Thursday, March 04, 2021 02:59 PM

पद्मश्री करतार सिंह सौंखले के बुलंद हौंसले; उम्र की बंदिशों को बौना कर बिखेरा ऐसा जादू, हर कोई रह गया दंग

जुब्बल में जला चार मंजिला मकान

स्टाफ  रिपोर्टर, रोहड़ू

जुब्बल तहसील के अंतर्गत प्रोंठी गांव में बुधवार शाम चार मंजिला मकान आग की भेंट चढ़ गया। इस भीषण अग्निकांड में 32 कमरे राख हो गए और पचास लाख रुपए से अधिक की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह अग्निकांड बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे हुआ। आगजनी के समय घर पर कोई भी मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों ने घर से धुंआ उठता देखा, तो इसकी सूचना अग्निशमन केंद्र को दी। सूचना मिलने के बाद दमकल वाहन मौके पर पहुंचे तथा राहत कार्य शुरू किया।

स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में अपना पूरा सहयोग किया। इमारती लकड़ी से बना मकान देखते ही देखते आग की लपटों से घिर गया। मकान में कुल 32 कमरे थे। सभी पूरी तरह से राख हो गए। मकान में यशवंत नेगी पुत्र रोशन लाल नेगी परिवार सहित रहते थे। अग्निशमन केंद्र रोहडू प्रभारी लायक राम शर्मा ने बताया कि आगजनी की घटना में पचास लाख रुपए से अधिक का नुकसान आंका जा रहा है। आग पर काबू पा लिया गया है।

मनाली में आधी रात सुलगा घर, चार परिवार बेघर

निजी संवाददाता, मनाली

उपमंडल मनाली के भनारा गांव में मंगनवार आधरी रात को आग लगने से एक मकान राख हो गया। मकान में चार परिवार रहते थे। नाथू राम पुत्र लछु, घनथु राम पुत्र रामु, कास्तु राम पुत्र जोग राज व दिले राम पुत्र शिवु के परिवारों आग लगने से लगभग 10 लाख का नुकसान हुआ है। मंगलवार आधी रात 12 बजे जैसे ही ग्रामीणों को आग लगने की सूचना मिली, वे घटनास्थल  की ओर भागे, लेकिन देखते ही देखते आग ने पूरे मकान को अपने आगोश में ले लिया।

 सब फायर ऑफिसर प्रेम सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही फायरकर्मी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पूरा मकान आग की चपेट में आ गया था। आग से चार परिवारों को लगभग 10 लाख का नुकसान हुआ है, जबकि साथ लगती 25 लाख की संपत्ति को बचा लिया गया है। एसपी कुल्लू गौरव सिंह ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

पवन कुमार शर्मा — धर्मशाला     

कांगड़ा जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 29 को धर्मशाला आकर जिला परिषद सदस्यों से मुलाकात करेंगे। 54 सदस्यों वाली प्रदेश की सबसे बड़ी जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनावों को लेकर हर बार खूब गहमागहमी रहती है। कई बार यहां क्रॉस वोट करने के मामले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में अब मंत्री के एकजुटता के पाठ पढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर स्वयं 29 जनवरी को यहां आकर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के नाम पर मुहर लगाएंगे।

कांगड़ा जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव 30 जनवरी को होगा। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। सत्ताधारी दल की ओर से वन युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया मोर्चा संभाले हुए शपथ ग्रहण समारोह के समय करीब एक घंटा जिला परिषद हाल के बाहर ही खड़े रहे। जैसे ही जिला परिषद सदस्य बाहर निकले, उन्हें अपने साथ एक निजी होटल में ले गए। वहीं, उनके साथ लंच डिप्लोमेसी कर आगामी प्लान बनाया गया।

इस दौरान भाजपा के कुछ चुनिंदा विधायक ही उनके साथ दिखे। अधिकतर नेता नदारद रहे। भाजपा की बुधवार को शपथ ग्रहण समारोह के बाद हुई बैठक में 32 जिला परिषद सदस्य उपस्थित थे। हालांकि भाजपा 38 का दावा कर रही है। उधर, जिला परिषद शपथ ग्रहण समारोह के समय विपक्षी दल कांग्रेस का एका जबरदस्त दिखा। उनके जिला परिषद सदस्यों को भाजपा सत्ता के बूते अपने साथ न ले जाए, इसके लिए कांग्रेस के तमाम नेता धर्मशाला पहुंचे हुए थे। कांग्रेसी निर्दलीय व अपने विचार के सभी लोगों को साथ लेकर चलने की योजना पर काम कर रहे हैं। ऐसे में भले ही सत्ताधारी दल संख्या में अधिक सदस्य अपने साथ दिखाकर अध्यक्ष-उपाध्यक्ष बनाने का दावा कर रही हो, लेकिन विपक्ष भी आसानी से चुनाव होने देने वाला नहीं है। ऐसे में अब दोनों ओर से अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर पार्टी के पार्षद को बिठाने के लिए शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही जोड़-तोड़ शुरू हो गया है।

