Tuesday, November 30, 2021 08:04 AM

कांग्रेस-भाजपा के सामने बड़ा चैलेंज

भगवा को पिछले चुनाव जितनी लीड की चुनौती, कांग्रेस हासिल करना चाह रही खोया वजूद कार्यालय संवाददाता-जोगिंद्रनगर मंडी संसदीय चुनाव क्षेत्र के लिए 30 अक्तूबर को होने वाले उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के लिए जोगिंद्रनगर क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी को पहले जितनी बढ़त दिलाना किसी चुनौती से कम नहीं है जबकि जोगिंद्रनगर में कांग्रेस पार्टी भी अपना खोया वजूद हासिल करने के लिए दिन रात एक कर रही है। हालांकि जोगिंद्रनगर में भाजपा की ओर से पूर्व मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर, स्थानीय विधायक प्रकाश राणा, मंडल भाजपा अध्यक्ष पंकज जम्वाल, महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष मेघना ठाकुर सहित युवा मोर्चा व अन्य मोर्चों व प्रकोष्ठों के पदाधिकारी चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं, लेकिन वर्ष 2019 के आम चुनावों में भाजपा प्रत्याशी राम स्वरूप शर्मा को जोगिंद्रनगर से मिली 36292 मतों की बढ़त की बराबरी करना अथवा इससे आगे निकलना मौजूदा में टेढ़ी खीर की तरह ही है। इससे पूर्व वर्ष 2014 के आम चुनावों में भी भाजपा के प्रत्याशी राम स्वरूप शर्मा ने कांग्रेस की प्रतिभा सिंह को 19911 मतों के अंतर से हराया था, लेकिन उस समय देश में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया जाना मुख्य मुद्दा था लेकिन अबकी बार ऐसा कुछ भी नहीं है। क्षेत्र में आम मतदाता खामोश सा है तथा कुछ बोलने से परहेज ही कर रहा है लेकिन कहीं न कहीं बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी को लेकर आम आदमी में टीस अवश्य है।

जोगिंद्रनगर क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी भी अपना खोया वजूद फिर से कायम करना चाहती है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2003 के विधानसभा चुनावों पश्चात कांग्रेस यहां से कोई चुनाव जीत नहीं पाई है जबकि लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने भाजपा प्रत्याशी जयराम ठाकुर से 491 मतों की बढ़त ही प्राप्त की थी। कांग्रेस के लिए पूर्व विधायक सुरेंद्र पाल सहित ब्लाक कांग्रेस के अध्यक्ष डा. राकेश धरवाल व अन्य कांग्रेस नेता भी घर-घर दस्तक दे प्रतिभा सिंह के लिए वोट मांग रहे हैं लेकिन वह भी कांग्रेस के आंकड़े को कहां तक पहुंचाते हैं यह भी देखने योगय होगा। भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस दोनों ही दलों को कहीं न कहीं भीतरघात का डर भी सता रहा है क्योंकि यदि अंदरखाते अपने ही कहीं पराए हो गए तो नैय्या पार लगना मुश्किल दिखता है। ऊंट किस करवट बैठता है यह तो चुनावी नतीजे ही बतांएगे लेकिन मोैजूदा उपचुनाव को लेकर आम जन सहित दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में जरा भी उत्साह नहीं है। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार किस प्रकार तेजी पकड़ता है यह भी देखने योग्य होगा।