Tuesday, April 13, 2021 09:24 AM

टूरिस्ट डेस्टीनेशन बनी अटल टनल

कुल्लू में जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ ने कालेज से उपायुक्त कार्यालय तक निकाली रोष रैली

निजी संवाददाता-कुल्लू जेबीटी व डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ द्वारा बुधवार को कालेज गेट से उपायुक्त कार्यालय तक रैली का आयोजन किया गया। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 12 मई, 2019 को जेबीटी के 647 पर्दों को भरने के लिए लिखित परीक्षा गई थी। उम्मीदवारों की दावेदारी के चलते परिणाम नहीं निकल पाया था। नरेंद्र सिंह का कहना है कि जेबीटी व डीएलएड की मुख्य मांगे दो वर्षों से चली आ रही हैं। 20 से 25 हजार तक जेबीटी हैं। आने वाले जेबीटी में अधिक संख्या में हैं। वहीं, प्रदेश सरकार द्वारा जेबीटी व डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अब सरकार और शिक्षा विभाग की तरफ से स्पष्ट भी किया है कि जेबीटी अध्यापकों के लिए केवल जेबीटी व डीएलएड ही योग्य होंगे। साथ ही अब काफी समय बाद 4225 में से 758 पदों पर बैचवाइज भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, जिसमें अब दो बीएड डिग्री धारकों को भी भर्ती में शामिल होने के लिए कहा गया है, जो कि जेबीटी व डीएलएड उम्मीदवारों के साथ सरासर गलत है, जिस प्रकार से कई वर्षों से गलत हो रहा है। डोलमा का कहना है कि हम भी इसी प्रदेश के निवासी व छात्र हैं। माननीय मुख्यमंत्री से विनती है की जेबीटी लिखित परीक्षा का परिणाम अतिशीघ्र घोषित किया जाए और दो वर्षों से शोषित हो रहे जेबीटी बेरोजगारों को राहत दी जाए। जेबीटी व डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ की प्रदेश सरकार से मांग है कि जिस पोस्ट के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है, उसे वहीं लिया जाए, ताकि जेबीटी व डीएलएड प्रशिक्षित युवाओंं को राहत मिल सके। अन्यथा इन ट्रेनिंग करवाने का क्या फायदा। डोलमा ने कहा कि सरकार ऐसी पॉलिसी बनाए, जिससे कई बेरोजगार न रहे। इस दौरान सभी जेबीटी व डीएलएड प्रशिक्षित मौजूद रहे।

स्वर्ग प्रवास से लौटे देवताओं ने की भविष्यवाणी; 42 दिन बाद खुले मंदिर के कपाट, देव प्रतिबंध से मुक्त हुए ग्रामीण

निजी संवाददाता — कुल्लू कुल्लू घाटी के जर्रे-जर्रे में देव आस्था का चमत्कारी प्रभाव अन्य राज्य के लोगों के लिए किसी अचंभे से कम नहीं है, लेकिन सदियों से चली आ रही देव अनुकंपा से ही कुल्लू घाटी के समस्त गांव की सत्ता चलती है। देव अनुकंपा का साक्षात उदाहरण बुधवार को मनाली के एतिहासिक गांव गोशाल में देखने को मिला। 42 दिनों के बाद स्वर्ग प्रवास से लौटे कुल्लू घाटी के आराध्य देवों ने बुधवार को भविष्यवाणी की। देवता के स्वर्ग प्रवास से आते ही देवालय में बंधी घंटियां खोल दी गईं। बंद पड़े रेडियो व टीवी भी ऑन हो गए। देवताओं ने गूर के माध्यम से मानव जगत के लिए वर्ष 2021 मिला जुला बताया।

