Sunday, November 18, 2018 11:53 AM

42 दिन नहीं, 15 महीने तक शिशु की जांच

पीएम मोदी ने वीडियो कान्फ्रेेंसिंग से दी जानकारी, होम बेस्ड चाइल्ड केयर में बदलाव

धर्मशाला— भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा देश में नवजात शिशु और जननी की स्वास्थ्य सुनिश्चित करने को शुरू की गई योजना होम बेस्ड चाइल्ड केयर में अब बड़ा फेरबदल किया जाएगा। एचबीएनसी के तहत देश भर में आशा वर्कर अब नवजात शिशु का स्वास्थ्य घरद्वार ही जांचने के लिए 42 दिन में छह बार जाने की बजाय अब 15 माह तक कम से कम 11 बार जांचना अनिवार्य होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा वर्कर के साथ वीडियो कान्फ्रेेंसिंग करते हुए उक्त जानकारी प्रदान की है। योजना में उक्त परिवर्तन होने से जननी और नवजात शिशु को घरद्वार पर ही 15 माह तक बजन, बीसीजी, ओपीवी सहित डीपीटी की पूरी जानकारी मिल पाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोषाहार माह के उपलक्ष्य में देश भर की सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर और एएनएम के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग करके सीधा संवाद किया। इस दौरान पीएम मोदी ने देश में नवजात शिशु को स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित किए जाने के लिए होम बेस्ड चाइल्ड केयर योजना में बड़ा फेरबदल करने की बात कही है। पीएम मोदी ने कहा कि आशा वर्कर नवजात शिशु होने पर 42 दिन मात्र डेढ़ माह में ही छह बार तक स्वास्थ्य की जांच करती थीं, लेकिन अब इस समयावधि को बढ़ाकर 15 माह तक कर दिया जाएगा। इसमें आशा वर्कर को नवजात शिशु के घर में कम से कम 11 बार पहुंचकर स्वास्थ्य की जांच करनी होगी। उक्त योजना में बदलाव के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश भर के नवजात शिशु के स्वास्थ्य सुनिश्चित करने को होम बेस्ड चाइल्ड केयर योजना शुरू की थी। इसके तहत आशा वर्कर को 42 दिन में छह बार घर में पहुंचकर बच्चे का बजन जननी सुरक्षा कार्ड में रिकार्ड करना होता है। साथ ही बीसीजी, पहली डोज ओपीवी और डीपीटी की देना सुनिश्चित करने के साथ-साथ अन्य किसी भी प्रकार की बिमारी और संक्रमण के बारे में जागरूक कर समय पर स्वास्थय संस्थान में पहुंचाना सुनिश्चित करना होता है। रणजीत सिंह जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कांगड़ा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से होम बेस्ड चाइल्ड केयर योजना में बदलाव की बात कही है। इसके तहत अब आशा वर्कर को 42 दिन के बजाय 15 माह तक स्वास्थ्य जांच को सुनिश्चित करना होगा। वहीं आरएस राणा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा ने बताया कि शिशु और जननी स्वास्थय की जांच को सुनिश्चित करने को आशा वर्कर के माध्ययम से योजना चलाई जा रही है। अब तक नई गाईडलाईन केंद्र व प्रदेश मंत्रालय से नहीं मिली है। नई नोटिफिकेशन मिलने पर इसके तहत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।