Friday, October 18, 2019 12:17 PM

45 हजार करोड़ के निवेश समझौते

इन्वेस्टर मीट से पहले जयराम सरकार को सफलता, शिमला में 4775 करोड़ रुपए के एमओयू साइन

शिमला - हिमाचल प्रदेश ने अपनी ग्लोबल इन्वेस्टर मीट से पहले 45 हजार करोड़ रुपए के समझौतों का आंकड़ा छू लिया है। मंगलवार को शिमला में हुए मिनी कनक्लेव में 93 कंपनियों के साथ 4775 करोड़ रुपए के एमओयू साइन किए गए हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया है, ताकि हिमाचल प्रदेश को निवेश का हब बनाया जा सके। इस मिनी कनक्लेव में मुख्य रूप से पर्यटन, आवास, शिक्षा, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य, आईटी तथा आईटीईएस क्षेत्रों में निवेशकों से उत्साहवर्द्धक रुचि देखने को मिली है। यहां हुए एमओयू में अकेले पर्यटन क्षेत्र से संबंधित 47 समझौता ज्ञापन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला में यह मिनी कनक्लेव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री के देश में निवेश को आकर्षित करने के प्रयासों में से एक यह है, क्योंकि इससे न केवल आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश और राज्य के युवाओं को पर्याप्त रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अब तक राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में 45000 करोड़ रुपए के एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले दिन से यह सुनिश्चित किया है कि सरकार का प्रत्येक निर्णय प्रदेश के लोगों के कल्याण और विकास के प्रति समर्पित हो। राज्य में ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों ने भी अंतरराष्ट्रीय रोड शो आयोजित किए, परंतु हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित जर्मनी, नीदरलैंड और यूएई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रोड शो और दिल्ली, बंगलूर, हैदराबाद, मुंबई, अहमदाबाद और चंडीगढ़ में घरेलू रोड शो में निवेशकों से इस प्रदेश में निवेश करने के प्रति विशेष रुचि देखने को मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा घोषित नई औद्योगिक नीति निवेश आकर्षित करने के लिए एक नई पहल है। राज्य में बिजली, पर्यटन, आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी, शिक्षा, विनिर्माण क्षेत्र आदि में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य देश के सेब राज्य के रूप में जाना जाता है। इसलिए यहां फल प्रसंस्करण और फल आधारित उद्योगों के लिए अपार क्षमताएं हैं। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों से ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का हिस्सा बनने का आग्रह किया और इस तरह राज्य के विकास में अपना योगदान देने का भी आग्रह किया।