Sunday, November 29, 2020 04:20 PM

बेजुबानों की आंख फोड़ी-कान भी काटे, मसीहा बनकर आए इन चार युवकों ने दी नई जिंदगी

ऊना — विधानसभा क्षेत्र कुटलैहड़ के गांव टक्का के चार युवक बुरी तरह से घायल हुए आवारा गोवंश के लिए मसीहा बनकर सामने आए हैं। इन नौजवानों ने न केवल बेजुबानों के दर्द को समझा, बल्कि उनका दर्द कम भी किया। तीन माह से ये युवक लगातार इन घायल बैलों की निष्काम सेवा कर रहे हैं।

युवक रोजाना सुबह-शाम इन बैलों के लिए चारे व पानी की व्यवस्था भी करते हैं, जिसमें पशुपालन विभाग से एसवीओ डा. राकेश भट्टी व स्थानीय महिला पशु चिकित्सक सीमा घायल जानवरों के उपचार में नवयुवकों की सहायता कर रही हैं। मानवीय क्रूरता का शिकार हुए इन बेजुबानों की हालत इतनी गंभीर थी कि इनके जख्मों को देखकर रूह कांप उठती थी। एक बैल के दोनों कान काट दिए थे, तो एक बैल की आंख फोड़ दी गई थी।

आवारा बैलों की दयनीय हालत देखकर गांव के युवक प्रभात, राहुल, अमन, नीतीश व सौरव का दिल पसीज गया और इन्होंने इनके उपचार फैसला लिया। युवकों ने हिम्मत नहीं हारी और घायलों की सेवा में दिन-रात डटे रहे, जिसके बाद अब इनकी हालत में काफी सुधार आया है।

The post बेजुबानों की आंख फोड़ी-कान भी काटे, मसीहा बनकर आए इन चार युवकों ने दी नई जिंदगी appeared first on Divya Himachal.