Saturday, February 29, 2020 07:26 PM

45 रुपए की दवाई मरीज को 60 रुपए में थमाई

शिमला  - प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में दवा को लेकर हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। इसमें इंड्राल एलए-40 नामक दवाई, जिसकी कीमत 45 रुपए 28 पैसे प्रति 15 गोलियां हैं, को मरीज़ को 60 रुपए में थमाई गई है। सस्ती और गुणवत्तायुक्त दवा देने का दावा करने वाली सरकारी जनऔषधि द्वारा नियमों के विरुद्व 12 फीसदी जीएसटी एमआरपी पर लगाकर मरीज को यह दवा दी गई है। बता दें कि एमआरपी पर जीएसटी पहले से ही लगा होता है और केमिस्ट अपने स्तर पर जीएसटी उपभोक्ता से नहीं ले सकता।  इतना  ही नहीं, सरकारी दुकान के कम्प्यूटर द्वारा एक अनोखा गणित इस्तेमाल किया गया है। इसमें 45.28 रुपए पर 12 फीसदी की दर से 22 रुपए 64 पैसे जीएसटी जोड़ने के बाद इसका मूल्य 67 रुपए 92 पैसे दिखाया गया है।  उसके बाद इस पर आठ रुपए 15 पैसे छूट देकर इसे उपभोक्ता को 60 रुपए में दिया गया है। वहीं, यदि 45 रुपए 28 पैसे पर 12 फीसदी जीएसटी किसी खराब तकनीकी कारण से जुड़ता भी है, तो भी इसकी कीमत 50 रुपए 71 पैसे से अधिक होना अपने आप में एक चौंका देने वाली घटना है। अब देखना यह होगा कि इतने बड़े अस्पताल में जहां बेहतर से बेहतर तरह के सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किए जाते हैं और पूरी तरह से सरकार की निगरानी रहती है, वहां एमआरपी पर जीएसटी जोड़ना वह भी ज्यादा, कहां तक न्यायोचित है?