआ है। श्री पांडेय ने बताया कि कोरोनाकाल में राज्य के लोगों को बेहतर उपचार देने के उद्देश्य से तीन महीने के लिए अस्थायी तौर एक हजार विशेषज्ञ और सामान्य चिकित्साकर्मियों, नर्सों, पारा मेडिकल स्टाफ और लैब टेक्निशियन की नियुक्ति जिलों में शुरू हो जायेगी । सभी जिलों और मेडिकल काॅलेज एवं अस्पतालों में 10 मई को वाॅक-इन-इंटरव्यू के आधार पर डाॅक्टरों की नियुक्ति की जायेगी। वहीं रविवार से शुरू 18 से 44 वर्ग के आयु वाले लोगों के टीकाकरण को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की गई है। लोगों के पंजीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है। कुल 624 केंद्रों पर राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण हुआ। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 15 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन का डोज जिलों में भेजा गया है । केंद्र से रेमडेसिविर इंजेक्शन का कोटा 16 मई तक बढ़ाकर एक लाख 50 हजार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य आवश्यक उपकरण एवं दवा भी केंद्र सरकार से मांगा गया है।