Saturday, October 24, 2020 02:45 AM

आगे बढ़ाई जाए ईएमआई

देश में कोरोना की एंट्री हुए लगभग छह महीनों से ऊपर का समय हो गया है। कोरोना ने केंद्र और राज्य सरकारों की आर्थिक व्यवस्था को ही तहत-नहस नहीं किया है, बल्कि आम लोगों की आर्थिक व्यवस्था की भी कमर तोड़ दी है। अभी भी बहुत से लोगों के काम, धंधे और रोजगार पर कोरोना का ग्रहण लगा हुआ है। कोरोना काल उनके लिए तो और भी मुसीबत और परेशानी भरा बन गया है जिन्होंने घर, गाड़ी अथवा अन्य खर्चों के लिए बैंकों से ऋण ले रखे हैं। उन्होंने सोचा था कि वे आसानी से अपनी किस्तें अदा कर देंगे, लेकिन कोरोना ने जैसे उनकी कमर ही तोड़ दी है।

प्रकृति के आगे किसी का वश नहीं चलता। कोरोना के कारण देश की आबादी के बड़े हिस्से की कमाई बहुत बुरी तरह प्रभावित हुई है। हालांकि सरकार इसके लिए हर वर्ग की मदद भी कर रही है। सरकार ने उन लोगों का दर्द भी समझा जिन्होंने बैंकों से कर्ज लिया है और ऐसे लोगों की ईएमआई को कुछ महीनों के लिए रोकने के आदेश बैंकों को भी दिए हैं।

बैंकों ने भी इस पर अतिरिक्त चार्ज लगाते हुए अमल किया, लेकिन अभी भी देश में कोरोना के कारण लोगों की कमाई प्रभावित हो रही है। अब भी बहुत से लोग अपनी ईएमआई देने में असमर्थ हैं। अब सरकार और रिजर्व बैंक को चाहिए कि वे लोगों की ईएमआई की समय अवधि को बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के कुछ और महीनों के लिए आगे बढ़ा दें, ताकि लोगों को कर्ज के साथ अतिरिक्त चार्ज की चिंता से भी मुक्ति मिले।

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