Saturday, January 25, 2020 11:23 PM

17 से यात्रा पर जाएंगे चिखड़ेश्वर देवता

चिखड़ेश्वर महाराज निकलेंगे धवाला यात्रा पर,अपने कैलेंणो को देंगे सुख समृद्धि का आशीर्वाद

ठियोग-सबसे प्राचीन देवठीयों में से एक चिखड़ के आराध्य देवता श्री चिखड़ेश्वर महाराज 17 दिसंबर 2019 मंगलवार से अपनी धवाला यात्रा शुरू करेंगे। इससे पहले ये यात्रा दिसंबर 2016 में हुई थी। देवता तीन साल पूरे कर इस यात्रा पर निकलते है। 17 दिसंबर को देवता अपने उत्पत्ति स्थान व मूल स्थान चिखड़ से झगेड़ी गांव पहुंचेंगे। झगेड़ी गांव की बात की जाए तो ये गांव देवता जदराई की देवठी है। देवता जदराई  चिखड़ेश्वर महाराज जी के वजीर है और देवता महाराज के साथ चिखड़ मे ही विराजते हैं। 17 दिसंबर की शाम को देवता महाराज झगेड़ी गांव मंे ही रूकेंगे। इनके साथ चलने वाले देवथु लोग व अन्य लोग भी यही रूकेंगे। 18 दिसंबर की सुबह झगेड़ी गांव से देवता महाराज प्रस्थान करंेगे और परगना खगालद की यात्रा करते हुए इसी परगने जनोटी गांव पहुंचेंगे। यहां कुछ देर रुक कर देवता महाराज अपने देवथुओं के साथ आगे बढ़ेंगे और परगना पोई के धरमाई, कोटि इत्यादि गांव होते हुए परगना जैस के कछोर गांव पहुंचेंगे। रात को देवता महाराज इसी गांव में रुकेंगे। 19 दिसंबर की सुबह देवता महाराज कछोर गांव से प्रस्थान कर मां जेईश्वरी की देवठी जैस पहुंचेंगे और जैस में थोड़ी देर रुकेंगे। इस बीच परगना जैस के अन्य गांव भी देवता महाराज जाएगें। फिर जैस से चिखड़ेश्वर महाराज की देवठी जनोग होते हुए नया बाजार ठियोग से गुजर कर शाम को परगना शिली नाली के टिक्कर गांव पहुंचेंगे। 19 दिसंबर की शाम को देवता महाराज टिक्कर गांव मे ही रुकेंगे। 20 दिसंबर की सुबह देवता महाराज पूरे टिक्कर गांव और टिक्कर के साथ लगते गांवो का दौरा करेंगे और शाम को नेरी, सेरी, जुगो होते हुए परगना नथोथ के कीट गांव पहुंचेंगे। 20 दिसंबर की शाम देवता महाराज कीट गांव मे ही रुकेंगे। अगले दिन यानी 21 दिसंबर को देवता महाराज कीट गांव से प्रस्थान करेंगे। आसपास के सभी गांवो का दौरा कर देवता महाराज जी 21 दिसंबर की शाम को परगना शिली नाली के बलोवा गांव पहुंचेंगे। शाम को देवता महाराज बलोवा गांव में ही रुकेंगे। 22 दिसंबर की सुबह देवता महाराज बलोवा गांव से तुंगला गांव के लिए प्रस्थान करेंगे और तुंगला गांव व बलोवा गांव के आसपास के गांव होते हुते देवता महाराज 22 दिसंबर की शाम को परगना शिली नाली के भडि़याना गांव पहुंचेंगे। शाम को देवता इसी गांव में ही रुकेंगे। 23 दिसंबर की सुबह देवता महाराज भडि़याना गांव से कुनली, रशेली व जुबड़ गांव होते हुए शाम को परगना शिलिनाली के धनोत गांव पहुंचेंगे। दिन को देवता महाराज इन सभी गांवों के साथ-साथ ठियोग प्रेमघाट व ठियोग बाजार के आसपास के कुछ इलाकों में भी जाएंगे।

क्या है धवाला यात्रा

देवता श्री चिखड़ेश्वर महाराज जी तीन साल पूरे होने पर धवाला यात्रा पर निकलते है। धवाला का अर्थ है जमीन का लगान। तीन साल के बाद देवता महाराज जी अपने पूरे देश की यात्रा करते है और सभी की जमीन में जाकर उनकी जमीन पर रहने वाले लोगों से धवाला इकठ्ठा करते है। साथ ही इस दौरान देवता महाराज जी लोगों को आशीर्वाद भी देते है।