Tuesday, April 13, 2021 10:43 AM

सड़़क पर मिले एंटी रैबीज इंजेक्शन, गलोड़ बाजार में एक्सपायर्ड टीके मिलने से लोगों में हड़कंप

विशेष संवाददाता—शिमला

प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के लिए वार-पलटवार की रणनीति बनाने को आज भाजपा व कांग्रेस के विधायक शिमला में जुटेंगे। दोनों दलों के विधायक दलों की बैठक शिमला में होगी। गुरुवार शाम को जहां दोनों दल अपने विधायकों की बैठकें करेंगे, वहीं दोपहर में विधानसभा अध्यक्ष सर्वदलीय बैठक करेंगे। सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने को लेकर इस बैठक में रण्नीति बनेगी। विधानसभा का बजट सत्र 26 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस और भाजपा विधायक दलों की बैठक होगी। उन मुद्दों पर यहां चर्चा होगी जो सदन में उठाए जाने हैं।

भाजपा विधायक दल विपक्ष के हर सवालों के जवाब देने के लिए, तो कांग्रेस विधायक दल यानी विपक्ष सरकार को हर मुद्दे पर घेरने के लिए रूपरेखा तैयार करेगा। सदन के नेता सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में विपक्ष को करारा जवाब देने के लिए भाजपा ठोस रणनीति बनाएगी। कांग्रेस विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में होगी। इस बार बजट सत्र काफी हंगामेदार होने की संभावना है। पिछले साल कोविड-19 के कारण शीत सत्र नहीं हुआ। ऐसे में अब 26 फरवरी से होने वाला बजट सत्र ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। विपक्ष के पास कई ऐसे मुद्दे हैं जिनपर सरकार की घेराबंदी की कोशिशें सदन के भीतर की जाएंगी।

 इसमें सबसे पहला मुद्दा महंगाई का है जिसपर विपक्ष में रहते हुए भाजपा खूब हंगामा करती थी। कांग्रेस इस मुद्दे को किस तरह से उठाती है और उसका प्रदर्शन कितना प्रभावशाली रहता है, यह देखना होगा। विपक्ष की रणनीति इस मुद्दे के इर्द गिर्द ही होगी, वहीं राज्य की आर्थिक स्थिति और सरकार कर्ज को लेकर यहां घेराबंदी की जाएगी जिसमें विपक्ष श्वेत पत्र की डिमांड रखेगा। उधर, भाजपा भी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करेगी और बताएगी कि कोविड की बड़ी महामारी के समय किस तरह से सरकार ने प्रदेश को संभाला है। कैसे यहां पर सही तरह से व्यवस्थाएं कीं, जिससे हिमाचल के लोगों की जान बच सकी। स्वास्थ्य क्षेत्र के ढांच को किस तरह से विकसित किया गया, कितना पैसा सरकार ने खर्च किया,  इस पर विपक्ष पर पलटवार करने की तैयारी में पक्ष है।

यहां बनेगा प्लान

कांग्रेस विधायक दल की बैठक शिमला के होटल होलिडे होम में होगी, वहीं भाजपा विधायक दल की बैठक यहां पीटरहॉफ में रखी गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दोपहर में सोलन के कार्यक्रमों को निपटाकर शिमला लौटेंगे और शाम को विधायक दल की बैठक में मौजूद रहेंगे।

