Sunday, March 07, 2021 04:38 PM

दिल्ली यूनिवर्सिटी की मेधावी लोअरकोटी की प्रधान, यूपीएससी की तैयारी कर रही 22 वर्षीय अवंतिका

निजी संवाददाता—भोरंज

उपमंडल भोरंज में पंचायत चुनाव बड़े ही रोचक हो रहे हैं। कई जगह भाई-भाई में मुकाबला हो रहा है, तो कई जगह देवरानी व जेठानी में कड़े मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। विकास खंड भोरंज में दूसरे चरण के चुनावों में ग्राम पंचायत करहा के वार्ड नंबर पांच में वार्ड सदस्य का बड़ा रोचक मुकाबला देखने को मिला। वार्ड पांच से देवरानी और जेठानी चुनावी मैदान में थीं। दोनों ही परिवार कुछ समय पहले एक साथ रहते थे, लेकिन पारिवारिक कारणों से दोनों अलग-अलग हो गए, जिससे परिवारिक लड़ाई ने दोनों परिवारों को चुनावी मैदान में पहुंचा दिया। जेठानी पुष्पा देवी और देवरानी कमलेश कुमारी में यह मुकाबला हुआ, जिसमें कड़ी टक्कर हुई। लोगों ने देवरानी के पक्ष में 60 वोट और जेठानी को 44 वोट डाले। इससे देवरानी को 16 वोट से हार का सामना करना पड़ा। ग्राम पंचायत करहा के सभी पांच वार्डों की निगाह चुझाणी वार्ड नंबर पांच पर टिकी हुई थीं। लोग भी इस वार्ड से वार्ड सदस्य के चुनाव को लेकर खासे उत्साहित थे।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो—हमीरपुर

विकास खंड नादौन की उटप पंचायत के बाद अब विकास खंड भोरंज की ग्राम पंचायत पट्टा में भी बैलेट पेपर पर मतदाता का नाम अंकित होने का मामला सामने आया है। पंचायत से उपप्रधान पद के प्रत्याशी रहे मुकेश कुमार ने इसकी ऑनलाइन शिकायत करने की बात कही है। इस बारे में एसडीएम भोरंज और रिटर्निंग अधिकारी डा. राकेश शर्मा की मानें, तो जब भी ऐसे वोट कभी डाले जाते हैं, तो एक्ट में प्रावधान है कि काउंटिंग के समय उन्हें रिजेक्ट कर दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि बैलेट पेपर पर स्टेंप के अलावा किसी भी तरह का निशान नहीं लगाया जा सकता। यदि ऐसा होता है, तो उस वोट को काउंट ही नहीं किया जाता। जानकारी के मुताबिक पट्टा पंचायत से उपप्रधान का चुनाव हारे मुकेश कुमार ने लिखित शिकायत में कहा है कि 17 जनवरी को उनकी पंचायत में मतदान हुआ था। काउंटिंग के समय पाया गया कि कुछ बैलेट पेपर पर मतदाताओं के नाम भी अंकित किए गए थे। मतदान एक गुप्त प्रक्रिया है। इस तरह नाम अंकित होने से, तो गुप्त मतदान का कोई औचित्य ही नहीं रह जाता, क्योंकि सबको पता लग जाता है कि किसने किसे वोट डाला है। उन्होंने अंदेशा जताया कि जब वहां ड्यूटी पर सरकारी मुलाजिम होते हैं, तो इस तरह के वाकया कैसे सामने आते हैं।

