Friday, September 25, 2020 03:10 AM

बच्‍चों में पैनिक अटैक

पैनिक अटैक अचानक डर, घबराहट या चिंता के तीव्र लक्षण हैं, जो एक गंभीर स्थिति को पैदा कर देते हैं। पैनिक अटैक की इस स्थिति में कई शारीरिक और भावनात्मक लक्षण होते हैं। पैनिक अटैक वाले कई लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है, पसीना आना, कांपना और इसके अलावा उनके दिल की धड़कनें तेज होने लगती हैं। बड़े या बुजुर्गों को नहीं, बल्कि बच्चों को भी इसका सामना करना पड़ सकता है। इससे बच्चों का बचाव करने या बच्चों में आए इस अटैक से निपटने के लिए कुछ तरीके हैं, जिससे आप बच्चों में पैनिक अटैक की स्थिति को रोक सकते हैं।

गहरी सांस लें

हाइपरवेंटीलेटिंग पैनिक अटैक की स्थिति में बच्चों का एक लक्षण है, जो डर को काफी हद तक बढ़ा सकता है, ऐसे में उन्हें गहरी सांस दिलाएं इससे उनकी घबराहट को कम करने में मदद मिल सकती है। बच्चों को बताएं कि अगर उन्हें कभी पैनिक अटैक का सामना करना पड़े, तो उन्हें इस स्थिति के दौरान तुरंत अपने मुंह से गहरी सांस लेनी चाहिए, महसूस करें कि हवा धीरे-धीरे आपकी छाती और पेट को भरती रहे और फिर धीरे-धीरे सांस को फिर से छोड़ दें। ये आपको सामान्य स्थिति में लाने में काफी मदद करेगी।

अपनी आंखें बंद कर लें

कुछ पैनिक अटैक अचानक से आते हैं, जो बच्चों को काफी प्रभावित करते हैं। अगर कोई भी बच्चा बहुत ज्यादा उत्तेजनाओं में है, तो इसे कम करने के लिए अपनी आंखें तुरंत बंद करें। यह किसी भी अतिरिक्त उत्तेजना को अवरुद्ध कर सकता है और आपके श्वास पर ध्यान केंद्रित करने में काफी सहायक होता है।

मांसपेशियों को विश्राम

आपके शरीर की मांसपेशियां इस पैनिक अटैक की स्थिति को सामान्य करने में काफी मददगार होती है। इसके लिए बच्चे की मांसपेशी को आराम देने की कोशिश करें, बच्चे के हाथ की अंगुलियों को आराम देते हुए उनकी सभी मांसपेशियों को आराम दें। इसके लिए आप बच्चों को पहले से भी बता सकते हैं कि इस स्थिति में आप अपनी बॉडी और मांसपेशियों को रिलेक्स करने की कोशिश करें।

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