अंकों की शर्त कैसे वजीफे से वंचित कर देगी होनहारों को , खबर पर क्लिक कर पढ़ें यह रिपोर्ट

मानसिक रूप से मंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति पाने हेतु अंकों की शर्त लगाने से अनेक विद्यार्थी छात्रवृत्ति हेतु आवेदन करने से भी वंचित हो गए हैं। जानकारी देते हुए राजकीय स्नातक कला संघ हमीरपुर जिलाध्यक्ष विजय हीर ने कहा कि कक्षा छठ से आठवीं हेतु छात्रवृत्ति आवेदन करने के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक अर्जित करने की शर्त मानसिक रूप से मंद विद्यार्थियों पर लगाई गई है और प्री. मेट्रिक छात्रवृत्ति हेतु मानसिक रूप से मंद विद्यार्थियों को न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक अर्जित करने पर ही आवेदन हो पा रहा है, जबकि राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर अधिसूचित नियमावली के तहत सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे दिव्यांग विद्यार्थी छात्रवृत्ति हेतु आवेदन करने के लिए पात्र हैं।

ऐसे में बहुत सारे मानसिक रूप से मंद विद्यार्थी अब छात्रवृत्ति के लिए आवेदन तक नहीं कर पा रहे हैं और इन विद्यार्थियों के लिए प्रदेश व केंद्र सरकार को विशेष रियायत अंकों की शर्त में देनी चाहिए, क्योंकि जिन विद्यार्थियों को मानसिक अपंगता, मंदबुद्धि या अधिगम विघ्नता जैसी समस्याएं हैं उनके लिए इतने अंक अर्जित करना सरल नहीं है और इन विद्यार्थियों के शिक्षा के अधिकार की रक्षा हेतु भारतीय पुनर्वास परिषद सहित सामाजिक न्याय व आधिकारिता विभाग को भी विचार करना चाहिए, क्योंकि इस नियमवाली के कारण पूरे देश में बहुत सारे मानसिक मंदता ग्रसित विद्यार्थी छात्रवृत्ति लाभ से वंचित होंगे।

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