जिला में कई जगह मतगणना पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

दिव्य हिमाचल ब्यूरो—ऊना

पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में मतगणना को लेकर कई स्थानों पर रोष के स्वर उठे हैं। कांग्रेस पार्टी ने सत्ताधारी दल भाजपा पर सत्ता के दबाव में मतगणना को प्रभावित करने के आरोप दागे हैं। पंचायती राज संस्थाओं के दूसरे चरण के चुनाव के तहत कुटलैहड़ विस क्षेत्र के तहत नारी पंचायत में पंचायत प्रधान पद की मतगणना में भाजपा समर्थित प्रधान को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को नारी गांव में प्रदर्शन किया, वहीं ऊना विस क्षेत्र के मजारा गांव में पंचायत प्रधान पद की मतगणना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर सत्ता का दुरुपयोग करने व कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी को हराने का आरोप लगाते हुए उपायुक्त ऊना राघव शर्मा को ज्ञापन प्रेषित किया। कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा व कुटलैहड़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विवेक शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि जयराम सरकार सत्ता का प्रभाव दिखाकर पंचायतों के चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि नारी गांव में कांग्रेस प्रत्याशी को पहले 10 मतों से हरा दिया गया, वहीं रि-काउंटिंग को अवैध मतों को भाजपा के पक्ष में गिनकर एक तरफा चुनाव नतीजा घोषित कर दिया गया।  पंचायत प्रधान का चुनाव लड़ रहे कुलदीप चंद व उनके महिलाओं सहित पारिवारिक सदस्यों पर पुलिस ने डंडे बरसाकर बर्बरता दिखाई। मतगणना में कथित धांधली के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने नारी गांव में धरना-प्रदर्शन भी किया। करीब चार घंटे तक बाबा डेरा-टक्का मार्ग को जाम कर दिया गया, जिसे बाद में एसडीएम ऊना डा. सुरेश जसवाल व तहसीलदार विजय राय ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर खुलवाया।

आखिरी चरण के लिए 1137 पंचायतों में सुबह आठ बजे से मतदान

विशेष संवाददाता—शिमला

राज्य में तीसरे व आखिरी चरण का मतदान करवाने का समय आ गया है। गुरुवार सुबह आठ बजे से मतदान का दौर शुरू हो जाएगा। आखिरी दौर में  प्रदेश की 1137 पंचायतों में चुनाव करवाया जाएगा, जिसके लिए बुधवार शाम सभी पोलिंग पार्टियां अपने-अपने पोलिंग बूथ तक पहुंच गईं। आखिरी चरण में पंचायती राज संस्थाओं के जिलावार आंकड़ों की बात करें, तो बिलासपुर में अब 56 पंचायतों में चुनाव होगा, वहीं चंबा में 83 पंचायतों में चुनाव करवाया जाएगा, जबकि हमीरपुर में 81 पंचायतें हैं। कांगड़ा में सबसे अधिक 264 पंचायतें आखिरी दौर के लिए रखी गई हैं। किन्नौर जिला की 24 पंचायतों में इस दिन चुनाव होगा, वहीं कुल्लू जिला की 76 पंचायतें, मंडी की 181, शिमला की 135, सिरमौर की 84, सोलन जिला की 76 तथा ऊना जिला की 77 पंचायतों में आखिरी चरण का मतदान करवाया जाएगा।

कुल 6457 पोलिंग पार्टियां इस चुनाव को करवाएंगी। इसके साथ राज्य में पंचायती राज संस्थाओं का चुनाव समाप्त हो जाएगा और 27 जनवरी को सभी पदाधिकारी शपथ ग्रहण करेंगे। चुनाव प्रक्रिया को पूरा करवाने के लिए जिला स्तर पर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शुक्रवार को पंचायत समिति व जिला परिषदों के चुनाव नतीजे भी सामने आ जाएंगे, जिसके बाद ग्रामीण संसद बैठ जाएगी।

शौर्य चक्र विजेता तीसरी बार उपप्रधान

गगरेट— सरहद पर दुश्मन के दांत खट्टे करने वाले शौर्य चक्र विजेता कै. सुशील कुमार अपनी ग्राम पंचायत नंगल जरियालां में लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। यही वजह है कि जनता ने कै. सुशील कुमार को लगातार तीसरी बार उपप्रधान की कुर्सी पर बिठाया है।

