Sunday, November 29, 2020 04:40 PM

भारतीय सेनाध्यक्ष और नेपाल : कर्नल (रि.) मनीष धीमान, स्वतंत्र लेखक

दो दिन पहले कश्मीर के सभी क्षेत्रीय दलों ने मिलकर 5 अगस्त 2019 की यथास्थिति कायम करने की घोषणा की है और उससे पहले एक वरिष्ठ कश्मीरी नेता ने मर्यादाओं की सीमा लांघते हुए अपने इस मंसूबे को अंजाम देने के लिए चीन की मदद तक लेने की बात कही है।

बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल गर्म है तो यूपी में दिन-दहाड़े आला प्रशासनिक अधिकारियों के सामने एक बीजेपी नेता द्वारा गोली मारकर हत्या करने के कृत्य ने हाथरस कांड के कारण प्रशासनिक अव्यवस्था पर उठ रहे प्रश्नों को और भी मजबूत कर दिया है। अटल टनल के उद्घाटन के दौरान शिलान्यास पट्टिका के गायब होने से जहां हिमाचल की राजनीति गर्म हो रही है, वहीं जोजिला टनल का शुभारंभ सामरिक दृष्टि से भारतीय सेना के लिए बहुत आवश्यक है। भारतीय सेना  के सुप्रीम कमांडर भारत के राष्ट्रपति होते हैं जबकि इसके तीनों अंगों को अलग-अलग सेनाध्यक्ष कमांड करते हैं।

इसके अलावा डिफेंस सेक्रेटरी जो रक्षा विभाग का मुखिया होता है, जिसकी जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय और इसके मुख्य चार विभागों रक्षा, डिफेंस प्रोडक्शन, डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट तथा सेवानिवृत्त सैनिक कल्याण विभाग में समन्वय स्थापित करना होता है। आजादी के बाद ब्रिटिश इंडियन आर्मी को ही भारतीय सेना बना दिया गया जो आज दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना है और इसका मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा एवं एकता बनाए रखने के साथ-साथ बाहरी आक्रमण से भारतीय सीमाओं की रक्षा करना है। इसके अलावा भारतीय सेना देश में प्राकृतिक आपदाओं के समय बचाव कार्यों के दौरान अहम भूमिका निभाती है। ब्रिटिश इंडियन आर्मी के समय से ही नेपाली सैनिक भारतीय सेना का हिस्सा रहे हैं और आजादी के बाद दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों के चलते 1950 से एक ट्रेडिशन अपनाया गया था जिसके अनुसार दोनों देशों के सेनाध्यक्षों को दूसरे देश के सेनाध्यक्ष का आरनरी रैंक दिया जाता है।

इसी के चलते भारतीय सेना अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवाने को अगले महीने उनके काठमांडू दौरे के दौरान नेपाल सरकार ने उन्हें नेपाली सेना के आरनरी सेनाध्यक्ष का रैंक देने का निर्णय किया है। नेपाली सेना के प्रवक्ता के अनुसार भारतीय सेना अध्यक्ष नेपाल का दौरा अगले महीने नवंबर में करने जा रहे हैं जो पहले  3 फरवरी 2020 को तय था, पर कोरोना वायरस की दौरान दोनों देशों में हुए लॉकडाउन की वजह से पोस्टपोन हो गया था। एक सम्मान समारोह के दौरान नेपाल की राष्ट्रपति महामहिम विद्या देवी भंडारी जनरल नरवाने को नेपाली सेनाध्यक्ष का आरनरी रैंक प्रदान करेंगी। उसी दौरान  नेपाल के सेनाध्यक्ष को भी भारतीय सेना के सेनाध्यक्ष का आरनरी रैंक प्रदान किया जाएगा। वैसे तो यह प्रचलन 1950 में शुरू हुआ था, पर मौजूदा हालात में जब नेपाल द्वारा निकाले गए नए पॉलिटिकल मैप में भारतीय क्षेत्र काला पानी तथा लिपुलेख को नेपाली क्षेत्र का हिस्सा दिखाया गया है, दूसरा चीन के नेपाल पर बढ़ते प्रभाव और दोस्ती के बीच इस तरह का समारोह दोनों  देशों के राजनीतिक एवं सामरिक संबंधों की घनिष्ठता के लिए अति महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

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