Thursday, October 17, 2019 12:39 AM

171.77 करोड़ का निवेश मंजूर

16 नए उद्योगों को प्रदेश सरकार ने दी मंजूरी, आज शिमला में होगी मिनी कॉनक्लेव

शिमला  - हिमाचल प्रदेश में 171.77 करोड़ रुपए का नया निवेश आया है। प्रदेश सरकार ने राज्य मेें 16 नए उद्योगों व विस्तार योजनाओं को अपनी मंजूरी प्रदान की है। इसमें 599 लोगों को रोजगार भी हासिल होगा। नए लगने वाले उद्योग प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापित होंगे। इसके साथ ही मंगलवार को शिमला में सरकार निवेश के लिए मिनी कॉनक्लेव का आयोजन करने जा रही है। राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में निवेश के लिए यह दूसरा बड़ा आयोजन होगा। सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सिंगल विंडो कमेटी की बैठक हुई, जिसमें नए निवेश को मंजूरी प्रदान की गई। प्राधिकरण द्वारा मंजूर किए नए प्रस्तावों में मेसर्ज अमर हाईटेक इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड जिला कांगड़ा, मेसर्ज खुशी स्टील इंडस्ट्रीज जिला सोलन, मेसर्ज राजू एंटरप्राइजेज जिला सिरमौर, मेसर्ज ब्रदर्स स्मॉल आर्म्स प्राइवेट लि. जिला कांगड़ा तथा मेसर्ज न्यूजेनिक फार्मा प्राइवेट लिमिटेड जिला सोलन शामिल हैं। जिन प्रस्तावों को विस्तार के लिए मंजूरी दी गई है, उनमें मेसर्ज पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड यूनिट-1, 2 व 3 जिला सिरमौर, मेसर्स यंगमैन सिंथेटिक्स जिला ऊना, मेसर्ज जिलेट इंडिया लिमिटेड जिला सोलन, मेसर्ज इम्यूनेटिक लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड, जिला ऊना, मेसर्ज पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड जिला सोलन, मेसर्ज सिल्वन ग्रीन्स प्राइवेट लिमिटेड जिला सोलन, मेसर्ज एलिन इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड जिला सोलन, मेसर्ज ग्रीनलेम इंडस्ट्रीज लिमिटेड जिला सोलन तथा मैसर्ज आमेर सिल केटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ऊना शामिल हैं। निदेशक उद्योग हंसराज शर्मा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। उद्योग मंत्री विक्रम सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, ग्रामीण विकास और पंचायती राज सचिव डा. आरएन बत्ता, प्रबंध निदेशक, एचपीएसईबीएल जेपी काल्टा और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

मार्च में हुए थे 1700 करोड़ के एमओयू

इससे पहले मार्च महीने में सरकार ने यहां पर 1700 करोड़ रुपए के एमओयू किए थे और मिनी कॉनक्लेव में दो हजार करोड़ से ज्यादा के समझौते हस्ताक्षरित होने की उम्मीद है। इससे पूर्व 11 सितंबर कोे मनाली में भी 2200 करोड़ रुपए के करीब एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।