विशेष संवाददाता—शिमला

कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने प्रदेश सरकार द्वारा नगर निगम के चुनाव पार्टी चिन्ह पर करवाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि कांग्रेस इसकी मांग पहले से ही करती आ रही थी। उन्होंने कहा कि अब इस निर्णय के बाद दल-बदल पर भी अंकुश लगेगा और किसी भी खरीद फरोख्त और लोकतंत्र की मर्यादाओं के किसी भी हनन पर रोक लगेगी। श्री राठौर ने कहा कि जिला परिषद व नगर निकाय चुनावों में भाजपा ने बैकडोर एंट्री कर उन लोगों को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर विठाया जो उनके, भाजपा के अधिकृत लोगों को हरा कर चुनाव जीते। उन्होंने अपनी मांग फिर दोहराई है कि भाजपा अपने अधिकृत जीते हुए लोगों की सूची जारी करे। मीडिया के साथ बातचीत में कुलदीप राठौर ने कहा कि कांग्रेस पूरे दमखम के साथ नगर निगम के चुनावों में उतरेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इन चुनाव क्षेत्रों में पहले ही अपने पार्टी पर्यवेक्षक नियुक्ति कर दिए हैं। पार्टी का प्रयास रहेगा कि वह स्वछ छवि वाले जिताऊ उम्मीदवारों को चुनावों में उतारें। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से आम वर्ग परेशान हैं। उन्होंने पेट्रोल, डीजल पर से वैट कम करने की मांग करते हुए कहा कि इससे बढ़ती महंगाई से लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। कुलदीप राठौर ने किसान आंदोलन के समर्थन में गुम्मा में आयोजित शिमला जिला कांग्रेस की पदयात्रा को सफल बताते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों ने अब भाजपा को सत्ता से बाहर करने का पूरा मन बना लिया है।

नगर निगम चुनावों के लिए कांग्रेस से पांच दर्जन नेताओं ने किया आवेदन

जयदीप रिहान—पालमपुर

नवगठित पालमपुर नगर निगम के पहले चुनावों में मैदान में उतरने को लेकर कांग्रेस समर्थकों में भारी जोश नजर आया है। यह जोश कांग्रेस टिकट के लिए आवेदन में साफ दिखाई दिया और पार्षद की 15 सीटों के लिए 59 लोगों ने अपनी दावेदारी पेश की। हर वार्ड से औसतन चार आवेदन मिलने से कांग्रेस आलाकमान के लिए भी प्रत्याशी का चयन अब टेढ़ी खीर हो गया है। सिर्फ एक वार्ड से एक ही आवेदन मिला है, जबकि एक वार्ड से तो 11 लोगों ने ब्लॉक अध्यक्ष त्रिलोक चंद के पास आवेदन जमा करवाया।

 नगर निगम चुनावों में कांग्रेस पार्टी के टिकट के लिए आवेदन देने के लिए 23 फरवरी अंतिम दिन था और करीब पांच दर्जन लोगों ने आवेदन जमा करवाए हैं। महिला के लिए आरक्षित खलेट वार्ड से सिर्फ  एक ही नाम सामने आया, जबकि सामान्य वर्ग के पालमपुर खास वार्ड नंबर तीन से 11 लोगों ने आवेदन किया है। एसटी के लिए आरक्षित लोहना वार्ड नंबर एक से तीन, महिला के लिए आरक्षित पालमपुर अपर वार्ड नंबर दो से पांच, जनरल कैटेगरी के आइमा वार्ड नंबर चार से पांच, महिला के लिए आरक्षित सुग्घर वार्ड नंबर पांच से पांच, जनरल वार्ड नंबर छह घुग्गर खिलडु से चार, जनरल वार्ड सात बिंद्रावन से दो, एससी के लिए आरक्षित वार्ड नंबर नौ चौकी से चार, महिला के लिए आरक्षित वार्ड नंबर दस मारंडा से दो, एससी महिला के लिए आरक्षित वार्ड नंबर 11 राजपुर से दो, महिला के लिए आरक्षित घुग्गर टांडा वार्ड नंबर 12 से तीन, एससी के लिए आरक्षित वार्ड नंबर 13 टांडा से छह, महिला के लिए आरक्षित वार्ड नंबर 14 बनूरी से दो और एससी के लिए आरक्षित वार्ड नंबर 15 होल्टा से चार लोगों ने टिकट के लिए आवेदन किया है।

दावेदारों से रू-ब-रू

चुनावों को लेकर कांग्रेस ने कौल सिंह ठाकुर, रामलाल ठाकुर, जीत सिंह नेगी और आईडी लखनपाल की टीम को जिम्मेदारी सौंपी है। बुधवार को टीम के सदस्य नगर निगम चुनावों के दावेदारों से रू-ब-रू हुए। यह टीम जल्द ही प्रत्याशी फाइनल करेगी।

