Monday, September 23, 2019 01:52 AM

72 घंटों में दें नुकसान की सूचना

जिलाधीश ने किसानों से किया आह्वान, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी या फिर कृषि विभाग को दें जानकारी

हमीरपुर -किसानों के खेत अगर भारी बारिश के चलते भर गए हैं या फिर भू-स्खलन की चपेट में आ गए हैं, तो किसान नुकसान की रिपोर्ट तुरंत एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी या फिर कृषि विभाग को देना सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को समय पर मुआवजा राशि मिल सके। बता दंे कि उपायुक्त हमीरपुर हरिकेश मीणा ने कहा कि हमीरपुर जिला में बरसात के मौसम में फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ती की जा रही है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे नुकसान के बारे में त्वरित सूचना उपलब्ध करवा कर इस योजना का भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केंद्र सरकार की एक महत्त्वपूर्ण योजना है और हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जिला हमीरपुर में खरीफ 2019 के लिए मक्की एवं धान की फसलों को इस बीमा योजना के अंतर्गत लाया गया है। जिला में यह योजना एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ  इंडिया लिमिटेड (एआईसी) के माध्यम से संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा इस योजना के अंतर्गत करवा रखा है वह समय-समय पर फसलों का निरीक्षण करते रहें। यदि उनकी फसल को स्थानीय आपदा जैसे ओलावृष्टि, भू-स्खलन, जलभराव इत्यादि के कारण क्षति होती है, तो इस बारे में 72 घंटों की समय अवधि में एग्रीकल्चर इंश्योरेंश कंपनी के टोल फ्री नंबर पर या कृषि विभाग के नजदीकी कार्यालय में सूचना दें। किसान इसके लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के निःशुल्क सहायता सेवा नंबर 1800-116-515 पर सूचित कर सकते हैं। साथ ही हमीरपुर जिला के लिए कंपनी के अधिकारी अजय उप्पल को उनके मोबाइल नंबर 9418957900 पर भी संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त इसकी जानकारी तुरंत अपने विकास खंड के नजदीकी विषयवाद विशेषज्ञ (कृषि) को दें। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग व संबंधित बीमा कंपनी को नुकसान की भरपाई प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए गए हैं।