Tuesday, April 13, 2021 08:54 AM

तीसरी आंख के पहरे में भुंतर एयरपोर्ट

स्टाफ रिपोर्टर-आनी उपमंडल आनी की डिंगिधार पंचायत के स्नेथा गांव में एक महिला दासी को ढांक से गिरने के बाद चोटें आईं, लेकिन घायल महिला को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए स्नेथा गांववासियों को महिला को कुर्सी पर बिठा कर कंधे पर उठाकर करीब डेढ़ से दो किलोमीटर का पैदल सफर करने पर मजबूर होना पड़ा। स्नेथा गांव के अनिल आर्य ने बताया कि महिला पशुओं के लिए चारे के घास काटने के बाद वापस लौट रही थी, तो पांव फिसलकर गिर गई और चोटें आईं, जिसे प्राथमिक उपचार को दलाश स्थित सीएचसी पहुंचाना पड़ा, लेकिन आजादी के साढ़े सात दशकों बाद भी डिंगिधार पंचायत का 35 परिवारों और करीब 150 आबादी वाला स्नेथा गांव सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है, जिसके चलते स्नेथा गांव तक सड़क जैसी जीवन रेखा न होने के कारण आज भी मरीज को सड़क तक पहुंचाने में मशक्कत करनी पड़ती है।

स्नेथा गांववासी अनिल आर्य, गंगी देवी, सूरत राम, निशा, गंगा राम, प्रकाश, संतोष, रोशन लाल आदि का कहना है कि हालांकि इस मांग को पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से भी कई बार सरकार के समक्ष रखने का प्रयास हुआ, लेकिन बात न बनी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें जल्द ही सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से जोड़ा जाए, ताकि गांव तक एंबुलेंस पहुंच सके। वहीं इस बारे में जिला परिषद कुल्लू के नवनिर्वाचित चेयरमैन पंकज परमार ने बताया कि उन्होंने स्नेथा गांव तक सड़क का प्रावधान करने के लिए चार लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत कर दी है। जल्द ही स्नेथा गांव को सड़क मार्ग से जोड़ दिया जाएगा।

निजी संववादता — कुल्लू जिला मुख्यालय के साथ लगते गाहर गांव में एक घर आगजनी की घटना घटित होने पर तीन परिवार को नुकसान झेलना पड़ा। जानकारी के अनुसार एक घर में तीन परिवार यानी एक पिता के दो बेटों का परिवार रहता था। हालांकि आगजनी की घटना में परिवार के किसी सदस्य को नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन की और से प्रभावित परिवार की मदद करते हुए अग्रिम अनुदान के रूप में 10000 रुपए दिए गए। डिपो से राशन की व्यवस्था भी की गई।

नित्थर के लोगों ने उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा को बताईं मांगें, शिमला मेंं प्रभावितों की तर्ज पर मांगा मुआवजा

स्टाफ रिपोर्टर — आनी उपमंडल आनी के अंतर्गत लुहरी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के निथर परियोजना प्रभावितों ने उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा। निरमंड पंचायत समिति अध्यक्ष दिलीप ठाकुर की अध्यक्षता में परियोजना प्रभावित कमेटी के अध्यक्ष अधिवक्ता नरगेश कटोच ने कहा कि परियोजना प्रभावित लोगों को जमीन का मूल्य शिमला के परियोजना प्रभावितों जितना मुआवजा मिले और रोजगार के बदले एक मुश्त राशि जो पांच लाख है, उसे बढ़ाकर दस लाख किया जाए, वहीं उन्होंने परियोजना से बेघर हो रहे लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना में मिल रही राशि को एक लाख तीस हजार से बढ़ाने परियोजना के बांध के लिए अधिग्रहण की जाने वाली, भूमि के अलावा जो शेष भूमि उसके साथ लगती है।

उसे भी परियोजना प्रबंधन अधिग्रहण करे। ग्राम पंचायत प्रधान जगदीश ठाकुर व सभी परियोजना प्रभावितों ने जिसमें सचिव जितेंद्र ठाकुर,विवेक ठाकुर, वीर सिंह,हरि सिंह,मदन गोस्वामी ने अपनी बात उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा के समक्ष रखी। वहीं, उपायुक्त ने परियोजना प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों के समाधान के लिए परियोजना प्रबंधन के साथ जल्द एक बैठक आयोजित की जाएगी।

आयुर्वेद के बहु-उद्देश्यीय चिकित्सा शिविर में लोगों ने करवाई जांच, नि:शुल्क दवाइयां भी बांटीं