चाहवान

वार्ड       आवेदन

1           3

2           5

3           11

4           5

5           5

6           4

7           2

8           1

9           4

10         2

11         2

12         3

13         6

14         2

15         4

सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन को नगर निगम बनाने के प्रयास न के बराबर

स्टाफ रिपोर्टर—शिमला

हिमाचल के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र की बात करें, तो उसमें बीबीएन (बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़) आता है। बावजूद इसके अभी तक यहां पर नगर निगम नहीं बन पाया है। आबादी, क्षेत्रफल और आमदनी के हिसाब से इस क्षेत्र में लगभग तीन लाख से अधिक की आबादी जीवन यापन करती है। तीनों क्षेत्रों में 41 के करीब पंचायतें आती हैं। ऐसे में बीबीएन नगर निगम बनने की औपचारिकताएं पूरी करता है। कुछ पंचायतों के प्रतिनिधि बीबीएन को नगर निगम बनाने के पक्ष में नहीं है। इसको लेकर विरोध के स्वर भी उस समय उठे थे, जब सरकार ने बीबीएन को नगर निगम बनाने की चर्चा की थी, लेकिन विरोध के सवर उठता देख सरकार ने इस पर अभी तक कुछ निर्णय नहीं लिया है।

 नगर निगम के बन जाने से यहां पर जिन पंचायतों, नगर परिषदों में नेताओं की सरदारियां चलती हैं, वह नहीं चलेंगी। सभी पर एक मेयर हो जाएगा, जबकि  एक आयुक्त होगा। ऐसे में कई नेताओं का अस्तित्व भी खतरे में आ जाएगा, जबकि यहां पर कार्यरत औद्योगिक संगठन नगर निगम बनाने के पक्ष में हैं। नगर निगम के बन जाने के बाद पूरे क्षेत्र का विकास होगा, जबकि लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी मिलेंगी। सड़क किनारे स्ट्रीट लाइट्स लगेंगी, हर घर सड़क से जुड़ेगा और पानी, सीवरेज, गारबेज की भी सुविधा मिलेगी।

नगर निगम बनने के नियम पास

नगर निगम बनाने के लिए तय शर्तों को यह क्षेत्र पूरा करता है। इस क्षेत्र में दो नगर परिषद नालागढ़ व बद्दी हैं। दोनों का क्षेत्र एक साथ जोड़ दिया जाए, तो यहां से करीब दस करोड़ से अधिक का राजस्व आएगा। विभाग की मानें, तो नगर निगम बनाने के लिए 50 हजार की आबादी और दो करोड़ की आमदनी कम से कम चाहिए होती है।

महानगर बन सकता है बीबीएन

प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक संगठन बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ इंडस्ट्री एसोसिएशन ने दिसंबर, 2019 में बजट से पहले यह सुझाव सरकार को भेजा था, जिसमें नगर निगम बनाए जाने की मांग की गई थी। संगठनों का तर्क था कि क्षेत्र को नगर निगम बनाया जाता है, तो  यह शहर महानगर बनेगा।

विशेष संवाददाता—शिमला

प्रदेश सरकार ने जिलाधीशों को खाद्य वस्तुओं पर नियंत्रण की शक्तियां दे दी हैं। दिसंबर के अंत में दी शक्तियों की मियाद खत्म हो गई थीं,  जिसे अब 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है। खाने-पीने के महंगे रेट पर अब सभी जिलों में 30 अप्रैल तक कंट्रोल रहेगा। राज्य सरकार ने ढाबों और रेस्तरां में चाय सहित दूसरी अन्य खाने पीने की वस्तुओं और फल सब्जियों के दाम तय करने के लिए जिला प्रशासन को अधिकार दिया है। जिला प्रशासन 30 अप्रैल तक अब चाय से लेकर हर खाने की आइट्म के रेट तय करेगा। इसके अलावा फल-सब्जियों के रेट भी जिला प्रशासन द्वारा तय किए जाएंगे, जो हर दिन तय होंगे। इसके लिए सरकार ने जिला प्रशासन को  प्राइस फिक्सेशन आर्डर यानी दाम तय करने का अधिकार दे दिया है। इसमें हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी निरोधक, हिमाचल प्रदेश वस्तु मूल्यांकन एवं प्रदर्शन और हिमाचल प्रदेश व्यापारिक वस्तुएं आदेश शामिल हैं। सरकार ने 2018 में इन सभी आदेशों को निरस्त कर दिया था।

