Friday, December 06, 2019 09:40 PM

30 तक पूरी होगी एनएच की निशानदेही

राष्ट्रीय राजमार्ग-03 से हमीरपुर उपमंडल के 17 गांव होंगे प्रभावित, अधिकारियों को काम जल्द पूरा करने के निर्देश

हमीरपुर  - भारत सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग इंटर-कनेक्टिविटी इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट फेज-2 के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-03 के हमीरपुर और मंडी खंड के अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए दोनों ही जिलों के डीसी और लैंड एकोजिशन अथॉरिटी जुट गई है। भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया कुछ दिनों से तेजी से चली हुई है, जो अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। इस राष्ट्रीय उच्च मार्ग में जिला हमीरपुर  उपमंडल के कुल 17 गांव शामिल है। भूमि अधिग्रहण के लिए तैनात सक्षम अधिकारी एसडीएम भोरंज को निर्देश दिए गए हैं कि 17 गांवों की 3.75 हेक्टेयर भूमि की निशानदेही का कार्य 30 नवंबर तक पूरा करवा दिया जाए। इसके अलावा विभिन्न विभागों को भी 30 नवंबर तक विभिन्न यूटीलिटीज को स्थानांतरित करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। बता दें कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर इस काम को खुद की देखरेख में करवा रहे हैं, वे लगातार दोनों जिलों के डीसी से इस काम की अपडेट समय-समय पर ले रहे हैं। जालंधर मंडी तक बनने वाला यह राष्ट्रीय राजमार्ग अटारी बॉर्डर से सीधे लेह तक जुड़ेगा। अभी यह नेशनल हाई-वे हमीरपुर कोर्ट तक बना है। इस एनएच को सामरिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। बता दें कि मंडी के बाद यह राष्ट्रीय राजमार्ग मंडी के आगे फोरलेन से जुड़कर मनाली तक जाएगा। इसके बाद इसे लेह तक ले जाने की योजना है। अटारी बॉर्डर से लेह (तिब्बत बॉर्डर) तक इसकी दूरी 427 किलोमीटर के लगभग होगी। विदित रहे कि वर्ष 1998 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में सरकार ने जांलधर से मंडी राष्ट्रीय उच्चमार्ग का तोहफा हिमाचल को दिया था, लेकिन राजनीतिक कारणों के चलते यह नेशनल हाई-वे लगभग 20 वर्षों में भी पूरा नहीं हो पाया, लेकिन अब एक बार फिर इसके काम में तेजी देखी जा रही है।