Tuesday, April 13, 2021 10:45 AM

800 करोड़ से रोकेंगे प्रदेश की आपदा

शिमला। प्रदेश में आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए फ्रांस डिवेलपमेंट एजेंसी के साथ लगभग 800 करोड़ रुपए की लागत से एक परियोजना की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इस प्रोजेक्ट के तहत चेतावनी प्रणाली, क्षमता निर्माण तथा जलवायु परिवर्तन अनुकूलन नीति का विकास किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा देश के आठ राज्यों में प्रस्तावित विश्व बैंक वित्त पोषित राष्ट्रीय भूकंप जोखिम न्यूनीकरण योजना में हिमाचल प्रदेश को शामिल किया गया है। सीएम ने कहा कि राजस्व विभाग में नई नेशनल जेनेरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम प्रणाली के माध्यम से संपत्ति के पंजीकरण का सरलीकरण किया जा रहा है।

राजस्व विभाग ने पंजीकरण कार्य को पायलट आधार पर आरंभ किया था। अब विभाग प्रदेश के सभी 174 उप-पंजीकार कार्यालयों में इसे लागू करेगा। इससे पंजीकरण सुविधा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी और नागरिकों को फीस देने, ई-स्टांप प्राप्त करने और पंजीकरण दस्तावेजों को घर से जमा कराने की सुविधा मिलेगी। 15वें वित्त आयोग के तहत राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत भारत सरकार से 2021-22 में 409 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे। इसके तहत क्षमता निर्माण से आपदाओं का जोखिम कम किया जाएगा और प्रभावित लोगों को त्वरित राहत सुनिश्चित की जाएगी। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के अनुसरण में राज्य सरकार ने राजस्व विभाग में पुराने अप्रचलित नियमों और विनियमों में संशोधन के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो वर्तमान कानून और नियमों में उचित संशोधनों एवं राजस्व संबंधी मामलों के शीघ्र निपटारे हेतु अनुशंसा करेगी। राजस्व विभाग में कार्यरत अंशकालिक कर्मियों का मानदेय 300 रुपए प्रतिमाह बढ़ाने तथा नंबरदारों के मासिक मानदेय को 300 रुपए बढ़ाने की घोषणा की गई है।