 सरकार ने 2020 में फिर इन आदेशों को लागू किया, जो दिसंबर तक जारी थे, तब यह आदेश फिर से निरस्त कर दिए गए थे। इसका लाभ उठाते हुए व्यापारियों ने मनमाने रेट पर वस्तुओं को बेचना शुरू कर दिया था। कंट्रोल आर्डर निरस्त होने के बाद चाय 10 रुपए की जगह पर 15 रुपए में दी जाने लगी, वहीं 20 रुपए का परांठा 35 से 40 रुपए में दिया जा रहा है। इसी तरह दूसरे अन्य खाद्य पदार्थों के रेट भी मनमाने तरीके से बढ़ा दिए गए हैं, जिन्हें कंट्रोल में लाने के लिए सरकार ने आदेशों को जारी रखने का निर्णय लिया है, जो 30 अप्रैल तक जारी रहेंगे।

प्राइस फिक्सेशन

खाद्य आपूर्ति विभाग के निदेशक आबिद हुसैन ने बताया कि खाने के रेट अधिक वसूलने को लेकर लोगों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं और फल सब्जियों की दुकानों से रेट लिस्ट भी गायब हो गई थी। इस पर रोक लगाने के लिए मंत्रिमंडल ने प्राइस फिक्सेशन आर्डर को मंजूरी दे दी है। जिलाधीश तुरंत प्रभाव से इन शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे।

अनिल पटियाल—बिलासपुर

भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन की राह में एफसीए की अड़चन खत्म हो गई है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून की तरफ से तीसरे फेज की एफसीए को मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद अब कार्य और गति पकड़ेगा। हाल ही में आरईसी की बैठक में भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी न्यू रेललाइन को मंजूरी दी गई है। तीसरे चरण के तहत करीब 28 किलोमीटर का ट्रैक है और 29.643 हेक्टेयर भूमि को स्वीकृति मिली है। इसमें 25.6299 हेक्टेयर सरफेस एरिया और 4.0043 हेक्टेयर एरिया अंडरग्राउंड है। अब तक परियोजना पर करीब 875 करोड़ रुपए की राशि खर्च हो चुकी है। परियोजना पर करीब 6753 करोड़ की लागत का अनुमान है।  रेललाइन का अभी तक करीब आठ फीसदी कार्य ही पूरा हुआ है और टनल व पुल निर्माण का कार्य जारी है।

 चालू वित्त वर्ष में परियोजना में 420 करोड़ की राशि खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बता दें कि वन विभाग के सर्वे में 24,708 छोटे-बड़े पेड़ चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 14,600 बड़े पेड़ शामिल हैं। जंडौरी से धरोट होते हुए बिलासपुर तक 52.015 किलोमीटर लंबी रेललाइन के निर्माण कार्य के लिए कुल 139.21 हेक्टेयर एरिया चयनित किया गया है। पहले चरण में चयनित 54 हेक्टेयर एरिया की एफसीए क्लीयरेंस हो चुकी है। जंडौरी से धरोट तक 10 किलोमीटर एरिया में 7835 छोटे-बड़े पेड़ चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 3600 बड़े पेड़ शामिल हैं। दूसरे चरण के सर्वे के तहत धरोट से जकातखाना तक 38 किलोमीटर एरिया में चयनित 56.36 हेक्टेयर जमीन पर 12 हजार छोटे-बड़े पेड़ हैं, जिनमें सात हजार बड़े पेड़ शामिल हैं। इसी प्रकार जकातखाना से बिलासपुर तक 14 किलोमीटर एरिया में चयनित 29 हेक्टेयर पर 4872 छोटे-बड़े पेड़ हैं, जिनमें से चार हजार पेड़ बड़े हैं।

