Monday, July 13, 2020 04:36 AM

18 फीसदी जीएसटी का विरोध

राजा का तालाब -कांगड़ा जिला एसएफआई इकाई ने प्रदेश सरकार द्वारा नए शिक्षण सत्र से सरकारी महाविद्यालयों द्वारा विश्विद्यालय को दी जाने वाली ऑफिलियशन,  निरीक्षण फीस व कंटीन्यूएशन फीस को 18 फीसदी जीएसटी के दायरे में लाने का कड़ा विरोध किया है ।  जिला कांगड़ा एसएफआई इकाई प्रधान रूपांश व सहसचिव पूजा के मुताबिक अब तक कालेज फीस पर किसी प्रकार का कर नहीं था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट के चलते सरकार कालेज शिक्षा को भी जीएसटी के दायरे में लाने की सोच रही है । छात्र नेताओं का कहना है कि इससे अगले सत्र से महाविद्यालयों में शिक्षा फीस में बेतहाशा बृद्धि होने से महंगी शिक्षा से हजारों छात्र आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित हो जाएंगे ।  एसएफआई छात्र नेताओं द्वारा सरकार के समक्ष नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से पहले प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में छात्रों व वहां कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने व सेनेटाइजर टनल का निर्माण करने की मांग की ।  इसके अलावा एसएफआई शिक्षा में 18 फीसदी जीएसटी की शर्त को शीघ्र हटाने, सभी तरह की छात्रवृद्धियों को बहाल करने, छात्रों की तीन महीने की फीस माफी के साथ उनके तीन माह के होस्टल चार्जेज व कमरों के किराए माफ  करने, ऑनलाइन शिक्षण पद्धति को दुरुस्त करने, सभी छात्रों को विशेष भत्ता के रूप में राहत प्रदान करने तथा कोरोना वैश्विक महामारी के चलते बिगड़ती पारिवारिक आर्थिक स्थिति के मद्देनजर विश्विद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों का प्रवेश शुल्क माफी की भी मांग करती है । छात्र नेताओं के मुताबिक एसएफआई सरकार के शिक्षा विरोधी फैसले के खिलाफ  आगामी 25 मई को प्रदेश भर में इसके विरोधस्वरूप प्रदर्शन कर इसे तत्काल वापस लेने की मांग करेगी ।