यहां चुनाव

बिलासपुर 56

चंबा       83

हमीरपुर   81

कांगड़ा    264

किन्नौर    24

कुल्लू      76

मंडी       181

शिमला    135

सिरमौर    84

सोलन     76

ऊना       77

नालागढ़ में सरकार पर जमकर बरसे कुलदीप राठौर, चुनाव में स्पष्ट बढ़त का दावा

कार्यालय संवाददाता—नालागढ़

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने दावा किया है कि नगर निकाय व पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में कांग्रेस को स्पष्ट बढ़त मिली है और कई क्षेत्रों में भाजपा का सूपड़ा साफ हुआ है, लेकिन भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष झूठे आंकड़े दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ हुआ है और जो कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीते हैं, उन्हें भाजपा ने अपनी ओर खींचने का हर हथकंडा अपनाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मिले मेंटडेट के बावजूद भी सरकार के इशारों पर कांग्रेस के जीते हुए प्रत्याशियों को अपनी ओर खींचा।

 उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी भी सरकार के इशारों की कठपुतलियां बने हुए हैं और कांग्रेस इसकी कड़ी निंदा करती है।  नालागढ़ में पत्रकार वार्ता के दौरान कुलदीप राठौर सरकार पर जमकर बरसे। इस दौरान नालागढ़ के विधायक लखविंदर राणा, दून के पूर्व विधायक चौधरी रामकुमार सहित पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि नगर परिषद नालागढ़ व बद्दी में कांग्रेस का मत प्रतिशत अधिक है और यहां पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी जीते, लेकिन भाजपा ने यहां पर धन बल का प्रयोग कर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों पर दबाव बनाया और उन्हें अपनी ओर खींचा। नगर निकाय व पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में जिन लोगों ने भाजपा के एजेंट के रूप में काम किया है, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया है। कांग्रेस के फ्रंटल संगठनों की जल्द ही बैठक बुलाकर उन्हें पूरी तरह से एक्टिवेट किया जाएगा। पार्टी में जयचंदों के लिए कोई जगह नहीं है।

नड्डा-अनुराग पर तंज

शिमला— कुलदीप राठौर ने  भाजपा पर तंज कसते हुए कहा है कि जब वह अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के गृह जिला घुमारवीं में और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के घर सुजानपुर में उनके प्रधान तक चुनाव हार गए, तो वह प्रदेश में अपनी किस लोकप्रियता का राग अलाप रहे हैं।

मंडी के दो निकायों में बदले समीकरण, सांसद रामस्वरूप नहीं बचा सके लाज

अमन अग्निहोत्री—मंडी

नगर निकायों के चुनावों में हारी बाजी को भाजपा ने नगर निकायों की सरदारी की जंग में जीत लिया है। नगर निकाय चुनाव में पार्टी समर्थित प्रत्याशियों की जीत में पिछड़ने के बाद भी भाजपा ने नगर परिषद सरकाघाट और नगर परिषद नेरचौक में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पद पर कब्जा जमा लिया है। एक तरफ जहां सरकाघाट के विधायक कर्नल इंद्र और बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी समेत अन्य नेताओं की रणनीति से इन दो निकायों में भाजपा के हाथ बाजी लगी है, वहीं जोगिंद्रनगर में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बन गए हैं। मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा अपने ही घर में पार्टी की लाज नहीं बचा सके हैं। यही नहीं, विधायक प्रकाश राणा की भी सारी रणनीति को कांग्रेस ने यहां धूल चटा दी। जोगिंद्रनगर में भाजपा की आपसी फूट का नुकसान पार्टी को लगातार सहना पड़ रहा है। विस चुनावों में हार के बाद निकाय चुनाव में भी पार्टी की करारी हार हुई है।

