Monday, October 21, 2019 07:42 AM

42 सीटर बस में 90 सवारियां ड्राइवर ने नैनाटिक्कर में खड़ी की बस

नैनाटिक्कर—क्षेत्र पच्छाद का वह सबसे पिछड़ा क्षेत्र है जहां न तो कोई स्वास्थ्य सुविधाएं हैं न ही सड़कों की हालत सही है तथा न ही कोई बड़ा शिक्षण संस्थान जिस कारण यहां के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को वर्षों से सोलन कालेज का रुख करना पड़ता है । परंतु सोलन पहुंचने के लिए भी बसों की व्यवस्था न होने के कारण प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना इन छात्र-छात्राओं को करना पड़ता है। बता दें कि इन छात्र-छात्राओं के लिए सरकार द्वारा एचआरटीसी की एक बस बनी बखोली से सोलन चलाई गई है परंतु विडंबना यह है कि बनी बखोली से नैनाटिक्कर तक लगभग 20 किलोमीटर का सफर सवारियों के लिए अत्यंत खौफनाक तथा भयावक होता है । गौर हो कि यह सड़क एक तो पूर्णतया कच्ची तथा संकरी है तथा दूसरे इस 42 सीटर बस में प्रतिदिन 80 से 90 सवारियां होती है। जिस कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है । वहीं सरकार तथा विभाग ने चालक-परिचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं की एक अतिरिक्त सवारी भी ओवरलोडिंग के रूप में बस में नहीं होनी चाहिए अन्यथा चालकों के लाइसेंस रद तक करने की बात विभाग द्वारा अपने कर्मचारियों को कही गई है । बस नंबर (एचपी 64-1272) के चालक ने बस में लगभग 90 सवारियां होने की वजह से बस को नैनाटिक्कर से आगे न ले जाने हुए नैनाटिक्कर में ही बस को खड़ा कर दिया तथा बस चालक का कहना है कि प्रतिदिन 90 सवारियों तथा खुद की जान जोखिम में डालकर सफर करना कितना खतरनाक है खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है तथा प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है । दूसरी और इस बस में नियमित सफर करने वाले कालेज के छात्र-छात्राओं का कहना है कि 8ः30 बजे नैनाटिक्कर से चलने का टाइम इस बस का है जो कि 1000 बजे सोलन कालेज पहुंचाती है परंतु अत्यधिक सवारियां होने की वजह से जहां बस में खड़े रहकर सफर करने से दिनभर थकान रहती है, वही समय पर बस न पहुंचने से समय और पढ़ाई दोनों का नुकसान तो हो ही रहा है अपितु जान का जोखिम भी बना रहता है । अतः क्षेत्रवासियों की सरकार तथा विभाग से पुरजोर मांग है कि इस रूट पर एक अतिरिक्त बस चलाई जाए ताकि हो रही भारी परेशानियों से छुटकारा मिल सके वही, इस संदर्भ में जब आर एम हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम सोलन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी स्टाफ  की कमी है जिस कारण अतिरिक्त बस नहीं लगाई जा सकती । वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम के शिमला कार्यालय में डीएम रघुवीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आरएम सोलन तथा आरएम नाहन से इस संदर्भ में बात कर समस्या का समाधान किया जाएगा तथा एक अतिरिक्त बस इस रूट पर नियमित भेजी जाएगी ।