Monday, October 26, 2020 06:19 PM

भारत-चीन में छठे कमांडर स्तर की वार्ता बेनतीजा, 14 घंटे चली बैठक, नहीं निकला हल

14 घंटे चली बैठक में नहीं निकला हल, बातचीत जारी रखने पर दोनों खेमे राजी

भारत और चीन के बीच सीमा तनाव सुलझाने को लेकर मोल्डो में हुई छठे दौर की बातचीत भी बिना किसी ठोस नतीजे की ही खत्म हो गई। पहली बार वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों के सैन्य और राजनयिक नुमाइंदों के बीच हुई यह वार्ता यूं तो 14 घंटे तक चली, लेकिन सरहद पर चार महीनों से चल रहे तनाव को कम करने का कोई फार्मूला तय नहीं हो सका।

हालांकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रखने को लेकर सहमति जरूर बनी। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक विवाद पेचीदा है, इसलिए भारत और चीन के बीच वार्ता के कुछ और दौर अभी हो सकते हैं। समाधान तलाशने की कवायद में सैन्य और राजनयिक नुमाइंदों के साथ बैठकों का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि बैठक का अगला दौर कब होगा यह अभी तय नहीं है। सूत्र बताते हैं कि बातचीत की मेज पर पेंगोंग झील के करीब भारत और चीन की सेनाओं के बीच बढ़ा तनाव अब भी विवाद का बड़ा कांटा बना हुआ है।

वार्ता के दौरान भारत का आग्रह है कि चीनी सेना पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में आमने-सामने की स्थिति को खत्म करे, अपने सैनिक जमावड़े को घटाए और अप्रैल 2020 की स्थिति तक वापस लौटे। इसके लिए जरूरी है कि चीन पूर्वी लद्दाख के उन सभी मोर्चों से पीएलए सैनिक पीछे हटाए, जहां वे मई, 2020 के बाद से मौजूद हैं। बताया जाता है कि तनाव घटाने और समाधान का रास्ता निकालने की कोशिशों से चीन इस मामले पर हर बार कन्नी काट जाता है। चीनी पक्ष इस जिद पर अड़ा है कि भारत पहले रेचिन ला, रिजंगला और फिंगर-4 समेत पेंगोंग झील के उन इलाकों को खाली करे, जहां उसने ऊंचाई के नए मोर्चे बनाए हैं, जबकि चीन पेंगोंग के उत्तर में फिंगर इलाके के अपने नए बनाए मोर्चों से पीछे जाने को तैयार नहीं है।

अक्साई चिन में किलर परमाणु मिसाइलें तैनात

पेइचिंग। लद्दाख में भारत के साथ तनाव के बीच चीन के इरादे बेहद खतरनाक होते जा रहे हैं। भारत और चीन के बीच कई दौर की बातचीत के बेनतीजा रहने के बाद चीनी सेना अब बड़े पैमाने पर घातक हथियारों की तैनाती में जुट गई है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी लद्दाख से सटे चीनी कब्जे वाले अक्साई चिन इलाके में मध्यम दूरी तक मार करने वाली किलर मिसाइलें तैनात कर रहा है। इन मिसाइलों की रेंज और संख्या इतनी ज्यादा है कि चीनी सेना पूरे भारत को निशाना बना सकती है। उधर, चीन का मुकाबला करने के लिए भारतीय सेना ने भी बड़े पैमाने पर घातक हथियारों की तैनाती है।

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