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू जिला आयुर्वेद विभाग कुल्लू द्वारा गुरुवार को कुल्लू उपमंडल की भुट्टी-जरड़ ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में 204 लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई। बहु-उद्देशीय इस शिविर में डा. मनीष सूद, डा. नेहा, डा. वंदना तथा डा. रूबी हाजरा जिनकी अलग-अलग क्षेत्रों में विशेषज्ञता है ने लोगों में विभिन्न प्रकार की बीमारियों की जांच करके उन्हें नि:शुल्क दवाइयां प्रदान कीं। शिविर के प्रभारी डा. मनीष सूद ने कहा कि शिविर में प्रात: काल से ही बड़ी संख्या में लोगों का तांता लगा रहा। 40 लोगों ने जोड़ों के दर्द 75 लोगों ने रक्त की जांच तथा 50 लोगों ने आग्नेय कर्म एवं मर्म चिकित्सा करवाई।

डायबिटिज व रक्तचाप की जांच करवाने को लेकर बहुत से लोग गंभीर दिखे। उन्होंने कहा कि पंचकर्म, आग्नेय कर्म व मर्म आयुर्वेद की मुख्य उपचार पद्धतियां हैं और लोग बड़ी संख्या में इन उपचारों के लिए अस्पताल में आते हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में अब ऐसी औषधियां तैयार कर ली गई हैश् जो जल्द से मरीज की बीमारी को जड़ से समाप्त कर देती है। आयुर्वेद में ऐसी बीमारियों का उपचार मौजूद है, जो किसी अन्य उपचार पद्धति में नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपनी जीवन शैली को आयुर्वेद के तौर-तरीकों के अनुसार रखें। इससे उन्हें जीवन में किसी प्रकार की गंभीर ब्याधी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग डायबिटिक हो रहे हैं और अनेक का रक्तचाप असामान्य है। यह सब हमारी जीवन शैली व मानसिक तनाव के कारण है। उन्होंने कहा कि वायरस अथवा बीमारियों से बचने के लिए व्यक्ति को अपनी इम्यूनिटि अच्छी रखनी चाहिए। इसके लिए भी आयुर्वेद के तौर तरीकों को अपनाने की उन्होंने सलाह दी। वहीं, जिला आयुर्वेद अधिकारी डा. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा निकट भविष्य में जिला के अन्य भागोंं में भी नि:शुल्क बहु-उद्देशयीय शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने लोगों से घरद्वार के समीप ऐसे शिविरों में आकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है। शिविर में स्थनीय ग्राम पंचायत की प्रधान हर्ष ठाकुर, उपप्रधान नीरज, वार्ड सदस्य अमरा व बिंदु सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू कोविड-19 के चलते सबसे अधिक आर्थिक मार यहां पर्यटन कारोबारियों को झेलनी पड़ी है। मनाली में बहुत से ऐसे होटल हैं, जो पिछले मार्च 2020 से बंद पड़े हैं। वहीं, अनेक होटल मालिकों ने फैसला लिया है कि वे अपना होटल मार्च के बाद अप्रैल माह के शुरुआती दौर में खोलेंगे और एसओपी का पूरा पालन करेंगे। यहां मनाली के 79 वर्षीय होटल मालिक राम कृष्ण ठाकुर निवासी प्रीणी की मानें तो जब से कोरोना फैला है और हिमाचल में लॉकडाउन लगा वह अभी तक बाजार घूमने के लिए पिछले लंबे समय से नहीं गए हैं। राम कृष्ण ठाकुर ने कहा कि लोग लापरवाह हो गए हैं।

सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन करता नजर नहीं आता। सभी लोग भीड़ में बिना मास्क के घूमते हैं। अब तक महाराष्ट्र, पंजाब में भी कोरोना का सेकेंड फेस आ चुका है तो लोगों को भी लापरवाह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को भी चाहिए कि वह बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को बिना कोविड टेस्ट से प्रवेश न दे। उन्होंने कहा कि उन्होंने 22 मार्च 2020 से अपना होटल प्रीणी में बंद रखा है। अगर स्थिति ठीक रही तो ही वह अप्रैल में होटल खोलेंगे। प्रीणी के होटल मालिक राम कृष्ण ठाकुर कहते हंै कि अब स्थिति और भी नाजुक है। लोगों को संभलने की जरूरत है। लाहपरवाह लोग न बनें, जिस कारण से सभी को नुकसान झेलना पड़े। 79 वर्षीय राम कृष्ण ठाकुर ने सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे बाहर जाते समय मास्क जरूर पहने, ताकि सभी लोग स्वस्थ रह सकें। वहीं, होटल मालिक बुद्धि सिंह ठाकुर, अनिल शर्मा, रजत आचार्य, अनुपमा, अरुण शर्मा, अनिल मनचंदा का कहना है कि वहे भी मार्च के बाद अपना होटल खोलेंगे। क्योंकि बहुत से होटलों की बुकिंग महाराष्ट्र व पंजाब से अधिक रहती है। इसलिए जिस तरह से स्थिति अभी बनी हुई है। उसे देखते हुए उन्होंने फैसला लिया है कि होटल खोलने में जल्दबाजी नहीं करेंगे।