स्वर्ग प्रवास से लौटे महार्षि गौतम महार्षि व्यास व कंचन नाग द्वारा बुधवार को कुल्लू घाटी के सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में दुनिया भर में होने वाले घटनाक्रम से अवगत करवाया गया। सुबह ही ऐतिहासिक गांव देव वाद्ययंत्रों से गूंज उठा। अपने आराध्य देवों के स्वर्ग प्रवास से लौटने को लेकर उत्सुक ग्रामीणों व देवता के कारकूनों ने देव विधिपूर्वक देवताओं का स्वागत किया। दोपहर बाद देवता के कारकूनों ने देव वाद्ययंत्रों के बीच देव विधि से कार्रवाई शुरू की। घाटी के लोगों ने गोशाल गांव में दस्तक देकर अपनी उत्सुकता प्रकट की। सभी कारकूनों व देवलुओं के देवालय में पहुंचते ही गोशाल गांव का माहौल भक्तिमय हो उठा। कारकूनों व पुजारियों द्वारा पूजा-अर्चना के बाद विधिपूर्वक मृदा लेप को हटाया गया। देवता के गूर व कारकूनों ने देवविधि को पूरा किया। मृदा लेप से कुमकुम, फूल, अनाज का छिलका, सेब के पत्ते निकलने से ग्रामीण खुश हुए। काले बाल व कोयला भी हल्की मात्रा में निकला है। देवता ने वर्ष 2021 दुनिया के लिए कुछ अच्छा तो कुछ बुरा बताया है। उन्होंने गुर के माध्यम से घाटी में सेब की फसल अच्छी होने से साथ-साथ शुभ कार्य अधिक रहने की बात कही। देवता के कारदार हरि सिंह ने बताया कि कुल मिलाकर यह वर्ष सभी के लिए सुखद रहेगा।

निजी संवाददाता — मनाली देवभूमि कुल्लू में इन दिनों फागली उत्सव की धूम मची हुई है। हर रोज घाटी के किसी न किसी गांव में यह उत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। मान्यता है की आदिकाल में कुल्लू घाटी में राक्षसों का आतंक था वे इनके आतंक से बचने के लिए देवताओ ने फैसला लिया की राक्षसों का इन दिनों मान-सम्मान किया जाएगा, ताकि इनके आतंक से बचा जाए।

इसी परंपरा को नसोगी फागली में भी निभाया जाता है व शाम के समय टुंडिया राक्षस को यहां से शलीन गांव को भेजा जाता है, जहां पर नसोगी के बाद फागली उत्सव मनाया जाता है। शंख नारायण के कारदार तारा चंद ठाकुर व पुजारी मोहन लाल ने बताया की नसोगी गांव में फागली उत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है व ओल्ड मनाली से हडिंबा माता व सियाल गांव से सियाली महादेव भी इस उत्सव मे हिस्सा लेने के लिए आए हुए हैं। गौरतलब है की इस साल नसोगी गांव के देवता शंक नारायण का नया गूर होने से लोगों में इस उत्सव के प्रति ज्यादा दिलचस्पी देखने को मिल रही है।

एयरपोर्ट अथारिटी ने स्थापित किया सुपर सीसीटीवी सिक्योरिटी सिस्टम, उपायुक्त ने किया उद्घाटन

स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर प्रदेश के सबसे पुराने कुल्लू-मनाली एयरपोर्ट भुंतर की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। एयरपोर्ट अथारिटी ने यहां पर हाईटेक सीसीटीवी सिक्योरिटी सिस्टम स्थापित किया है। लिहाजा, एयरपोर्ट में होने वाली गतिविधियों पर अब पहले से बेहतर तरीके से तीसरी आंख का पहरा रहेगा। जिला कुल्लू की उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा ने भुंतर एयरपोर्ट में स्थापित इन नए एस-सीसीटीवी सिस्टम का उद्घाटन किया। इसके मौके पर एयरपोर्ट के कार्मिकों के अलावा सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट विवेक कुमार और अन्य सुरक्षाकर्मी उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने इस दौरान सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया तो एयरपोर्ट अथारिटी के सीएनएस प्रभारी नरेंद्र कुमार पटेल ने इसकी कार्यप्रणाली व तकनीकों से अवगत कराया। इस अवसर पर विमानपत्तन निदेशक नीरज कुमार श्रीवास्तव ने उपायुक्त का स्वागत किया और नए एस-सीसीटीवी सिस्टम के महत्त्व के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि इसके स्थापित होने के बाद कुल्लू-मनाली हवाई अड्डे का प्रत्येक कोना सीसीटीवी की निगरानी में आ गया है और किसी भी प्रकार की घटनाओं पर कैमरों की नजर रहेगी। उन्होंने बताया कि इससे यहां की सुरक्षा में ईजाफा हुआ है और यह सुरक्षाकर्मियों के लिए बहुत ही उपयोगी रहेगा। उपायुक्त कुल्लू ने इस दौरान नए सीसीटीवी सिस्टम को सराहा और कहा कि इससे एयरपोर्ट की सुरक्षा और बेहतर तरीके से हो सकेगी। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट संवेदनशील इलाका माना जाता है और इसकी कड़ी सुरक्षा सबसे अहम है। इस दौरान अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