 मंडी जिला में चार नगर परिषदों में से अब तीन में भाजपा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बन गए हैं। सुंदरनगर नगर परिषद में पहले ही भाजपा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पूर्ण बहुमत के साथ बन चुके हैं, वहीं अब बुधवार को हुए चुनाव में नगर परिषद नेरचौक में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के भाजपा और कांग्रेस में मुकाबला टाई होने के बाद भी ड्रा में दोनों पदों पर भाजपा को बाजी हाथ लगी है। सरकाघाट में भाजपा ने कांग्रेस से एक पार्षद छीन कर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का ताज अपने सिर कर लिया है। यहां हालांकि पहले कांग्रेस भाजपा के एक पार्षद को अपने साथ लेकर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाने की तैयार कर चुकी थी, लेकिन भाजपा ने एक ही रात में कांग्रेस के मंसूबे पलट दिए। उधर, नगर पंचायत रिवालसर में अध्यक्ष पद जहां कांग्रेस के खाते में गया है, वहीं उपाध्यक्ष पर निर्दलीय को बाजी हाथ लगी है। नगर पंचायत करसोग में पहले ही कांग्रेस अपना अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बना चुकी है। (एचडीएम)

यूपीएससी की तैयारी कर रही 22 वर्षीय अवंतिका पंचायत में लिखेंगी विकास की नई गाथा

राज्य ब्यूरो प्रमुख—शिमला

दिल्ली यूनिवर्सिटी की मेधावी छात्रा अवंतिका घर लौट कर रोहड़ू के लोअरकोटी पंचायत की प्रधान निर्वाचित हो गई हैं। यूपीएससी की तैयारी कर रही सिद्धरोटी गांव की 22 वर्षीय यह होनहार ग्रामीण पृष्ठभूमि की असहनीय पीड़ा और समस्याओं को देखते हुए चुनावी रण में कूदी थी। दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद नवनिर्वाचित प्रधान अवंतिका हिमाचल की खोज मानी जा रही है। इसके चलते बुधवार को समूचा रोहड़ू अवंतिका की जीत पर जश्न में डूबा रहा। अवंतिका कहना है कि इस क्षेत्र में साक्षरता दर ज्यादा न होने के कारण क्षेत्र का विकास नहीं हो पा रहा है। कुछ पढ़े-लिखे लोग हैं, वे भी बाहर ही रहते हैं। यही कारण है कि अवंतिका ने पंचायत चुनाव लड़ा है।

उनका कहना है कि इस बार ना केवल रोहड़ू बल्कि पूरे हिमाचल में जिस तरह युवाओं ने इस पंचायत चुनाव में पूरी सक्रियता दिखाई है। उससे लगता है कि युवा अब अपने क्षेत्र का कायाकल्प करने में जुट गया है। बता दें कि रोहड़ू के लोअर पंचायत के सिद्धरोटी गांव के दयानंद चौहान की 22 वर्षीय होनहार बेटी अवंतिका चौहान ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक की है। इसके बाद इग्नू से ग्रामीण विकास में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं। बेटी अवंतिका को गांव के लोगों की समस्याएं देख कर उनके दिल में की सूरत बदलने की इच्छा जागी है।  यही वजह रही कि अवंतिका ने 22 साल की उम्र में पंचायत चुनाव लड़ कर समाज सेवा की राह चुन ली। अवंतिका पहले चरण के मतदान में रोहड़ू के लोअरकोटी पंचायत से प्रदेश की सबसे ज्यादा पढ़ी लिखी युवा प्रधान बनी हैं।

पूर्व प्रतिनिधियों को दी विदाई

सिद्धरोटी गांव में बुधवार को अवंतिका के घर पर सहभोज आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रतिनिधियों का विदाई सामारोह भी आयोजित किया गया। यह लोकतंत्र की नई परंपरा के अनुसार युवा सोच को प्रदर्शित करने का काबिलेतारीफ कदम है।

इरादों में जान

‘सबका साथ सबका विकास एवं सबका विश्वास’ वास्तव में यही मंत्र है जीवन में आगे बढ़ने का। जो लोग इस सच्चाई का अनुसरण अपने जीवन में सही समय पर कर लेते हैं, वे अकसर सफलता के मार्ग पर अग्रसर हो जाते है।ं कुछ ऐसे ही मजबूत इरादों से भरी पड़ी है अवंतिका। अब देखना होगा कि अवंतिका जनता को साथ लेकर अपने अनुभव एवं युवा जोश से पंचायत को विकास के किस मुकाम तक लेकर जाती है।