कुल्लू में जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ ने कालेज से उपायुक्त कार्यालय तक निकाली रोष रैली

निजी संवाददाता-कुल्लू जेबीटी व डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ द्वारा बुधवार को कालेज गेट से उपायुक्त कार्यालय तक रैली का आयोजन किया गया। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 12 मई, 2019 को जेबीटी के 647 पर्दों को भरने के लिए लिखित परीक्षा गई थी। उम्मीदवारों की दावेदारी के चलते परिणाम नहीं निकल पाया था। नरेंद्र सिंह का कहना है कि जेबीटी व डीएलएड की मुख्य मांगे दो वर्षों से चली आ रही हैं। 20 से 25 हजार तक जेबीटी हैं। आने वाले जेबीटी में अधिक संख्या में हैं। वहीं, प्रदेश सरकार द्वारा जेबीटी व डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अब सरकार और शिक्षा विभाग की तरफ से स्पष्ट भी किया है कि जेबीटी अध्यापकों के लिए केवल जेबीटी व डीएलएड ही योग्य होंगे। साथ ही अब काफी समय बाद 4225 में से 758 पदों पर बैचवाइज भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, जिसमें अब दो बीएड डिग्री धारकों को भी भर्ती में शामिल होने के लिए कहा गया है, जो कि जेबीटी व डीएलएड उम्मीदवारों के साथ सरासर गलत है, जिस प्रकार से कई वर्षों से गलत हो रहा है। डोलमा का कहना है कि हम भी इसी प्रदेश के निवासी व छात्र हैं। माननीय मुख्यमंत्री से विनती है की जेबीटी लिखित परीक्षा का परिणाम अतिशीघ्र घोषित किया जाए और दो वर्षों से शोषित हो रहे जेबीटी बेरोजगारों को राहत दी जाए। जेबीटी व डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ की प्रदेश सरकार से मांग है कि जिस पोस्ट के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है, उसे वहीं लिया जाए, ताकि जेबीटी व डीएलएड प्रशिक्षित युवाओंं को राहत मिल सके। अन्यथा इन ट्रेनिंग करवाने का क्या फायदा। डोलमा ने कहा कि सरकार ऐसी पॉलिसी बनाए, जिससे कई बेरोजगार न रहे। इस दौरान सभी जेबीटी व डीएलएड प्रशिक्षित मौजूद रहे।

स्वर्ग प्रवास से लौटे देवताओं ने की भविष्यवाणी; 42 दिन बाद खुले मंदिर के कपाट, देव प्रतिबंध से मुक्त हुए ग्रामीण

निजी संवाददाता — कुल्लू कुल्लू घाटी के जर्रे-जर्रे में देव आस्था का चमत्कारी प्रभाव अन्य राज्य के लोगों के लिए किसी अचंभे से कम नहीं है, लेकिन सदियों से चली आ रही देव अनुकंपा से ही कुल्लू घाटी के समस्त गांव की सत्ता चलती है। देव अनुकंपा का साक्षात उदाहरण बुधवार को मनाली के एतिहासिक गांव गोशाल में देखने को मिला। 42 दिनों के बाद स्वर्ग प्रवास से लौटे कुल्लू घाटी के आराध्य देवों ने बुधवार को भविष्यवाणी की। देवता के स्वर्ग प्रवास से आते ही देवालय में बंधी घंटियां खोल दी गईं। बंद पड़े रेडियो व टीवी भी ऑन हो गए। देवताओं ने गूर के माध्यम से मानव जगत के लिए वर्ष 2021 मिला जुला बताया।

