Friday, December 13, 2019 07:09 PM

20 मॉडल गांवों को 21 लाख

शिमला के एससी बहुल गांवों को आदर्श बनाने की तैयारी, आदर्श ग्राम योजना के तहत हुआ है चयन

शिमला -जिला शिमला के 20 गांव अनसूचित जाति बहुतुल्य गांव को आदर्श गांव बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। राजधानी के 20 आदर्श गांवों को 21 लाख रुपए दिए जाएंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत वर्ष 2018-19 व 2019-20 के लिए जिला शिमला से 20 अनुसूचित जाति बहुतुल्य गांवों का चयन आदर्श गांव बनाने हेतु किया गया है, जिसमंे अब गांव की स्टडी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है किकेंद्र सरकार द्वारा चयनित गांव के लिए 21 लाख रुपए प्रति गांव को धनराशि प्रदान की जाएगी, जिसमें से 20 लाख रुपए की राशि चयनित गांव में गैप-फिलिंग के अंतर्गत खर्च की जाएगी तथा शेष एक लाख रुपए प्रति गांव को प्रशासनिक और अन्य खर्चों पर वहन की जाएगी। इस कार्य को गति प्रदान करने के उद्देश्य से सर्वेक्षण, मूल्यांकन कार्य किया जा रहा है, जिसके उपरांत ग्राम विकास योजना तैयार की जाएगी। बताया कि इस योजना के अंतर्गत 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति की आबादी वाले गांवों में से केवल उन्हीं गांवों को चयनित किया गया है, जिनकी आबादी 500 से अधिक है। जानकारी के मुताबिक जिला शिमला में योजना के अंतर्गत चिन्हित 20 गांव में से चौपाल तहसील से तीन, कुमारसैन तहसील से दो, शिमला ग्रामीण से तीन, रामपुर तहसील से छह, रोहडू तहसील से दो, ठियोग से एक तथा चिड़गांव से एक गांव शामिल है। आदर्श गांव बनाने हेतु भारत सरकार द्वारा 10 बिंदु पेयजल व सफाई समस्या, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषाहार, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़क व मकान, बिजली व इंधन, कृषि, आर्थिक आधार, डिजिटलाइजेशन, जीवन स्तर व कौशल विकास निर्धारित किए गए हैं। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत ग्राम स्तर पर समिति का गठन किया गया है। ग्राम सभा में इन पंचायतों में सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के लिए जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया जाएगा।