Tuesday, January 21, 2020 11:26 AM

52 अभ्यर्थियों के आवेदन रद्द

 प्रदेश का स्थायी निवासी न होने के कारण नहीं मिला परीक्षा में बैठने का मौका

 ऊना -बेशक हिमाचल में सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए हिमाचली होना अनिवार्य है। बाहरी लोगों को यहां पर सरकारी रोजगार हासिल करने के लिए कई औपचारिकताएं ऐसी हैं जिन्हें पूरी करने के बाद सरकारी नौकर बना जा सकता है। लेकिन राजस्व विभाग में पटवारी बनने का सपना संजोए न केवल हिमाचली अभ्यर्थी थे बल्कि बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों ने भी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर दिया था। लेकिन अभ्यर्थियों के आवेदन पत्रों की जांच जब ऊना राजस्व विभाग की ओर से की गई तो इसमें पाया गया कि 52 अभ्यर्थी ऐसे थे जो कि हिमाचल के मूल निवासी नहीं थे। जिसके चलते इस तरह के आवेदनों को तुंरत रद्द कर दिया गया। हालांकि यह अभ्यर्थी हो सकता है कि जिला ऊना में ही रह रहे हों। जिसके चलते उन्होंने अपने आप को ऊना जिला का स्थायी निवासी सोचकर यहां पटवारी बनने के लिए आवेदन कर दिया हो। लेकिन राजस्व विभाग के नियमों पर ये अभ्यर्थी खरा नहीं उतर पाए। जिसके चलते इन अभ्यर्थियों को रविवार को ऊना जिला में आयोजित हुई पटवारी चयन परीक्षा में भी भाग लेने का मौका नहीं मिल पाया। शायद ये अभ्यर्थी इस तरह के नियमों से अनभिज्ञ थे कि उनके आवेदन भी रद्द हो सकते हैं। लेकिन नियमों के आगे सब कुछ बौना साबित हो जाता है। जिला में रविवार को हुई पटवारी चयन परीक्षा में केवल मात्र हिमाचली अभ्यर्थी को ही परीक्षा देने का मौका मिल पाया। उल्लेखनीय है कि पटवारी परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले 301 उम्मीदवारों के आवेदन रद्द किए गए। 249 अभ्यर्थी अल्प आयु या आयु सीमा की अधिकता, शैक्षणिक योग्यता व शुल्क अदायगी व अन्य कारणों से जबकि 52 आवेदन हिमाचल प्रदेश का मूल निवासी न होने के आधार पर रद्द हुए हैं। उधर, उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने कहा है कि 52 अभ्यर्थियों के आवेदन हिमाचल का मूल निवासी न होने के कारण रद्द हुए। जिन्हें परीक्षा देने का मौका नहीं दिया गया।