स्वर्ग प्रवास से लौटे महार्षि गौतम महार्षि व्यास व कंचन नाग द्वारा बुधवार को कुल्लू घाटी के सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में दुनिया भर में होने वाले घटनाक्रम से अवगत करवाया गया। सुबह ही ऐतिहासिक गांव देव वाद्ययंत्रों से गूंज उठा। अपने आराध्य देवों के स्वर्ग प्रवास से लौटने को लेकर उत्सुक ग्रामीणों व देवता के कारकूनों ने देव विधिपूर्वक देवताओं का स्वागत किया। दोपहर बाद देवता के कारकूनों ने देव वाद्ययंत्रों के बीच देव विधि से कार्रवाई शुरू की। घाटी के लोगों ने गोशाल गांव में दस्तक देकर अपनी उत्सुकता प्रकट की। सभी कारकूनों व देवलुओं के देवालय में पहुंचते ही गोशाल गांव का माहौल भक्तिमय हो उठा। कारकूनों व पुजारियों द्वारा पूजा-अर्चना के बाद विधिपूर्वक मृदा लेप को हटाया गया। देवता के गूर व कारकूनों ने देवविधि को पूरा किया। मृदा लेप से कुमकुम, फूल, अनाज का छिलका, सेब के पत्ते निकलने से ग्रामीण खुश हुए। काले बाल व कोयला भी हल्की मात्रा में निकला है। देवता ने वर्ष 2021 दुनिया के लिए कुछ अच्छा तो कुछ बुरा बताया है। उन्होंने गुर के माध्यम से घाटी में सेब की फसल अच्छी होने से साथ-साथ शुभ कार्य अधिक रहने की बात कही। देवता के कारदार हरि सिंह ने बताया कि कुल मिलाकर यह वर्ष सभी के लिए सुखद रहेगा।

निजी संवाददाता — मनाली देवभूमि कुल्लू में इन दिनों फागली उत्सव की धूम मची हुई है। हर रोज घाटी के किसी न किसी गांव में यह उत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। मान्यता है की आदिकाल में कुल्लू घाटी में राक्षसों का आतंक था वे इनके आतंक से बचने के लिए देवताओ ने फैसला लिया की राक्षसों का इन दिनों मान-सम्मान किया जाएगा, ताकि इनके आतंक से बचा जाए।

इसी परंपरा को नसोगी फागली में भी निभाया जाता है व शाम के समय टुंडिया राक्षस को यहां से शलीन गांव को भेजा जाता है, जहां पर नसोगी के बाद फागली उत्सव मनाया जाता है। शंख नारायण के कारदार तारा चंद ठाकुर व पुजारी मोहन लाल ने बताया की नसोगी गांव में फागली उत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है व ओल्ड मनाली से हडिंबा माता व सियाल गांव से सियाली महादेव भी इस उत्सव मे हिस्सा लेने के लिए आए हुए हैं। गौरतलब है की इस साल नसोगी गांव के देवता शंक नारायण का नया गूर होने से लोगों में इस उत्सव के प्रति ज्यादा दिलचस्पी देखने को मिल रही है।

एयरपोर्ट अथारिटी ने स्थापित किया सुपर सीसीटीवी सिक्योरिटी सिस्टम, उपायुक्त ने किया उद्घाटन

स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर प्रदेश के सबसे पुराने कुल्लू-मनाली एयरपोर्ट भुंतर की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। एयरपोर्ट अथारिटी ने यहां पर हाईटेक सीसीटीवी सिक्योरिटी सिस्टम स्थापित किया है। लिहाजा, एयरपोर्ट में होने वाली गतिविधियों पर अब पहले से बेहतर तरीके से तीसरी आंख का पहरा रहेगा। जिला कुल्लू की उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा ने भुंतर एयरपोर्ट में स्थापित इन नए एस-सीसीटीवी सिस्टम का उद्घाटन किया। इसके मौके पर एयरपोर्ट के कार्मिकों के अलावा सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट विवेक कुमार और अन्य सुरक्षाकर्मी उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने इस दौरान सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया तो एयरपोर्ट अथारिटी के सीएनएस प्रभारी नरेंद्र कुमार पटेल ने इसकी कार्यप्रणाली व तकनीकों से अवगत कराया। इस अवसर पर विमानपत्तन निदेशक नीरज कुमार श्रीवास्तव ने उपायुक्त का स्वागत किया और नए एस-सीसीटीवी सिस्टम के महत्त्व के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि इसके स्थापित होने के बाद कुल्लू-मनाली हवाई अड्डे का प्रत्येक कोना सीसीटीवी की निगरानी में आ गया है और किसी भी प्रकार की घटनाओं पर कैमरों की नजर रहेगी। उन्होंने बताया कि इससे यहां की सुरक्षा में ईजाफा हुआ है और यह सुरक्षाकर्मियों के लिए बहुत ही उपयोगी रहेगा। उपायुक्त कुल्लू ने इस दौरान नए सीसीटीवी सिस्टम को सराहा और कहा कि इससे एयरपोर्ट की सुरक्षा और बेहतर तरीके से हो सकेगी। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट संवेदनशील इलाका माना जाता है और इसकी कड़ी सुरक्षा सबसे अहम है। इस दौरान अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।