Saturday, September 19, 2020 02:24 PM

आवारा गउओं पर दया करो

-नरेंद्र कुमार, भुजड़ू, मंडी

भारत में आवारा गायों की संख्या लाखों में है। लोग उन्हें पालने के बाद जब वे बूढ़ी हो जाती हैं तो उन्हें शहरों व सड़कों में छोड़ दिया जाता है। यह बहुत ही बुरा स्वार्थ है। जिस देश में गाय की पूजा की जाती है, वहां लोग उसके साथ क्रूर व्यवहार करते हैं। वे उपज देने के लिए गाय को पालते हैं और खिलाते हैं।

उन्हें उन पर कोई दया नहीं आती। ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए। कानून को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। कस्बों और शहरों में कुछ लोग ही उन्हें चारा खिलाते हैं, अन्यथा वे भूसे के बिना तड़प-तड़प कर मर जाएंगी। भारत में हजारों गाय शेड हैं, लेकिन गायों की स्थिति इतनी अच्छी नहीं है। कुछ गौशालाओं में गायों की स्थिति सबसे खराब है। लोगों को पुआल की व्यवस्था के लिए आगे आना चाहिए। गाय की सेवा और पूजा करना भगवान की पूजा करना है। उन्हें अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर मरने के लिए छोड़ देना गलत है। आपसी सामाजिक सहयोग द्वारा उनके रहने और खाने का इंतजाम किया जा सकता है।

साथ ही प्रशासन को उन लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए जो गायों को सड़कों पर आवारा छोड़ देते हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन पर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। जिन लोगों के पास धन की आवक ज्यादा है, उन लोगों को गायों के लिए शैड बनाने के लिए आगे आना चाहिए।

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