Tuesday, June 15, 2021 12:24 PM

बारालाचा में ट्रकों को निकालने में जुटा बीआरओ

कोविड प्लान में गैर-सरकारी संस्थाओं को न जोडऩे पर नीति आयोग नाराज, उपायुक्तों को जारी किए निर्देश

स्टाफ रिपोर्टर- भुंतर कोरोना संक्रमण के संकट को कम करने के मिशन की प्लानिंग से गैर-सरकारी संस्थाओं को आउट करने पर नीति आयोग नाराज है। नीति आयोग ने सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी कर गैर-सरकारी संस्थाओं को कोविड-19 से निपटने के अभियान में जोडऩे और इसके लिए विशेष एनजीओ को-आर्डिनेशन केंद्र सभी प्रकार की सुविधाओं सहित स्थापित करने व एक नोडल अधिकारी तैनात करने के फरमान देते हुए रिपोर्ट देने को कहा है। लिहाजा, जो गैर-सरकारी संस्थाएं कोविड-19 आपदा से लडऩे में सरकार का साथ देने की क्षमता रखती हैं, उन्हें भी अहम जिम्मा अब मिलने वाला है। बता दें कि प्रदेश में भी अब तक जो दिशा-निर्देश कोविड-19 के संकट से उबरने के लिए दिए गए हैं, उसमें भी गैर-सरकारी संस्थाओं को खास जिम्मेदारी नहीं दी गई है। प्रदेश में राज्य व हर जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन इंटर एजेंसी समूहों को भी बनाया गया है, लेकिन इनके साथ भी कोई को-आर्डिनेशन नहीं दिख रहा है। जानकारी के अनुसार पांच मई को नीति आयोग के तहत पंजीकृत गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ ऑनलाइन बैठक आयोग ने की है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संस्थाओं ने कोविड-19 से निपटने की योजना में संस्थाओं की उपेक्षा का मामला उठाया था। जानकारी के अनुसार इसी पर आयोग ने सख्त नाराजगी जाहिर की है और गुरुवार को नए दिशा-निर्देश सभी उपायुक्तों को जारी किए हैं।

इन निर्देशों के अनुसार को-आर्डिनेशन मैकेनिजम स्थापित करने को कहा गया है जो ग्रास रूट से जिला स्तर पर कार्य करेगा। संस्थाओं को अस्पताल सुविधा, बैड के लिए मदद, ऑक्सीजन सुविधा प्रदान करने, ऑक्सीजन सप्लाई व ऑक्सीजन बैंक तैयार करने, एंबुलेंस सुविधा, अस्पताल के वेटिंग क्षेत्र में सुविधा जुटाने, होम आइसोलेशन और गरीब व विशेष जरूरत वाले लोगों को भोजन, अनाथ बच्चों की देखभाल, मनोसामाजिक व मेडिकल काउंसिलिंग, वैक्सीनेशन अभियान व मदद, शवों को दफनाने या जलाने तथा अन्य सेवाओं का सहयोग लेने को कहा गया है। इसके अलावा सरकार के निर्देशों को समझाने व प्रसार, सूचनाओं, कोविड उपयुक्त व्यवहार, टेस्टिंग, आइसोलेशन, इलाज तथा कोविड उपरांत देखभाल सहित जिला स्तर पर कोविड प्रबंधन हेतु मजबूत डाटा बेस तैयार करने तथा अन्य मसलों से संबंधित जिम्मा देने को कहा गया है। एनजीओ को-आर्डिनेशन केंद्र में सभी प्रकार की सुविधाओं के अलावा संस्थाओं की ओर से नामित पूर्ण कालिक कॉडिनेटर भी सेवा देगा। एनडीएमए के जॉइंट एडवायजर नवल प्रकाश द्वारा जारी पत्र के अनुसार यह केंद्र कोविड के अलावा भविष्य में अन्य आपदाओं के दौरान भी सेवा देता रहेगा।

बर्फबारी के बीच दिन भर दर्रे में डटे रहे जवान, शनिवार को मनाली लेह मार्ग पर हो सकती है वाहनों की आवाजाही

निजी संवाददाता — मनाली अभी भी मौसम खराब होने पर व बर्फ के फाहों के बीच बीआरओ की टीम बारालाचा दर्रे में ट्रकों को निकालने में जुटी हुई है। बीआरओ ने बारालाचा दर्रे में फंसे पांच ट्रकों सहित नौ वाहन गुरुवार को मनाली की ओर भेज दिए थे, लेकिन लेह जा रहे 20 से अधिक ट्रक बारालाचा दर्रे में फंसे हुए हैं। सुबह से हो रही बर्फबारी बीआरओ के लिए दिक्कत बनी हुई है। ट्रक चालकों के दर्रे में पहुंचते ही 21 अप्रैल से दर्रे में फंसे ट्रक भी निकलने लगे हैं। शनिवार दोपहर तक सभी ट्रकों के निकलने की उम्मीद है। इस बार बीआरओ ने रिकार्ड समय में सड़क बहाली की है, लेकिन वहान चालकों को तब से भारी दिक्कत का सामान करना पड़ा है।

21 अप्रैल से फंसे ट्रक चालकों को अब जाकर राहत मिलने लगी है। दूसरी ओर लेह में फंसे ट्रक चालकों ने भी मनाली का रुख करना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को लेह के उपसी से ट्रकों का काफिला सरचू पहुंचने लगा है। सेना का काफिला भी मनाली पहुंचना शुरू हो गया है। बीआरओ की मानें तो शुक्रवार शाम तक सभी ट्रकों को दर्रे से निकाल लिया जाएगा और शनिवार को आवाजाही सुचारू हो जाएगी। बीआरओ कमांडर उमा शंकर ने बताया कि बीआरओ के जवान सुबह से ट्रकों को निकालने में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि बारालाचा दर्रे में बर्फ बारी हो रही है, जिससे काम प्रभावित हुआ है लेकिन देर शाम तक ट्रकों को निकाल लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिनजिंगबार व सरचू में बीआरओ ने अपने अस्थायी कैंप स्थापित किए हैं। यहां से मनाली लेह मार्ग की ट्रैफिक को सुचारू रखने के प्रयास किए जाएंगे।