Tuesday, September 17, 2019 02:19 PM

55 करोड़ की बिल्डिंग को किराए पर देने का विरोध

चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट का प्लान जनता को पसंद नहीं, निजी फर्म के बजाए लोकल को देने की उठाई मांग

ऊना -प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में मंदिर न्यास की ओर से करीब 55 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधओं से लैस तैयार किए गए बहु-उद्देश्यीय भवन को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में देने की योजना तैयार की है, लेकिन मंदिर न्यास की ओर से इस बहु-उद्देश्यीय भवन को निजी फर्म को देने की योजना से स्थानीय लोग खुश नहीं हैं। इसके चलते स्थानीय लोगों ने मंदिर न्यास द्वारा लिए जा रहे इस फैसले को लेकर अब अपनी आवाज बुलंद की है। चिंतपूर्णी मंदिर न्यास द्वारा मात्र दस लाख एक हजार रुपए के सालाना किराए पर संचालन और रखरखाव के लिए निजी फर्म को बहु-उद्देश्यीय भवन दिया जा रहा है। मंदिर न्यास द्वारा इस बारे भाषा एवं संस्कृति विभाग को स्वीकृति के लिए 18 फरवरी-16 मई 2019 को प्रस्ताव भी भेजे हैं, लेकिन अब स्थानीय लोग इस निर्णय खिलाफ उतर आए हैं। वहीं, बताया जा रहा है कि जिस निजी फर्म को बहु-उद्देश्यीय भवन सौंपने की तैयारी की गई है उसी फर्म के पास ही पहले से ही चिंतपूर्णी बस अड्डा की भी जिम्मेदारी हैं। जहां पर श्रद्धालुओं से गाड़ी पार्किंग की भारी भरकम राशि वसूल की रही है। उधर, स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से आग्रह किया है कि इस भवन को निजी फर्म को सौंपने के बजाय स्थानीय व्यक्ति को दिया जाए, ताकि इसमें स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल सके। बता दें कि चिंतपूर्णी मंदिर न्यास व एशियन डिवेलपमेंट बैंक द्वारा संयुक्त रूप से चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए करीब 55 करोड़ की लागत से इस बहु-उद्द्देश्यीय परिसर का निर्माण किया है। लगभग 45 कनाल भूमि पर बने इस बहु-उद्देश्यीय भवन में 400 गाडि़यों की पार्किंग के साथ-साथ लंगर हाल, म्यूजियम, दर्शन पर्ची काउंटर, प्रतीक्षालय, क्लॉक रूम, होटल, महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग डारमेट्री हाल, फूड जोन, दुकानें और प्रशासनिक कार्यालय इसी परिसर में हैं। उधर, चिंतपूर्णी मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने इस भवन को निजी फर्म को देने की योजना से इनकार किया है। इसके अलावा बस स्टैंड में पार्किंग फीस के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान किया जाएगा। ग्राम पंचायत मोइन के पूर्व प्रधान संजीव कुमार ने कहा कि इस बहु-उद्देश्यीय भवन को निजी फर्म को नहीं दिया जाए। उन्होंने सरकार से भी आग्रह किया है कि इस ओर उचित कदम उठाए जाएं अन्यथा इसका विरोध किया जाएगा।