Wednesday, September 18, 2019 08:44 AM

351 बागबानों को नहीं मिला हक

449 आढ़तियों ने डकारे बागबानों के करोड़ों रुपए; एसआईटी जांच के बाद अभी तक 98 को मिला पैसा, अब तक महज 98 बागबानों को हो पाया भुगतान

शिमला -सेब उत्पादक क्षेत्र ऊपरी शिमला और किन्नौर के बागबानों से ठगी करने वाले आढ़तियों ने करोड़ों रुपए डकारने में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रदेश और बाहरी राज्यों के 449 आढ़तियों के खिलाफ पुलिस एसआईटी कार्रवाई कर रही है, लेकिन अभी तक 351 बागबानों की अदायगी नहीं हो पाई।  प्रदेश के मेहनतकश बागबानों से ठगी करने वाले 449 आढ़ती निकले। अब तक मात्र 98 बागबानों को ही पैसे मिले। प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा प्रदीप चौहान बनाम प्रदेश सरकार मामले में 25 अप्रैल को एसआईटी गठित की गई। उसके बाद जांच शुरू हुई और बागबानों से ठगी करने वाले आढ़तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। आढ़तियों ने 449 बगबानों से सेब की पेटियां खरीदी, लेकिन पैसे देने ने नाकाम रहे। इनमें एपीएमसी शिमला-किन्नौर में तीन, एपीएमसी सोलन में 63 और पुलिस विभाग के पास 153 शिकायतें आईं, जिसके बाद पुलिस एसआईटी ने ऐसे आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर बागबानों  को राहत देने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। अब तक 98 बागबानों को अदायगी करवाई गई है। इसमें पुलिस एसआईटी के माध्यम से 34, एपीएमसी शिमला व किन्नौर के माध्यम से 43 और एपीएमसी सोलन के माध्यम से 21 बागबानों को अदायगी करवाई गई है। गौरतलब है कि दिल्ली, चंडीगढ़ और शिमला के ये ऐसे आढ़ती हैं, जिन्होंने ऊपरी शिमला और किन्नौर के कुछ बागबानों से पिछले साल सेब खरीदने के  बावजूद लाखों की राशि बागबानों को नहीं दी। हालांकि इस मामले में पिछले महीने से पुलिस एसआईटी की ओर से कार्रवाई जारी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक पुलिस एसआईटी ने अब तक 28 से अधिक आढ़तियों से पूछताछ कर चुकी है। पुलिस बार-बार इन आढ़तियों को चेतावनी दे रही है कि बागबानों के पैसे जमा करो, अन्यथा जेल जाने को भी तैयार रहो। शिमला सहित बाहरी राज्यों के आढ़तियों ने पिछले साल बागबानों के दो करोड़ 15 लाख 75 हजार रुपए डकारे हैं। ऐसे आढ़तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पुलिस की एसआईटी इन दिनों कार्रवाई कर रही है।