1674 एमएम चौड़ा होगा ट्रैक

भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन न्यू ऑस्ट्रियन टनल मैथड़ (एनएटीएम) पर बनेगी। इसकी चौड़ाई 1674 एमएम होगी। बिलासपुर से पंजाब से सटी सीमा पर छह टनल का कार्य चल रहा है, जिनमें से दो टनल का 100 मीटर और चार का 50 मीटर से आगे तक काम हो चुका है।

विभाग ने स्थानीय पंचायत को लिखा पत्र, बिलासपुर में विकसित होगा इंडस्ट्रियल एरिया

अश्वनी पंडित—बिलासपुर

बिलासपुर जिला की पंजाब राज्य से सटी सीमा पर नंदबैहल को औद्येगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना एफआरए (वनाधिकार अधिनियम) के फेर में फंस गई है। पिछले काफी समय से स्थानीय पंचायत से एनओसी न मिलने की वजह से आगे की कार्रवाई शुरू नहीं हो पा रही है, जिसके चलते योजना को सिरे चढ़ाने के लिए उद्योग विभाग की ओर से किए तमाम प्रयासों को बल नहीं मिल पा रहा। यह मुख्यमंत्री की घोषणा है। कुछ समय पहले उद्योग विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर अगवाई में बिलासपुर के महाप्रबंधक व अन्य अधिकारियों की टीम ने साइट विजिट किया और रिपोर्ट भी तैयार की। स्थानीय ग्राम पंचायत से एफआरए की एनओसी आनी है, जिसके बाद अगली कार्रवाई चलेगी। विभाग की ओर से दोबारा पंचायत को एनओसी के लिए पत्र लिखा गया है। उस ओर से एनओसी मिलने के बाद विभागीय स्तर पर अगली प्रक्रिया आरंभ की जा सकेगी। नंदबैहल में विभाग ने औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए 375 बीघा जमीन चिन्हित की है।

 पंजाब की सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है और ट्रांस्पोर्टेशन भी आसान होगी, इसी लिहाज से विभाग ने इस क्षेत्र के औद्योगिक बसाव की योजना तैयार की है। क्योंकि ग्वालथाई औद्योगिक क्षेत्र के बाद नंदबैहल को उद्योगों के बसाव के लिए चुना गया है, जिसकी बाकायदा लोकसभा चुनाव से पहले श्रीनयनादेवी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए घोषणा की थी।  नंदबैहल को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए एप्रोच रोड की जरूरत है और बीच में कई लोगों की निजी भूमि भी आती है। ऐसे में लोगों की रायशुमारी के बाद ही आगामी कदम उठाया जा सकता है। वहीं बिजली और पानी की सहूलियत भी नहीं है ऐसे में उद्यमियों की सुविधा के लिए बिजली और पानी का प्रबंध करना भी विभाग के समक्ष चुनौती होगा। बता दें कि जिला में बिलासपुर और ग्वालथाई दो औद्योगिक क्षेत्र हैं, जहां दर्जनों छोटे बड़े उद्योग कार्यरत हैं। इसके साथ ही विभाग झंडूता हलके के गेहड़वीं स्थित बरसंड और घुमारवीं के जाहड़ी चैहड़ी में औद्योगिक क्षेत्रों के बसाव के लिए प्रयासरत है। (एचडीएम)

विशेष संवाददाता - शिमला

हिमाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में 220 केवी के बिजली ट्रांसमिशन सब-स्टेशन का विवाद अभी भी कायम है। बड़ी बात है कि इसमें जिन अधिकारियों के कारण करोड़ों रुपए की पैनल्टी बिजली बोर्ड को लगी है, उन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री के क्षेत्र में इस तरह का कारनामा हुआ है, जिस पर कोई जवाबदेही किसी की तय नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं, अभी भी वहां पर जमीन का विवाद कायम है, क्योंकि जिससे पहले जमीन ली जा रही थी, अब वह ज्यादा पैसे में जमीन देने की बात कर रहा है।

