Saturday, October 24, 2020 08:35 AM

बोनाफाइड की तर्ज पर बने ओबीसी प्रमाण पत्र

कार्यालय संवाददाता-मैहतपुर बसदेहड़ा-जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) जाति से ताल्लुक रखने वाले ने प्रदेश सरकार से जाति प्रमाण पत्र बोनाफाइड की तर्ज पर बनाने की मांग उठाई है। ओबीसी जाति से ताल्लुक रखने वालों ने प्रदेश की जयराम सरकार से ओबीसी से संबंधित प्रमाण पत्र की अवधि को एक वर्ष से बढ़ाकर 20 वर्ष तक करने की मांग उठाई है।

सोमवार को इस संबंध में एक ज्ञापन जिला परिषद वार्ड रायपुर सहोड़ा से पार्षद पंकज सहोड़ के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेजा है। मैहतपुर की पंचायत प्रधान सोनिया देवी की अगवाई में एक शिष्टमंडल जिला पार्षद पंकज सहोड़ से मिला। शिष्टमंडल में स्थनीय निवासी सचिन, आतिश, उदय चौधरी, तान्या, सरोज रानी, आशा रानी, आशा देवी, सुमन चौधरी, प्रवीण कुमारी, नरेश कुमारी, नीलम कुमारी, बीना कुमारी, अशोक कुमार, चमन लाल, संदेश कुमारी, अलका देवी समेत अनेक ग्रामीण शमिल रहे। ग्रामीणों ने कहा कि ओबीसी के प्रमाण पत्र की अवधि मात्र एक वर्ष की है, जबकि अन्य जाति से संबंधित प्रमाण पत्र की अवधि 20 वर्ष की है।

इसके अलावा हिमाचली बोनाफाइड की अवधि भी 20 वर्ष की है। ओबीसी से ताल्लुक रखने वाले लोगों के साथ ऐसा भेदभाव आखिर क्यों? उन्होंने कहा कि जब पंचायत रजिस्टर और राशन कार्ड में सालों से एक ही जाति दर्शाई जाती है तो ओबीसी प्रमाण पत्र की अवधि एक वर्ष क्यों रखी गई है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से ओबीसी प्रमाण पत्र को एक वर्ष की बजाय 20 वर्ष के लिए बनाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस जाति से ताल्लुक रखने वाले लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ओबीसी जाति प्रमाण पत्र की अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर 20 वर्ष करे।

जिला परिषद की मासिक बैठक में उठाऊंगा मुद्दा

जिला परिषद वार्ड रायपुर सहोड़ा से पार्षद पंकज सहोड़ ने बताया कि ओबीसी जाति से संबंधित कुछ लोगों का एक शिष्टमंडल उनसे मिला है। उनकी मांग जायज है। इस मुद्दे को जिला परिषद की मासिक बैठक में उठाया जाएगा। जिला परिषद अध्यक्ष के माध्यम से प्रदेश सरकार को इस समस्या के बारे में अवगत करवा कर हल करवाने का प्रयास किया जाएगा।

The post बोनाफाइड की तर्ज पर बने ओबीसी प्रमाण पत्र appeared first on Divya Himachal.