Tuesday, June 15, 2021 12:02 PM

केंद्र का किसानों को तोहफा, 62 फीसदी तक बढ़ाया खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य

कोरोना की मार के बीच 62 फीसदी तक बढ़ाया खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

मोदी कैबिनेट ने बुधवार को धान सहित कई खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 50 से 62 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। धान (सामान्य) की एमएसपी पिछले साल के 1868 रुपए प्रति क्विंटल से 72 रुपए बढ़ाकर 1940 रुपए प्रति क्विंटल की गई है। धान के अलावा तिल की एमएसपी 452 रुपए, तुअर और उड़द दाल की 300 रुपए बढ़ाई गई है। कोरोना महामारी के दौरान लगातार दूसरे साल सरकार ने खरीफ की फसलों का एमएसपी बढ़ाया है। उधर, बाजरा पर एमएसपी बढ़ाकर 2150 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2250 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। इसकी जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय मंत्री हैं। प्रकाश जावड़ेकर ने दी। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विगत सात साल में किसान के पक्ष में बड़े निर्णय हुए हैं, ताकि किसानों की आमदनी बढ़ सके और उनमें ख़ुशहाली आ सके। एमएसपी 2018 से लागत पर 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर घोषित की जाती है।

 पिछले साल पहली जून को 14 खरीफ फसलों की एमएसपी बढ़ाई गई थी। 2020-21 में धान की एमएसपी को 1815 से बढ़ाकर 1868 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया था। श्री तोमर बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक पूरे देश से इस साल करीब 416.44 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 371.33 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। पिछले साल के मुकाबले इस बार एमएसपी पर 12.14 प्रतिशत ज्यादा खरीद हुई है। गेहूं खरीद में टॉप 5 राज्यों में पंजाब, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं। कुल खरीद में 132.1 लाख मीट्रिक टन के साथ सबसे ऊपर है, दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश है जहां 128.08 एलएमटी की खरीद हुई है जबकि 84.93 एलएमटी के साथ तीसरे नंबर पर हरियाणा और 45.78 एलएमटी के साथ उत्तर प्रदेश चौथे नंबर पर है।

प्रधानमंत्री आवास में 3.61 लाख मकानों को मंजूरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत 3.61 लाख मकानों के  निर्माण के लिए 708 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि योजना के तहत केंद्रीय मंजूरी और निगरानी समिति (सीएसएमसी) की 54 वीं बैठक में इन प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया। बैठक में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।