 सूत्रों की मानें तो पॉवर ग्रिड के साथ जो समझौता हुआ था, उसके अनुसार यदि समय रहते बिजली बोर्ड अपना सब-स्टेशन तैयार नहीं करता है, तो उसे पैनल्टी देनी होगी। अब यही समझौता लागू हो रहा है, जिसके चलते करोड़ों रुपए की राशि बिजली बोर्ड पैनल्टी के रूप में ही चुकता कर रहा है। अब मामला यह है कि बिजली बोर्ड ने समय पर काम पूरा नहीं किया, जबकि उसके पास जमीन भी थी, लेकिन बाद में जमीन का पचड़ा फंस गया, जो आज भी कायम है। वहां के लिए बिजली की सुचारू व्यवस्था करने के लिए यह स्टेशन बनना है।

कार्यालय संवाददाता - शिमला

हिमाचल प्रदेश में दिन के समय गर्मी झुलसाने लगी है। खासतौर पर प्रदेश के मैदानी इलाकों में जनता को फरवरी माह के दौरान ही मई-जून माह जैसी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के ऊना का अधिकतम तापमान 32 डिग्री तक पहुंच गया है, जो विंटर सीजन के दौरान सबसे ज्यादा आंका जा रहा है। वहीं, बिलासपुर का पारा 30 डिग्री से पार हो गया है। कांगड़ा, हमीरपुर व सुंदरनगर में भी दिन के समय गर्मी पसीने छुड़ाने लगी है। अधिकतम तापमान में मंगलवार के मुकाबले एक से तीन डिग्री तक का इजाफा रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत पहाड़ों में गुरुवार को भी कुछ स्थानों पर बारिश-बर्फबारी होगी।

 26 व 27 फरवरी समूचे राज्य में बारिश, तूफान व ओलावृष्टि होगी। इसके लिए विभाग द्वारा यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि प्रदेश में 28 फरवरी से दो मार्च तक मौसम साफ बना रहेगा। प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में बुधवार को दिन के समय मौसम साफ बना रहा। मौसम विभाग के निदेशक डा. मनमोहन सिंह ने बताया कि प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गुरुवार को कुछ स्थानों पर बारिश-बर्फबारी होगी।

निजी संवादाता - गलोड़

जिला हमीरपुर की तहसील गलोड़ के तहत गलोड़ बाजार में बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब यहां दुकान के बाहर एक्सपायर डेट के एंटी रैबीज इंजेक्शन मिले। किसी ने उन्हें यहां फेंक दिया था। बाद में इसकी सूचना स्वास्थ्य महकमे को दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इंजेक्शन अपने कब्जे में लिए हैं। जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर बाद करीब तीन बजे गलोड़ बाजार में एंटी रैबीज इंजेक्शन एक दुकान के बाहर पड़े हुए मिले। ये इंजेक्शन वर्ष 2018 में एक्सपायर हो चुके हैं। बड़ी बात यह है कि वर्तमान हालात ऐसे हैं कि डिमांड के अनुसार एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। स्वास्थ्य महकमे को बार-बार डिमांड के उपरांत पर्याप्त इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे। विभाग बड़ी मुश्किल से इनका प्रबंध कर रहा है।

 ऐसे में एक्सपायर्ड एंटी रैबीज इंजेक्शन के मिलने से कहीं न कहीं व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठना लाजिमी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित प्रभाव से जांच कमेटी का गठन कर दिया है, जो पता लगाएगी कि आखिरकार यह इंजेक्शन कहां से आए। वहीं, गलोड़ बाजार में एंटी रैबीज इंजेक्शन मिलने के बाद व्यापार मंडल ने कई सवाल खड़े किए हैं। व्यापार मंडल का कहना है कि जब इंजेक्शन वर्ष 2018 में एक्सपायर हो चुके थे तो फिर आज ही क्यों मिले। उन्होंने इसके पीछे किसी सोची-समझी चाल का भी अंदेशा जताया है। किसी ने जानबूझकर यहां पर यह इंजेक्शन रखे होंगे।