Sunday, November 28, 2021 05:02 PM

40 का करवा, 20 रुपए में खरीदें दीया

फेस्टिवल सीजन शुरू होते स्थानीय कारीगरों के आए अच्छे दिन, मिट्टी के करवे और दीये बने आकर्षण का केंद्र

अनु शर्मा—धर्मशाला महिलाओं के त्योहार करवाचौथ को लेकर धर्मशाला के मुख्य बाजारों में रौनक बहुत बढ़ गई है। त्योहार के नजदीक आते ही महिलाएं भारी संख्या में खरीददारी करने को बाजार का रूख कर रही हैं। इस दौरान आर्टिफिशियल सामान के साथ-साथ मिट्टी के बने करवे और दिए भी महिलाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। स्थानीय कारीगर मिट्टी के करवे और दिए बनाकर बेचने को ला रहे हैं और बाजार से कम दाम पर यह मिट्टी के बने उत्पाद बेच रहे हैं। इससे जहां स्थानीय कारीगरों की आमदनी भी बढ़ गई हैं वहीं महिलाओं को भी कम दामों पर करवे और दिए उपलब्ध हो रहे हैं।

गगल के स्थानीय निवासी पिछले कुछ दिनों से कचहरी चौक पर सड़क के साथ ही खुद के बनाए हुए करवे और दीये बेच रहे हैं। एक करवे 40 रुपए जबकि एक दीया 20 रुपए में बेच रहे हैं। मिट्टी के यह उत्पाद महिलाओं को जहां कम कीमत में मिल रहे हैं वहीं दूसरी ओर यह आर्टिफिशयलव करवों और दियों से अधिक आकर्र्षक भी हैं। इसलिए महिलाएं भी बड़ी दुकानों को छोड़कर इन स्थानीय कारीगरों से करवे और दिए ले रही हैं। इससे पहले जहां कोरोना काल में करवाचौथ के दौरान महिलाएं खरीददारी न कर पाने के चलते त्योहार को अच्छे तरीके से नहीं मना पाई थी वहीं स्थानीय कारीगर भी त्यौहार और फेस्टिवल न होने के चलते आर्थिक रूप से परेशानी झेल रहे थे। लेकिन अब कोरोना के मामलों में कमी होने के चलते इस वर्ष महिलाओं में त्योहारों को लेकर खासा उत्साह है। महिलाएं प्रतिदिन खरीददारी करने को बाजारों में पहुंच रही हैं। कपड़ों और मनियारी की जमकर खरीददारी कर रही हैं। इससे व्यसायियों के चेहरे पर भी रौनक लौट आई है। फेस्टिवल सीजन में व्यवसायियों की आमदनी भी बहुत अधिक बढ़ गई है। (एचडीएम)