Monday, October 21, 2019 07:46 AM

16-16 घंटे ड्यूटी कर रहे ड्राइवर-कंडक्टर

बिलासपुर—हिमाचल पथ परिवहन निगम में स्टाफ की जबरदस्त कमी की वजह से वर्तमान मंे कार्यरत चालकों से 16-16 दिनों तक लगातार ड्यूटी ली जा रही है। विश्राम न मिलने के चलते चालक के निरंतर ड्यूटी करते रहने से दुर्घटनाओं की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता। बार-बार आग्रह करने पर भी निगम प्रबंधन व्यवस्था मंे ठोस सुधार नहीं कर रहा। लंबित ओवरटाइम का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है और रात्रि रुटों पर जाने वाले चालक व परिचालकों के लिए ठहरने की व्यवस्था न होने से उन्हें भारी मुश्किलें पेश आती हैं। बिलासपुर डिपो का हाल बेहाल हो गया है और चालकों ने अपना दर्द बयां किया है। परिवहन मजदूर संघ के जिला प्रधान रणजीत सिंह ठाकुर और महासचिव अनिल शर्मा ने हाल ही में निगमके बिलासपुर डिपो में कार्यरत क्षेत्रीय प्रबंधक के माध्यम से परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर को एक मांग पत्र प्रेषित किया है, जिसमें उल्लेखित मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की वकालत की है। मांग पत्र में कहा गया है कि चालक और परिचालकों को स्टाफ की कमी का बोझ उठाना पड़ रहा है और लगातार ड्यूटी करते रहने से कइयों की मानसिक स्थिति खराब होने लगी है। समय रहते सुधार करने की मांग की गई है। प्रबंधन द्वारा चालकों व परिचालकों की समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है, जिस कारण चालकों व परिचालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निगम की बसें जिन स्टेशनों पर रात्रि विश्राम के लिए रुकती है, वहां पर चालकों और परिचालकों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उन्हें परेशानी न झेलनी पड़े। कर्मचारियों के जमा साप्ताहिक अवकाश की जनवरी, 2017 से लेकर 30 जून, 2019 तक की सूची उपलब्ध करवाई जाए, ताकि रिकार्ड उन्हें भी ज्ञात रहे। इसी प्रकार बिलासपुर और घुमारवीं के बस अड्डों पर छोटी गाडि़यों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित करने की भी मांग की गई है। निगम में कार्यरत यदि किसी भी कर्मचारी की कोई भी शिकायत की जाती है, तो शिकायतकर्ता से धरोहर राशि के रूप में एक हजार रुपए की राशि जमा करने के आदेश दिए जाएं, ताकि झूठी और मनघड़ंत शिकायतों के आधार पर कर्मचारियों को तंग व प्रताडि़त करने पर अंकुश लग सकें। इसके साथ ही घुमारवीं सब डिपो में कैश जमा करवाने की व्यवस्था की जाए, सभी कर्मचारियों के घुमारवीं में अवकाश दिए जाने का प्रावधान किया जाए और सभी निजी व निगम की बसों को निर्धारित समयसारिणी से 15 मिनट पहले ही अड्डों पर प्रवेश करने का प्रावधान किया जाए।