हमीरपुर से आए राजेंद्र राणा

जिला परिषद अध्यक्ष के लिए होने वाले चुनाव पर रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस की तरफ से हमीरपुर से राजेंद्र राणा विशेष रूप से यहां पहुंचे हुए थे। इनके अलावा पूर्व मंत्री जीएस बाली, पूर्व सांसद विपल्व ठाकुर, पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा, विधायक पवन काजल, पूर्व सांसद चंद्र कुमार, पूर्व विधायक जगजीवन पाल, जिलाध्यक्ष अजय महाजन और प्रदेश महासचिव केवल पठानिया सहित कांग्रेस के अन्य नेता भी कांग्रेस की रणनीतिक बैठक में मौजूद रहे।

भाजपा में भी घंटों चला मंथन

भाजपा की ओर से राकेश पठानिया कुछ चुनिंदा विधायकों के साथ जिला परिषद अध्यक्ष के लिए तमाम पार्षदों को एकजुट कर अपने साथ ले गए और घंटों मंथन किया। बताया जा रहा है कि 29 जनवरी को राकेश पठानिया तमाम जिला परिषद के सदस्यों की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ बैठक करवाने वाले हैं। इसके बाद 30 जनवरी को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव हो सकता है।

शिमला।

गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारतीय तटरक्षक बल के महा निरीक्षक देवराज शर्मा को राष्ट्रपति तटरक्षक मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। तटरक्षक बल के महा निरीक्षक देवराज शर्मा संजौली के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह बल के ईस्टर सी बोर्ड में उपमहानिदेशक तकनीकी के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले भी देवराज शर्मा को विशिष्ट सेवाओं के लिए 1997 में तटरक्षक मेडल से नवाजा जा चुका है।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — मंडी

जिला परिषद मंडी का अगला चैयरमैन कौन होगा, इसका निर्णय गुरुवार को हो जाएगा। एक दिवसीय दौरे के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंडी पहुंच रहे हैं और उनका रात्री ठहराव भी मंडी में ही है, जबकि शुक्रवार को जिला परिषद के मंडी के चैयरमैन व वाइस चैयरमैन का चुनाव होना है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष भाजपा अपने जीते हुए जिला परिषद सदस्यों की परेड भी करवाएगी। इसके साथ भाजपा के बागी के रूप में जीतने वाले जिला परिषद के बडे़ चेहरे भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलेंगे। इस बार जिला परिषद चैयरमैन का पद अनारक्षित है। ऐसे में इस बार किसी पुरुष को सरदारी मिलने के पूरे आसार बताए जा रहे हैं। पुख्ता सूत्रों के मुताबिक नए युवा चेहरे को भाजपा जिला परिषद का अध्यक्ष बना सकती है।

 हालांकि महेंद्र सिंह ठाकुर की बेटी वंदना गुलेरिया भी जिला परिषद चेयरमैन की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं, लेकिन इस बार जिला परिषद अध्यक्ष का पद अनारक्षित होने के कारण महिला का अध्यक्ष बनना मुशिकल हो गया है। सूत्रों के मुताबिक जिला परिषद के वाइस चेयरमैन पद वंदना गुलेरिया और लोअर रिवालसर वार्ड से जीतकर आई युवा नेत्री ज्ञानशील वक्ता प्रियंता शर्मा में किसी एक को मौका मिल सकता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सराज विधानसभा से जीती दो भाजपा नेत्री दावेदारी में हैं। उधर, जिला परिषद अध्यक्ष को लेकर कई नाम चले हुए हैं।

बचपन के शौक ने मेडिकल स्टूडेंट को बना दिया कला का महारथी; उम्र की बंदिशों को बौना कर बिखेरा ऐसा जादू, हर कोई रह गया दंग

