Tuesday, November 19, 2019 04:22 AM

22 करोड़ से संवरेगा स्वारघाट एनएच

पीडब्ल्यूडी ने एनएच को भेजा एस्टीमेट, महकमे ने दोबारा भेजी यूसी की कापी

बिलासपुर -नेशनल हाई-वे स्वारघाट की रिटायरिंग के लिए लोक निमार्ण विभाग बिलासपुर ने एनएचआई को 22 करोड़ रुपए का एस्टीमेट भेजा है। इसके तहत स्वारघाट से सलापड़ पुल तक 71.5 किलो मीटर सड़क चकाचक होगी। हालांकि इस राशि के अभी रिलीज न होने के चलते गुरुवार को पीडब्ल्यूडी ने दोबारा एनएचआई को यूसी की कापी भेजी है। लोक निमार्ण विभाग बिलासपुर के एसई ई. अजय गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि विभाग को वर्ष 2016  तक 12 करोड़ रुपए की राशि जारी हुई थी, जो काफी समय पहले एनएच की मरम्मत में व्यय हो चुकी है। इसके बाद भेजे गए एस्टीमेट के बाद अभी तक नई राशि पीडब्ल्यूडी को रिलीज नहीं है। यह राशि जल्द जारी हो इसके लिए एनएचआई को यूसी की कापी दोबारा भेजी गई है। इसके माध्यम से एनएच को जल्द पैसा रिलीज करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि एनएचआई द्वारा राशि रिलीज न होने पर फिलहाल विभाग अपने स्टेट फंड से ही मरम्मत कार्य करवा रहा है। यदि राशि शीघ्र जारी होती है ता नेशनल हाई-वे की हालत में सुधारत्मक कार्य शुरू कर दिए जाएगें। ई. अजय गुप्ता ने बताया कि लोक निमार्ण विभाग ने सलापड़ ब्रिज का रिपेयर वर्क भी पूरा करवा दिया है। यहां पुल की मरम्मत के साथ इस पर रेलिंग भी लगा दी गई, ताकि किसी भी तरह की काई दुर्घटना न घटित हो सके। इसके अलावा विभाग पुलों पर मैस्टिक एस्पहाल्ट तकनीक से लेयरिंग भी कर रहा है। मैस्टिक एस्पहाल्ट स्टोन फिलर और मिनरल पाउडर का मिश्रण है, जिसे गर्म अवस्था में गर्म और मिश्रित किया जाता है। उन्होंने बताया कि जिला के 30 ब्लैक स्पॉटस में 17 पर काम पूरा किया जा चुका है व जल्द ही बाकि स्पाटॅस पर भी कार्य होगा। पुलों की स्थिति में भी सुधार लाने के लिए कार्य किया जा रहा है। बता दें कि लोक निमार्ण विभाग बिलासपुर ने जिला सेंसर पेवर तकनीक से सड़कों की टायरिंग भी कर रहा है। बम्म-जाहू व कोट-दशमल सड़क मार्ग सहित अन्य सड़कों पर सेंसर पेवर के माध्यम से सड़कों की टायरिंग कर चकाचक किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि इस तकनीक का इस्तमाल पहले केवल नेशनल हाई-वे पर ही किया जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय से सरकार ने सड़कों की दशा सुधारने केे लिए लेबर के जरिए टायरिंग बिछाने के कार्य को बंद कर दिया है। अब ग्रामीण सड़कों पर भी सरकार ने सेंसर पेवर का इस्तेमाल करने के फरमान जारी किए हैं।