Saturday, September 19, 2020 03:12 PM

बिना बरसे बीत गया सावन

बारिश न होने से टमाटर सीजन धड़ाम, सेब का साइज भी बिगड़ा

निजी संवाददाता— नेरवा

सावन माह में बारिश न होने से किसान बागवान मायूस हो कर रह गए हैं।  सावन माह समाप्त होने में मात्र दो दिन ही शेष है, परन्तु अभी तक क्षेत्र के किसान बागवानों सहित आम आदमी सावन की फुहारों के दीदार को तरस कर रह गए हैं।  इस महीने बारिश ना होने से जहां टमाटर उत्पादकों को काफी नुक्सान झेलना पड़ा है। वहीं सेब का आकार ना बन पाने से बागवान भी मायूस है। क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है एवं खुश्क मौसम के चलते बागीचों में सेब झड़ना शुरू हो गया है। ज़मीन में नमी के अभाव में सेब का आकार भी नहीं बन पाया है।

सेब के साथ साथ टमाटर भी क्षेत्र की आर्थिकी का प्रमुख साधन बन चूका है। उपमंडल चौपाल के नीचले क्षेत्रों में जून माह में टमाटर सीजन शुरू हो जाता है एवं यह आम तौर पर सितम्बर माह के अंत तक चलता है। सूखे के चलते इस साल टमाटर सीजन एक माह पहले ही दम तोड़ चूका है।  खुश्क मौसम के कारण टमाटर में कमर तोड़ रोग लगने की वजह से टमाटर के पौधे मुरझा कर खेतों में बिछ गए हैं। मंडियों में टमाटर के बेहतरीन दाम मिलने से किसानों के चेहरों पर जो ख़ुशी देखने को मिल रही थी। वह फसलों के सूख जाने पर गायब हो चुकी है।

  उधर, स्थानीय जानकारों का कहना है कि सावन माह की बरसात जमीन के लिए अति आवश्यक होती है।  यदि सावन माह में बरसात ना हो और यह भादों माह में हो तो यह ना केवल जमीन के लिए हानिकारक होती है बल्कि इससे बाढ़ का ख़तरा भी उत्पन्न हो जाता है। भादों माह में होने वाली बरसात से जमीन का कटाव होने का ख़तरा भी रहता है।  बीते समय में बाढ़ से हुए नुक्सान पर नज़र दौड़ाई जाए तो 1978, 1988, 1995, 2013 एवं 2019 में भादों माह में क्षेत्र में बाढ़ से भारी नुकसान हो चुका है।

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