एन भारती — नादौन

नादौन के नौहंगी गांव के करतार सिंह सौंखले को भारत सरकार की ओर से पद्मश्री अवार्ड की घोषणा की गई है। करतार सिंह बांस का प्रयोग कर कलाकृतियां बनाते हैं। अधिकांश कलाकृतियां उन्होंने शीशे की बोतल के अंदर बनाई हैं, जिसमें से भगवान शिव परिवार, राधा कृष्ण, अब्दुल कलाम, साई बाबा सहित दुनिया की कई धरोहरों की कृतियां बनाई हैं। इसके अलावा बोतल के बाहर भी बांस की कई ऐसी अद्भुत कृतियां बनाई हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने अपनी कला को और अधिक उभारा। करतार सिंह का बचपन उनके पैतृक गांव नादौन के गलोड़ क्षेत्र के रूटेहड़ गांव में बीता। हायर सेकेंडरी तक की शिक्षा उन्होंने गलोड़ स्कूल से हासिल की। 1959 में जन्मे करतार सिंह ने बिलासपुर कालेज से स्नातक की डिग्री हासिल की और उसके बाद उन्होंने डी फार्मेसी की।

 1986 में उनकी नियुक्ति एनआईआईटी हमीरपुर में बतौर फार्मासिस्ट हो गई। वर्ष 1987 में उनका विवाह सुनीता देवी से हुआ, जो कि वर्तमान में कांगड़ा जिला के कूहना स्कूल में बतौर प्रवक्ता अपनी सेवाएं दे रही हैं। वर्ष 2019 में ही वह चीफ फार्मासिस्ट सेवानिवृत्त हुए हैं। करतार सिंह ने बताया कि बचपन से ही उन्हें बांस से बनी वस्तुओं से लगाव था और गत 20 वर्षों से वह उस कला से कलाकृतियां बना रहे हैं। वह अपनी कलाकृतियां बेचते नहीं, बल्कि सहेज कर रखते हैं। अब वह सरकार की मदद से एक म्यूजियम बनाना चाहते हैं। पत्नी सुनीता देवी स्कूल में प्रवक्ता हैं तथा पुत्र केतन फिजियोथैरेपिस्ट हैं। केतन ने पिता की कला को उचित सम्मान दिलाने के लिए काफी मेहनत की। पूरे परिवार ने केंद्र व प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है। करतार सिंह युवाओं को कला सिखाना चाहते हैं, जिसके लिए वह प्रयासरत हैं। वह सरकार के सहयोग से कलाकृतियों व उनके प्रशिक्षण के लिए एक म्यूजियम बनाना चाहते हैं, ताकि आने वाली पीढ़ी को इससे प्रेरणा मिल सके।

कई अवार्ड किए अपने नाम

सबसे पहले उन्हें उनकी कला के लिए एक प्रदर्शनी के दौरान सुजानपुर में हमीर गौरव का सम्मान मिला था, जिससे उत्साहित होकर जब आगे बढ़े, तो 2020 में ही इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड तथा इसी वर्ष प्रतिष्ठित एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड का सम्मान उन्हें मिला। इस अवार्ड की विशेषता रही कि उन्हें ग्रैंड मास्टर की उपाधि भी दी गई, जो कि बहुत प्रतिष्ठा की बात है।

सूखे बांस में रंगों से फूंकी जान बंद बोतल में बसा दिए भगवान

कार्यालय संवाददाता — नादौन

बचपन के शौक ने एक मेडिकल स्टूडेंट को कला का ऐसा महारथी बना दिया, जिसकी कलाकृतियां देखहर कोई दंग रह जाए। इस महारत के कारण आज भारत सरकार उन्हें प्रतिष्ठित सम्मान पद्मश्री से सम्मानित करने जा रही है। अपने शौक को जुनून में बदलकर करतार सिंह सौंखले ने उम्र की बंदिशों को भी बौना कर दिया और आज उनकी कला का जादू हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है। करतार सिंह अपनी कला में इतने माहिर हैं कि उन्होंने बांस की तीलियों का प्रयोग कर व उनमें रंग भर कर दुनिया की बड़ी से बड़ी धरोहर को शीशे की बोतल में कैद करके अपनी काबिलियत का प्रदर्शन किया है। रंगों व फेविकोल का प्रयोग कर सूक्ष्म औजारों के माध्यम से वह शीशे की बोतल के अंदर ही कलाकृति का निर्माण करते हैं, जिसके लिए उन्हें कई दिन तक मेहनत करनी पड़ती है। इस कार्य के लिए उन्हें दिन में घंटों एकाग्रता की आवश्यकता रहती है।