Sunday, March 07, 2021 11:40 PM

धाउगी वार्ड में भाजपा-कांग्रेस चित

आजाद प्रत्याशी विभा सिंह ने जीती जिला परिषद की सीट, टक्कर तक पहुंच नहीं पाईं बड़ी पार्टियां 

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू

जिला परिषद के धाउगी वार्ड में प्रमुख पार्टियां भाजपा व कांग्रेस चित हो गई हैं। यहां पर आजाद प्रत्याशी ने भारी मतों से जीत दर्ज कर ली है। हालांकि इस वार्ड में भाजपा व कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए एक्टिव प्रत्याशियों को चुनावी दंगल में उतारा था, लेकिन दोनों दलों के प्रत्याशी चुनावी दंगल से बाहर हो गए हैं। दिलचस्प बात तो यहां यह है कि कांग्रेस व भाजपा समर्थित प्रत्याशी टक्कर तक पहुंच नहीं पाए। इस वार्ड में दो आजाद प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें राज परिवार की छोटी बहु विभा सिंह भारी मतों से जीती हैं। विभा सिंह भारी मतों से विजयी घोषित हुईं, जबकि टक्कर में आई आजाद प्रत्याशी कविता को हार का सामना करना पड़ा। इस वार्ड पर तीसरे नंबर पर भाजपा समर्थित कला देवी, लेकिन कला देवी टक्कर तक नहीं पहुंच पाई। यह भाजपा के लिए आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। बंजार के विधायक भी यहां पर अपने प्रत्याशी को जीताने में काफी पीछे रह गए हैं। कला देवी को 3,776 मत पड़े, जबकि चौथे नंबर पर रही कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता इंदू पटियाल को 1,137 मतों से संतोष करना पड़ा। कांग्रेस यहां पर अपनी साख नहीं बचा पाई। कांग्रेस ने प्रदेश प्रवक्ता को उतार कर कहीं न कहीं भारी मात खा ली। बता दें कि इस वार्ड में कुल सात प्रत्याशी चुनावी दंगल में उतरी थीं। यह वार्ड महिला आरक्षित था। विभा सिंह, कविता, कला देवी, इंदु पटियाल के साथ  आजाद तौर पर निर्मला देवी, स्नेह तला, डोलमा भी उतरी थीं। निर्मला देवी को 1232 वोट, स्नेहलता को 2246 वोट और डोलमा को 477 वोट पड़े हैं। यही नहीं, 64 मतदाताओं ने नोटा पर अपना मत देकर सभी प्रत्याशियों को नकार भी दिया है। यहां पर इस वार्ड में  कुल मतदाता 21,192 थे, जिनमें 20,920 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। विभा सिंह राजपरिवार की पहली महिला हैं, जो इस बार जिला परिषद चुनाव के अखाड़े में उतरी थीं और दंगल जीत कर राजपरिवार के राजनीति को और मजबूत किया है। विभा सिंह निवर्तमान जिला परिषद सदस्य हितेश्वर सिंह की धर्मपत्नी हैं। हितेश्वर सिंह इस बार रैला वार्ड महिला आरक्षित होने पर चुनाव नहीं लड़ पाए। ऐसे में  धाउगी वार्ड भी महिला आरक्षित हुआ था। इसलिए उन्होंने अपने समर्थकों की राय पर  अपनी पत्नी को इस बार चुनावी मैदान में उतारा। गौर रहे कि बीते दिनों नगर परिषद के चुनाव में पूर्व सांसद महेश्वर सिंह बड़े बेटे दानवेंद्र सिंह ने भी नगर परिषद में वार्ड-चार से विजयी हासिल की। एक बार फिर लंबे समय के बाद घर में एक साथ जीत की खुशी का माहौल तो बना है, लेकिन बीते दिन परिवार में दादी के निधन के चलते अभी महज एक दिन का समय निकला है। इसी बीच पौत्र बहु की भी भारी मतों से जीत की खुशी आने पर भी घर में कभी खुशी कभी गम का मौहल बना हुआ है, वहीं चायल वार्ड से कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर भी चुनाव हार गए हैं। यही नहीं, मौहल वार्ड  से कांग्रेस समर्थित जिला परिषद के प्रत्याशी एवं पूर्व में जिला परिषद अध्यक्ष रहे सेस राम चौधरी भी जिला परिषद का चुनाव हार गए।