Saturday, November 28, 2020 01:41 AM

अब जूट की बोरी में पैक होंगे खाद्यान्न, आर्थिकी में वृद्धि के लिए केंद्र सरकार का फैसला

सरकार ने जूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए खाद्यान्नों की पैकेजिंग में शत-प्रतिशत जूट की बोरी तथा कम से कम 20 प्रतिशत चीनी के लिए जूट बोरी का उपयोग करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की गुरुवार को हुई बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि सरकार के इस निर्णय से जूट की खेती को बढ़ावा मिलने के साथ ही मजदूरों को रोजगार मिलेगा। पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, त्रिपुरा आदि राज्यों में बड़े पैमाने पर किसान जूट की खेती करते हैं।

जूट उद्योग में चार लाख से अधिक मजदूरों को रोजगार मिलता है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय प्रति हेक्टेयर दस हजार रुपए बढ़ेगी । इसके साथ बांग्लादेश से आने वाले जूट पर शुल्क बढ़ाया गया है। मोदी मंत्रिमंडल ने इसके साथ एथेनॉल की कीमतों में दो रुपए से तीन रुपए 35 पैसे प्रति लीटर तक की वृद्धि की है। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि जिस प्रक्रिया से एथेनॉल बनेगा उसके आधार पर इसकी कीमतें तय की गई हैं। चीनी से निर्मित एथेनॉल की कीमत 62.65 रुपए प्रति लीटर निर्धारित की गई है, जबकि बी श्रेणी की खोई से प्राप्त एथेनॉल की कीमत 57.61 रुपए प्रति लीटर और सी श्रेणी की खोई से प्राप्त एथेनॉल की कीमत 45.69 रुपए प्रति लीटर तय की गई है।

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