कुल्लू में तेज हवाओं का दौर, मिट्टी से भरीं शहर की छत्तें

कार्यालय संवाददाता — कुल्लू बुधवार दोपहर के समय मौसम ने करवट बदली और जिला कुल्लू में तेज हवा ने सबके होश उड़ा दिए। पिछले एक-दो दिनों से तेज हवा का दौर शुरू हो गया। बुधवार को सबसे ज्यादा तेज हवाएं हुईं। जमीन में सूखा होने के चलते धूल-मिट्टी इतनी उड़ रही है कि लोगों का कुछ देर चलना-फिरना ही बंद हो गया। मनाली में तेज हवा से स्कूल की छत पर देवदार का पेड़ गिर गया। कुल्लू शहर की बात करें तो यहां पर दोपहर तीन बजे के बाद तेज हवाओं का दौर शुरू हुआ। ढालपुर मैदान की धूल-मिट्टी गुब्बार बनकर इतनी उड़ी की मैदान में बैठे लोगों को परेशान कर दिया और धूप सेंक रहे लोगों की होश उड़ा दिए और लोग ढालपुर मैदान से भाग गए।

यही नहीं, पैदल चल रहे राहगीरों को तेज हवाओं से उड़ी धूल-मिट्टी के कारण परेशान का सामना करना पड़ा। घरों की छत्तें मिट्टी से भर गई। हालांकि बुधवार दोपहर मौसम खराब हो गया था, लेकिन जैसे ही तेज हवाओं का दौर शुरू हुआ तो बादल में छंट गए। किसान-बागबान आसमान की तरफ टकटकी लगाए हुए थे कि मौसम अब बरसेगा, लेकिन तेज हवाओं ने एक बार फिर किसान-बागबानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में बुधवार दोपहर बाद तेज हवा हुई, जिससे धूल-मिट्टी खूब उड़ी।

डेढ़ लाख सैलानी कर चुके रोहतांग सुरंग का दीदार

मोहर सिंह पुजारी — कुल्लू विश्व पटल में प्रसिद्ध अटल टनल जहां लाहुलियों के लिए वरदान बनी है, वहीं अब जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति पर्यटन हब बनने की राह ढूंढता नजर आ रहा है। टनल ने बर्फ की कैद से लाहुलियों को छुटकारा दिलाया, वहीं पर्यटन को सींचना शुरू कर दिया। सरकार-प्रशासन अब पर्यटन को विकसित करने के लिए प्लान में जुट गए हैं। अटल टनल रोहतांग खुलने के बाद सबसे बड़ी सौगात की बात करें तो लाहुल-स्पीति जिला को देश का सबसे लंबा स्नो फेस्टिवल मिला है। पहली बार उत्सव मनाने की पहल हुई, जो अब इतिहास बनेगा और यह फेस्टिवल रिवायत का स्वरूप लेगा। बता दें कि अटल टनल रोहतांग का दीदार देश के विभिन्न राज्यों के डेढ़ लाख के करीब पर्यटकों ने मात्र तीन-चार महीनों में किया। टनल पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है।

उद्घाटन के बाद टनल देखने पहुंच रहे सैलानी

एसपी कुल्लू गौरव सिंह की जानकारी मुताबित अटल टनल रोहतांग के उद्घाटन के बाद काफी संख्या में पर्यटक टनल देखने पहुंचे और टनल से होकर आरपार हुए। एसपी ने कहा उद्घाटन के बाद हर महीने 40 और 50 हजार के करीब पर्यटकों ने टनल को आरपार किया। उन्होंने कहा कि अक्तूबर और नवंबर में 40-40 हजार, दिसंबर 2020 में 50 हजार पर्यटकों ने टनल सहित लाहुल घाटी का दीदार किया। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे मौसम अनुकूल रहा तो जनवरी और फरवरी में भी काफी संख्या में पर्यटकों ने टनल को साउथ से नोर्थ पोर्टल तक निहारा।