Wednesday, September 30, 2020 01:04 AM

57 मामलों में गिरफ्त से बाहर आरोपी

अभी तक नहीं ढूंढ पाई पुलिस; शातिरों की तलाश जारी, तीन साल में 1252 केस

शिमला - हिमाचल में ऐसे अपराधी भी हैं, जो अपराध करने के बाद पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। राज्य में पिछले तीन साल में ऐसे 57 मामले अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज हैं, जिनमें शातिर पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए या उन्हें ट्रेस नहीं किया जा सका। वैसे इन तीन सालों में कुल 1252 मामले इन थानों में दर्ज हैं। ऐसे चौंकाने वाले आंकड़े विधानसभा के पटल पर भी रखे गए हैं, जिसमें पुलिस ने विस्तृत जानकारी दे रखी है। इसके अनुसार नालागढ़ में तीन मामलों में आरोपी पकड़ से बाहर हैं, वहीं बरोटीवाला में एक, पुलिस थाना बद्दी में तीन मामलों में लोगों को नहीं पकड़ा जा सका है। बिलासपुर सदर में एक, भराड़ी में एक, महिला थाना बिलासपुर के तहत एक, जबकि चंबा के चुवाड़ी में एक मामला, डमटाल पुलिस थाना एक, जवाली थाने में एक आरोपी फरार है। जवाली पुलिस थाने में दर्ज मामलों में दो आरोपी फरार हैं, जिन तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है। वहीं नगरोटा बगवां में एक, पालमपुर थाना में एक मामला है, जिसमें अपराधी को ट्रेस नहीं किया जा सका है। कांगड़ा में कुल 206 मामले तीन साल में पुलिस में दर्ज हुए और पांच मामलों में लोग पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। किन्नौर के रिकांगपिओ में भी ऐसा अपराधी है, जिसे पुलिस तलाश नहीं कर पाई है। कुल्लू जिला के भुंतर थाना में एक, ब्रो थाना में एक व सैंज थाने में भी एक ऐसा मामला दर्ज है, जिसमें अपराधी पकड़ से बाहर है। पुलिस थाना काजा में एक, औट थाना के तहत एक, धर्मपुर में एक, हटली थाने में एक, महिला थाना मंडी में एक मामले में आरोपी फरार है। शिमला की बात करें, तो यहां सदर थाना में दर्ज एक मामले में आरोपी को पकड़ा नहीं जा सका है, जबकि बालूगंज थाना के तहत चार आरोपी ट्रेस नहीं किए जा सके हैं। ढली थाना के तहत पांच आरोपी पकड़ से बाहर हैं। ठियोग थाना के तहत ऐसा एक मामला है, कुमारसैन में भी एक अपराधी को ट्रेस नहीं किया जा सका है। यही हाल रोहडू थाने का भी है और रामपुर थाने का भी जहां भी एक-एक अपराधी पकड़ से बाहर है। न्यू शिमला थाना में भी एक, सुन्नी थाना में ऐसा एक अपराधी है, जो पकड़ से बाहर हैं। देहा थाने में एक मामले समेत कुल 17 अपराधी पकड़ से बाहर हैं। इसी तरह पांवटा साहिब में दो, सोलन के धर्मपुर में एक, परवाणू में तीन, ऊना सदर में तीन, गगरेट में एक, अंब में दो, हरोली में एक, चिंतपूर्णी में एक, पीएस सीआईडी में एक मामले में अपराधी पकड़ से बाहर हैं। यह पूरा आंकड़ा पहली जनवरी, 2017 से 31 दिसंबर, 2019 तक का है।